Thursday, April 30, 2020

मुंबई के धारावी में कोविड-19 के 25 नए मामले

मुंबई, 30 अप्रैल।  मुंबई के धारावी में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 25 नए मामले सामने आने के साथ ही क्षेत्र में अभी तक 369 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिक (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि नए मामले शिव शक्ति नगर, शास्त्री नगर, पीएमजीपी कालोनी, धोरवाड़ा, ट्रांजिट कैंप, इंदिरा नगर, मुस्लिम नगर, चौगुले चाल और कुछ अन्य इलाकों से आए हैं।उन्होंने बताया कि धारावी में संक्रमण से अभी तक 18 लोगों की मौत हुई है। आने के साथ ही क्षेत्र में अभी तक 369 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिक (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि नए मामले शिव शक्ति नगर, शास्त्री नगर, पीएमजीपी कालोनी, धोरवाड़ा, ट्रांजिट कैंप, इंदिरा नगर, मुस्लिम नगर, चौगुले चाल और कुछ अन्य इलाकों से आए हैं। उन्होंने बताया कि धारावी में संक्रमण से अभी तक 18 लोगों की मौत हुई है।


लखनऊ में छह लोगों की हत्या, जमीन के लिए पिता-पुत्र ने परिवार के सदस्यों को धारदार हथियार से काट डाला

लखनऊ, 30 अप्रैल। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बंथरा इलाके के गुदौली गांव में गुरुवार को जमीनी बंटवारे के विवाद में पिता-पुत्र ने परिवार के छह लोगों की धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी। दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम देने के बाद पिता-पुत्र खून से सना बांका लेकर घर की तरफ चल दिए।इस दौरान खेत में पिता,भाई, भाभी, भतीजी और भतीजे के शव फेंक कर भाग रहे आरोपियों के बारे में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। 



एसीपी कृष्णानगर दीपक सिंह ने बताया कि गुदौली निवासी अमर सिंह के दो बेटे अरुण सिंह व अजय सिंह हैं। अमर ने करीब बीस साल पहले अजय सिंह को परिवार से अलग कर दिया था। लेकिन वह जमीन पर अपना हक जताता था। तीन साल पहले करीब अमर ने तीन बिसवां जमीन बेची थी। अजय पिता से जमीन बेच कर हासिल हुए रुपयों में हिस्सा मांग रहा था। इसी बात को  लेकर परिवार में विवाद चल रहा था।


गुरुवार को अजय सिंह ने बेटे अंकित के साथ मिल कर मां रामसखी की हत्या कर दी। इसके बाद पिता-पुत्र खेत में जा पहुंचे। जहां अमर सिंह बेटे अरुण, बहू रामदुलारी, पोती सारिका (2) व पोते सौरभ (9) के साथ मौजूद थे। अरुण व अंकित ने खेत में काम कर रहे अमर सिंह पर बांके से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। जान बचाने के लिए अमर शोर मचाने लगे। भाई और भतीजे को पिता पर हमला करते देख अरुण सिंह मदद के लिए दौड़ पड़े। इस पर पिता-पुत्र ने अमर सिंह और अरुण सिंह की हत्या कर दी। अरुण की पत्नी रामदुलारी ने आरोपियों से मोर्चा लेने का प्रयास किया। इस पर अजय ने भाभी, भतीजे और भतीजी को भी मौत के घाट उतार दिया और
हत्या कर भाग रहे अजय और अंकित सिंह को ग्रामीणों ने घेरने का प्रयास किया। इस बीच अजय सिंह भाग कर बंथरा थाने पहुंच गया। उसने पुलिस के सामने सनसनीखेज वारदात की हकीकत बयां की। जिसे सुन कर पुलिस कर्मी भी सन्न रह गए। आनन-फानन में अजय को हिरासत में लेकर पुलिस टीम गुदौली गांव रवाना हो गई। जहां से अमर सिंह, रामदुलारी, अरुण, रामसखी, सौरभ व सारिका के शव बरामद किए गए। इंस्पेक्टर बंथरा रमेश रावत ने बताया कि अजय व उसकी पत्नी रुपा को हिरासत में लिया गया है। वहीं फरार अंकित की तलाश की जा रही है।


हाईवे पर बहरहा नालियों का गन्दा पानी


गोण्डा- हाईवे पर बसा पुराना खोरहंसा बाजार अपने जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण घरों से निकलने वाला  गन्दा पानी  उफनाकर हाईवे पर बह रहा है। सडकों के किनारे तालाब की शक्ल में भरा हुआ गन्दा पानी देख कर बेशर्म जिम्मेदारों को शर्म भी नहीं आती है।
सरायजरगर व खोरहसा ग्राम पंचायत में बसा यह बदकिस्मत पुराना बाजार समय के साथ साथ कई बदलाव का गवाह है। परन्तु इसके अपने लापरवाह जिम्मेदारों के कारण इस बाजार में कोई परिवर्तन आजादी के सात दशक के बाद भी नहीं आया है। टूटी - फूटी गन्दगी व पालीथीन से भरी नालियां स्वयं अपनी कहानी राहगीरों को सुनाने के लिए विवश हैं।नालियों की साफ सफाई और पानी निकासी की कोई व्यवस्था न होने से मई के गर्म महीने में भी हाईवे पर गन्दा पानी बहरहा है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय लम्बे चौड़े वादे करने वाले भी नजर उठाकर इस तरफ देखना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। सरायजरगर व खोरहसा ग्राम पंचायतों का गन्दगी को लेकर यह हाल उस समय है जब सभी राजस्व ग्राम में साफ सफाई के लिए सफाईकर्मी की नियुक्ति की गई है। दोनों  पंचायतों के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हाईवे पर बह रहे गन्दे पानी की समस्या पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वे दोनों इस समस्या के लिए एक दूसरे को  जिम्मेदार बता कर अपनी खुद की जिम्मेदारी को पूरा समझ रहे हैं।


सफ़र लंबा होने की वजह से पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाईं रिद्ध‍िमा कपूर

मुंबई/दिल्ली - हिंदी सिनेमा के एक और चमकते सितारे एक्टर ऋष‍ि कपूर ने 30 अप्रैल 2020 को अलिवदा कह दिया। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के 20 लोग मौजूद रहे. दुखद बात यह रही कि उनके अंतिम संस्कार में बेटी रिद्ध‍िमा चाहकर भी पहुंच नहीं पाईं. हालांकि उन्हें गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस ने मूवमेंट पास दे दिया था लेकिन मुंबई तक का सफर लंबा होनके की वजह से वे पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाईं।



ऋष‍ि कपूर का अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी श्मशान घाट में इलेक्ट्र‍िक प्रणाली से किया गया। इस मौके पर सैफ अली खान, करीना कपूर खान, आलिया भट्ट, अभ‍िषेक बच्चन, नीतू कपूर, आदर जैन, कुणाल कपूर समेत कपूर परिवार के नजदीकी लो शामिल थे। उन्हें अंतिम विदाई देने पांच अन्य नजदीकी लोग भी शामिल हुए। ऋषि का निधन पूरे कपूर खानदान के लिए बड़ा झटका है। खासकर नीतू कपूर, रणबीर और रिद्धिमा कपूर के लिए इस दुखद घड़ी का सामना करना बेहद चुनौतीपूर्ण है।


रिपोर्ट के मुताबिक रिद्ध‍िमा दिल्ली में रहती हैं। लॉकडाउन की वजह से उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऋष‍ि के दिल्ली में मौजूद रिश्तेदारों को सड़क के रास्ते मुंबई लाने की परमिशन मिल गई है। ऋषि कपूर की बेटी ने साऊथ ईस्ट डीसीपी से मूवमेंट पास की परमिशन दी थी। सुबह 10.30 बजे उनकी परमिशन अप्रूव्ड कर दी गई थी. उन्होंने वाया रोड जाने की तैयारी उनकी बेटी रिद्ध‍िमा ने कर ली थी लेकिन उन्हें 14 से 15 घंटे मुंबई पहुंचने में लग जाते। ऐसे में बीएमसी ने ये साफ कहा कि हालात देखते हुए तीन बजे तक अंतिम संस्कार करना ही होगा। रिद्धि‍मा और बाकी परिवार वालों ने फिर उनके नहीं आने पर ही सहमति बनाई। हालांकि ऋषि कपूर की बेटी उनके बहुत करीब रहीं. उनका नहीं पहुंच पाना परिवार के लिए और खुद रिद्ध‍िमा के लिए मुश्किल फैसला रहा।


औरंगाबाद से आये 15 लोगों को किया गया क्वारंटीन


गोण्डा - कोरोना वायरस के चलते लाकडाउन के समय चिशतीपुर निवासी  बाहर से आये 14 लोगों को जिला अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद क्वारंटाइन किया गया है।महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक सोफा फैक्ट्री में चिशतीपुर फकीरचक के 15 युवक रोजी रोटी कमाने के लिए काम करते थे। कोरोना वायरस से बचाव के लिए किये गये लाकडाउन में यह सभी लोग वहीं फंस गये थे। यह मजदूरों कुछ दिनों तक वहां लाकडाउन के समय रहे। लाकडाउन दोबारा बढ़ाजाने के कारण इनके पास खाने और रहने की समस्या आने लगी। मालिक से कोई मदद न मिलने से परेशान यह सभी मजदूर अपने वतन आने के लिए मजबूर होगये।


मजदूरों ने बताया कि वहां से सभी लोग 23 अप्रैल को पैदल ही चले। रास्ते में ट्रक, डीसीएस, पिकअप जो भी साधन मिला हम सभी आगे आगे बढ़ते रहे। रास्ते में कोई साधन न मिलने पर पैदल चलना जारी रखा।मजदूरों ने बताया कि वे उरई, भोपाल, झांसी, कानपुर के रास्ते होते हुए सभी लोग अयोध्या पहुंचे। तब उन्होंने चिशतीपुर प्रधान प्रतिनिधि पुत्तन भाई को फोन कर अपने आने की सूचना दी। प्रधान प्रतिनिधि पुत्तन भाई ने वाहन की व्यवस्था कर मजदूरों को अयोध्या से खोरहसा लाने की व्यवस्था की। हलका लेखपाल सुशील कुमार श्रीवास्तव ने आला अधिकारियों से बात कर सभी मजदूरों को जिला अस्पताल भेजवाया। शुरुआती जांच के बाद सभी को खोरहसा स्थिति एजाज इण्टर कालेज के क्वारंटाइनधल सेन्टर में क्वारंटाइन किया गया है। प्रधान प्रतिनिधि पुत्तन भाई, पूर्व प्रधान कायम अली, शकील अहमद शाह ने मजदूरों के लिए जलपान की व्यवस्था की।


अलविदा ऋषि कपूर।


बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर का मुंबई में मरीन लाइंस के चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। दोपहर 3.45 बजे उनका पार्थिव शरीर श्मशान घाट लाया गया था. जिसके बाद श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया. श्मशान घाट में शव लाने के बाद करीब आधे घंटे के अंदर ही ऋषि कपूर के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। दो साल तक कैंसर से लड़ाई लड़ने के बाद बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर का आज निधन हो गया. मुंबई के गिरगांव इलाके में स्थित सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में ऋषि कपूर ने आज सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर आखिरी सांस ली. ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया गया. लॉकडाउन की वजह से सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी गई थी।


अंतिम संस्कार के दौरान मुंबई पुलिस ने नीतू कपूर, रीमा जैन, मनोज जैन, अरमान जैन, आदर जैन, अनीषा जैन, राजीव कपूर, रणधीर कपूर, सैफ अली खान, करीना कपूर खान, बिमल पारिख, नताशा नंदन, अभिषेक बच्चन, डॉक्टर तरंग, आलिया भट्ट, अयान मुखर्जी, जय राम, रोहित धवन, राहुल रवैल को मौजूद रहने की इजाजत दी थी।


Wednesday, April 29, 2020

जर्मनी की कंपनी ने शुरू किया Covid 19 के टीके का ट्रायल


बर्लिन। जर्मन औषधि कंपनी बायोएनटेक ने कहा है कि उसने स्वयंसेवियों पर कोविड-19 के एक संभावित टीके का परीक्षण शुरू कर दिया है। अमेरिकी औषधि कंपनी फाइजर के साथ काम कर रही बायोएनटेक ने बुधवार को कहा कि जर्मनी में 23 अप्रैल से 12 स्वयंसेवियों पर बीएनटी 126 टीके का चिकित्सीय परीक्षण किया गया है।

(फ़ाइल फ़ोटो)

 

उल्लेखनीय है कि वैश्विक महामारी का कारण बने

कोरोना वायरस के लिए टीका विकसित करने की खातिर कई औषधि कंपनियां जुटी हुई हैं। इस वैश्विक महामारी से अब तक दुनियाभर में 2,15,000 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं और 30 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं।

बायोएनटेक ने एक बयान में कहा है कि अगले कदम के तौर पर यह परीक्षण में बीएनटी 162 की खुराक बढ़ाना शुरू करेगा। परीक्षण में करीब 200 लोग शामिल हो रहे हैं जिनकी उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच है। कंपनी ने कहा है कि उसे जल्द ही अमेरिका में परीक्षण शुरू करने के लिए नियामक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।


अलविदा इरफ़ान।

एक्टर इरफान खान का मुंबई के एक अस्पताल में बुधवार को निधन हो गया। वह 53 साल के थे और लंबे समय से एक दुलर्भ किस्म के कैंसर से जंग लड़ रहे थे। इरफान को 2018 में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हुआ था। उनके परिवार में पत्नी सुतापा और दो बेटे बाबिल और अयान हैं। परिवार को एक सप्ताह में लगा यह दूसरा झटका है। 'मकबूल' अभिनेता की 95 वर्षीय मां सईदा बेगम का चार दिन पहले ही जयपुर में इंतकाल हुआ था। अभिनेता कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे।



इरफान खान ने केवल देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया। खान को मलाशय संक्रमण के कारण मंगलवार को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनके निधन के संबंध में जारी एक बयान में कहा गया है, 'यह काफी दुखद है कि आज हमें उनके निधन की खबर बतानी पड़ रही है। इरफान एक मजबूत इंसान थे, जिन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी और अपने संपर्क में आने वाले हर शख्स को प्रेरित किया। 2018 में एक दुर्लभ किस्म का कैंसर होने के बाद उन्होंने उससे लड़ाई लड़ी और जीवन के हर मोर्चे पर उन्होंने संघर्ष किया।' बयान के अनुसार, 'अपने प्रियजनों, अपने परिवार के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे एक महान विरासत छोड़ गए। हम दुआ करते हैं कि उन्हें शांति मिले। और हम उनके द्वारा कहे शब्दों को दोहराएंगे कि 'ये इतना जादुई था, जैसे कि मैं पहली बार जिंदगी का स्वाद चख रहा था।' 


फिल्म 'पीकू' के निर्देशक शूजित सिरकार ने अभिनेता के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, 'मेरे प्रिय मित्र इरफान। तुम लड़े, लड़े और लड़ते रहे। मुझे हमेशा तुम पर गर्व रहेगा.... हम दोबारा मिलेंगे...सुतापा और बाबिल को मेरी संवेदनाएं... तुमने भी लड़ाई लड़ी.... सुतापा तुमने इस लड़ाई में अपना सब कुछ दिया। ओम शांति। इरफान खान तुम्हें सलाम।' बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर लिखा कि इरफान खान के निधन की खबर मिल रही है।  यह एक परेशान करने वाली और दुखद खबर है। अविश्वसनीय प्रतिभा .. महान सहयोगी .. सिनेमा की दुनिया के लिए एक शानदार योगदानकर्ता.. हमें बहुत जल्द छोड़ दिया।


इरफान खान के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया


फिल्म अभिनेता इरफान खान का 53 साल की उम्र में निधन हो गया। बॉलीवुड एक्टर इरफान खान के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि इरफान खान का निधन सिनेमा और रंगमंच की दुनिया के लिए एक क्षति है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके इरफान की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद मंगलवार को उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इरफान कैंसर से पीड़ित थे और कुछ महीने पहले ही लंबे समय तक विदेश में इलाज कराके लौटे थे। आखिरी बार वो फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम'  में नजर आए थे।


पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'इरफान खान का निधन सिनेमा और रंगमंच की दुनिया के लिए एक क्षति है। उन्हें विभिन्न माध्यमों में उनके बहुमुखी प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा। मेरे विचार उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।'


बरेली में कोरोना से पहली मौत

(फ़ाइल फ़ोटो)


बरेली। हजियापुर के कोरोना पॉजिटिव की मंगलवार रात मौत हो गयी। बरेली में यह कोरोना पॉजिटिव की मौत का पहला मामला है. हजियापुर निवासी इस छोलाछाप कोरोना संक्रमित मरीज की जांच सोमवार को पॉजिटिव आयी थी। लंबे समय से हार्ट, अस्थमा और डायबिटीज से परेशान इस 37 वर्षीय व्यक्ति की तबियत शनिवार को काफी खराब हो गयी थी. तब इसे परिजन जिला अस्पताल ले गये थे. वहां से कोरोना के सिम्टम होने से सैंपल लेकर इसे 300 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में क्वारंटीन किया गया. हालत ज्यादा बिगड़ने पर प्रशासन ने इसे निजी अस्पताल भेजा और स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर युवक को निजी मेडिकल कालेज ले जाया गया. सोमवार को इसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी. गंभीर होने के चलते इलाज के दौरान मंगलवार देर रात करीब तीन बजे इसकी मौत हो गयी. शव को मोर्चरी में रखवा कर जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गयी है. स्वास्थ्य विभाग को इसका शव सौंपा जाएगा. गिने चुने परिजनों की मौजूदगी में प्रशासनिक अफसर ही इसे सुपुर्दे खाक करेंगे. युवक की पत्नी और इसके संपर्क में आने वाले अन्य दो रिश्तेदारों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।


रिपोर्ट- विकास वर्मा (बरेली)


Tuesday, April 28, 2020

लॉकडाउन : कर्मचारियों को वेतन देने के आदेश के खिलाफ याचिका पर न्यायालय ने केन्द्र से मांगा जवाब

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल।  उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 संक्रमण फैलने से रोकने के लिये लागू लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर केन्द्र से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई के दौरान केन्द्र को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने संबंधी गृह मंत्रालय की अधिसूचना को नागरीका एक्सपोर्ट्स और फिक्स पैक्स प्रा लि सहित तीन निजी कंपनियों ने चुनौती दी है।



पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘सॉलिसीटर जनरल (तुषार मेहता) इन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करना चाहते हैं। दो सप्ताह बाद इसे सूचीबद्ध किया जाये।’’ शीर्ष अदालत ने इन निजी फर्मों से कहा कि वे अपने आवेदनों की प्रति ई मेल के माध्यम से सॉलिसीटर जनरल को उपलब्ध करायें।


टेक्सटाइल फर्म नागरीका एक्सपोर्ट्स लि. ने फैक्टरियों के चालू नहीं होने के बावजूद अपने स्टाफ, ठेका मजदूरों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान पूरा वेतन देने के सरकार के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया है। इस फर्म ने अपनी याचिका में कहा है कि लॉकडाउन की वजह से फैक्टरियों में काम बंद होने की वजह से उसे अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।


याचिका में कहा गया है कि इसके अलावा सरकार ने 29 और 31 मार्च के आदेशों में सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का आदेश दिया है, जो करीब पौने दो करोड़ रुपए है। याचिका में कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के बारे में केन्द्र और महाराष्ट्र सरकार के आदेशों को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने इस मामले का निबटारा होने तक उसे अपने कामगारों को 50 प्रतिशत वेतन का भुगतान करने की अनुमति भी मांगी है।


बरेली कोरोना फ्री घोषित होने के बाद दूसरा संक्रमित युवक मिलने से मचा हड़कम्प


बरेली। कोरोना फ्री घोषित होने के बाद जिले में दूसरा संक्रमित युवक मिलने से हड़कम्प मच गया है। आंवला तहसील के रामनगर ब्लॉक के एक युवक में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। युवक कुछ दिन पहले मुंबई से ट्रक में बैठ कर आया था। लक्षण मिलने पर उसका सैम्पल जांच के लिए भेजा गया था। मंगलवार शाम आई रिपोर्ट में युवक में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है साथ ही उसके परिवार के सदस्यों के भी सैम्पल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। परिवार के लोगों को क्वारेन्टीन किया गया है। इसके पहले सोमवार को हजियापुर में भी एक झोलाछाप संक्रमित मिला था। अब बरेली में कोरोना के दो एक्टिव केस हो गए हैं।


मुम्बई से लौटा युवक


सीएमओ विनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि रामनगर में एक 20 वर्षीय युवक की रिपोर्ट आई है जिसमे युवक में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। युवक मुम्बई से आया था और उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि हजियापुर में सोमवार को मिले संक्रमित युवक के संपर्क में आए लोगों की रिपोर्ट भी आ गई है। किसी में भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।


6 मरीज हुए ठीक


इसके पहले जिले में 29 मार्च को कोरोना का पहला केस आया था। सीजफायर कम्पनी का कर्मचारी नोयडा से संक्रमण लेकर आया था। युवक के साथ ही उसके माता-पिता ,भाई-बहन और पत्नी में संक्रमण पाया गया था सभी का जिला अस्पताल में इलाज किया गया था और वो स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं जिसके कारण बरेली कोरोना फ्री हो गया था।


रिपोर्ट- विकास वर्मा (बरेली)


COVID-19 : पूरी दुनिया में 2 लाख 11 हजार लोगों की मौत, 30 लाख से ज्यादा संक्रमित

नई दिल्ली । दुनियाभर में कोरोना वायरस का कोहराम जारी है। दुनिया के देशों में  कोरोना वायरस के मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके मरीजों की संख्या 30 लाख के करीब पहुंचने वाली है। खतरनाक वायरस 2 लाख से ज्यादा लोगों को मौत के मुंह में पहुंचा चुका है।  भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या सोमवार को 872 हो गई और संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 27,892 पर पहुंच गई । 




भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 28,380 हुई, 886 लोगों की मौत । 24 घंटों के दौरान देश में अब तक सर्वाधिक 60 लोगों की मौत। सोमवार को 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 1463 नए मामले सामने आए।

 

महाराष्ट्र में 522 नए मामले सामने आए, कुल संख्या 8590 । सोमवार को 27 और लोगों की मौत, कुल मौतों की संख्या 369 । राज्य में कोरोना के संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 1282 । धारावी में कोरोना संक्रमण के 13 नए मामले, आंकड़ा 288 पहुंचा । मुंबई में 3 दिनों के भीतर 3 पुलिस कर्मियों की कोरोना से मौत । तीसरे पुलिस कर्मी को कई सरकारी अस्पतालों में भर्ती करने से मना किया था




कुर्ला यातायात मंडल में कार्यरत हेड कांस्टेबल ने केईएम में ली आखिरी सांस।

 

 

 

 





Monday, April 27, 2020

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सोनी नहीं रहे, जिले में शिक्षा व पत्रकारिता जगत में हुई अपूरणीय क्षति

जौनपुर, 27 अप्रैल। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मिहरावां गांव निवासी, खेतासराय स्थित केडी इंटर कालेज के संस्थापक प्रिंसिपल वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र सोनी ने सोमवार को तड़के अंतिम सांस लिया। 
वे पिछले चार साल से कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी मौत ने क्षेत्र के एक काबिल पत्रकार को खो दिया है।खबर लगते ही इलाके का माहौल गमगीन हो गया।


(फ़ाइल फ़ोटो)


राजेन्द्र सोनी का जन्म 68 वर्ष पूर्व मिहरावां गांव में हुआ था। उनकी मां का नाम कुमारी देवी (केडी) व पिता पालकधारी था।उन्हें युवा अवस्था में ही पत्रकारिता से बहुत लगाव था। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक समय दैनिक जागरण अखबार में बतौर बेहतरीन पत्रकार के रूप में काम किया। उन्होंने 1978 में खेतासराय स्थित स्टेशन गली में भारती शिक्षा निकेतन के नाम से एक शिक्षण संस्थान की शुरुआत की थी, जो आज केडी इंटर कालेज के नाम से विख्यात है।


जिसमें उन्होंने बतौर श्रमिक, शिक्षक, क्लर्क व संस्थापक प्रिंसिपल काम किया। अपनी बेहतरीन पत्रकारिता से उन्होंने न जाने कितने लोगों को जनपद ही नहीं प्रदेश में पहचान दिलाई। उनकी मौत ने जनपद का एक काबिल पत्रकार खो दिया है। वे पिछले चार साल से कैंसर बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने कभी इससे हार नहीं मानी। बल्कि अपने बच्चों और मिलने जुलने वालों को हिम्मत और जज्बा दिया करते थे।


उनके बड़े बेटे डॉ.नीरज सोनी ने बताया कि पिता जी का अंतिम संस्कार  सोमवार को वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुए जौनपुर (रामघाट) पर किया जाएगा।


बेसिक शिक्षकों को बनाया जायेगा कोरोना वारियर्स- सीएम योगी

लखनऊ। कोरोना के खिलाफ जंग में योगी सरकार ने पूरी ताकत झोंक रखी है, इसी क्रम में अब प्रदेश के डिग्री कॉलेजों से लेकर बेसिक टीचरों तक सभी को कोरोना वॉरियर्स बनाया जाएगा। इसके लिए सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि सभी को ट्रेनिंग दी जाए। अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर के लोग सभी को ट्रेनिंग देंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए हर जिले में मास्टर ट्रेनर्स की तैनाती की जाएगी। इस दौरान एक ऐप भी तैयार किया जाएगा, जिससे इन्हें नियमों का पालन करने में आसानी होगी।



अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस आपदा से निपटने के लिए गठित टीम-11 के साथ दैनिक बैठक करते हुए प्रदेश में आपदा की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ोत्तरी को आवश्यक बताते हुए जनसुविधाओं का समुचित ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में प्रदेश के दूसरे जिलों से आए छात्र-छात्राएं, जो लगभग 9 से 10 हजार हैं, इन्हें 300 बसें लगाकर इन्हें गृह जनपद पहुंचाने का आदेश हुआ है।
     डीएम और एसएसपी को आदेश जारी हो गए हैं, चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा. जो भी बसें प्रयागराज से भेजी जाएंगीं. ये प्रयागराज में तीन स्थानों से चलेंगीं।
    पहले चरण में ये 300 बसें, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर और चित्रकूट छात्र-छात्राओं को लेकर जाएंगीं।
     इसके बाद दूसरे चरण में प्रदेश के दूसरे जिलों जाएंगीं. यदि वहां कोई अन्य प्रदेश के छात्र होंगे तो उन्हें भी अनुमति मिल जाएगी। सभी से निवेदन है कि जल्दीबाजी न करें, दो दिन में ये व्यवस्था हो जाएगी। 
   प्रधानमंत्री से बैठक के बाद सीएम ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में 1 मई से खाद्यान्न का पुनः वितरण होगा. सीएम का आदेश है कि प्रदेश में L1, L2, L3 कोविड अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई जाए। पीपीई किट, मास्क आदि जिलों में पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
    अवनीश अवस्थी  ने बताया कि जनपदों में 15 से 20000 क्षमता वाले क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि हरियाणा से अब तक 328 बसों से 9992 मजदूर यूपी लाये गये हैं। इनका मेडिकल टेस्ट हो चुका है. इन्हें 349 बसों से गृह जनपद भेजा जा रहा है. सभी हरियाणा से आये हैं. उन्होंने बताया कि अभी तक कुल 12,200 श्रमिक वापस आए हैं। 
   उन्होंने बताया कि सीएम ने आज आगरा, लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, वाराणसी और गाजियाबाद में लॉक डाउन की समीक्षा की और नोडल अफसरों से जानकारी ली।
    इस दौरान उन्होंने विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा है कि मेडिकल इंफेक्शन बढ़ने न दिया जाए. हॉटस्पॉट में होम डिलेवरी की सुरक्षा मजबूत रहे. सीएम ने कहा कि हमारे प्रदेश में दूसरे प्रदेशों की तुलना में मृत्यु दर और कोरोना वृद्धि दर काफी कम है. जबकि आबादी हमारे यहां सबसे ज्यादा है।


न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश ने कोरोना से जंग जीत ली है

न्यूज़ीलैंड की सरकार ने दावा किया है कि उनके यहाँ कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन ख़त्म हो गया है और उन्होंने प्रभावी तरीक़े से इस वायरस का ख़ात्मा कर दिया है। पिछले कई दिनों से न्यूज़ीलैंड में इक्का-दुक्का कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं. रविवार को यहाँ सिर्फ़ एक मामला सामने आया था. न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने कहा है कि देश ने फ़िलहाल ये जंग जीत ली है।पीएम की इस घोषणा से कुछ ही घंटों पहले न्यूज़ीलैंड ने सामाजिक पाबंदियों के सख़्त दिशानिर्देशों में ढील दे दी थी। मंगलवार से कुछ ग़ैर-ज़रूरी बिज़नेस, हेल्थकेयर और शिक्षा क्षेत्र में गतिविधियाँ शुरू हो जाएँगी. लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस मामले में बेख़बर रहने की आवश्यकता नहीं है. ज़्यादातर लोग अभी भी घर में रहेंगे और लोगों से सामाजिक दूरियाँ बनाकर रखने को कहा गया है।


पाबंदियाँ पूरी तरह ख़त्म नहीं


प्रधानमंत्री अर्डर्न ने रोज़ाना होने वाली सरकारी ब्रीफ़िंग में बताया, "हम अर्थव्यवस्था को खोल रहे हैं, लेकिन अभी हम लोगों के सामाजिक जीवन पर लगी पाबंदियों को पूरी तरह ख़त्म नहीं कर रहे हैं." न्यूज़ीलैंड में अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 1500 मामले ही सामने आए हैं और 19 लोगों की मौत हुई है. न्यूज़ीलैंड में स्वास्थ्य मामलों के महानिदेशक एशले ब्लूमफ़ील्ड ने कहा है कि हाल के दिनों में कोरोना के कम मामलों ने हमें ये भरोसा दिया है कि हमने कोरोना को ख़त्म करने का अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है।लेकिन ब्लूमफ़ील्ड और पीएम आर्डर्न ने ये भी स्पष्ट किया है कि वायरस को ख़त्म करने की घोषणा का ये मतलब नहीं कि कोरोना संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आएगा. लेकिन इसका मतलब ये है कि ऐसे मामले बहुत कम होंगे और सरकार इनसे निपट लेगी।प्रधानमंत्री आर्डर्न ने कहा, "न्यूज़ीलैंड में व्यापक स्तर पर कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई मामला नहीं है. हमने जंग जीत ली है. लेकिन हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है।


समय रहते सख़्त क़दम


न्यूज़ीलैंड ने पहले कुछ मामलों के साथ ही कई कड़े क़दम उठा लिए थे. सरकार ने यातायात पर कड़ी पाबंदियाँ लगा दी थी. न्यूज़ीलैंड ने काफ़ी पहले अपनी सीमाएँ बंद कर दी थी, जो भी व्यक्ति देश में आया उसे क्वारंटीन पर भेजा गया। साथ ही लॉकडाउन को भी कड़ाई से लागू किया गया. साथ ही व्यापक स्तर पर टेस्टिंग और ट्रेसिंग को भी कारगर तरीक़े से लागू किया गया।


पीएम आर्डर्न ने कहा कि अगर न्यूज़ीलैंड ने लॉकडाउन को समय रहते लागू नहीं किया होता, तो उनके यहाँ भी प्रतिदिन हज़ार मामले सामने आते। उन्होंने कहा कि देश किसी बुरी स्थिति में होता, ये हम नहीं बता सकते, लेकिन कड़े और प्रभावी क़दमों से देश ने अपने को बुरी स्थिति में पहुँचने नहीं दिया। सोमवार को मध्यरात्रि से न्यूज़ीलैंड की सरकार ने लॉकडाउन लेवल-4 से लेवल-3 में आने की घोषणा की।


इसका मतलब ये हुआ कि अब वहाँ ज़्यादातर व्यावसायिक गतिविधियाँ शुरू हो जाएँगी, इनमें रेस्तरां भी शामिल हैं. लेकिन इन्हें सिर्फ़ डिलीवरी की अनुमति दी गई है ताकि लोगों में सामाजिक दूरी बनी रहे। लोगों को अपने परिवार के छोटे से ग्रुप में रहने की सलाह दी गई है और कहा गया है कि वे दो मीटर की दूरी बनाकर रहें. सामूहिक रूप के इकट्ठा होने पर अब भी रोक है, शॉपिंग सेंटर भी बंद रहेंगे और ज़्यादातर बच्चे स्कूल नहीं जा पाएँगे।साथ ही न्यूज़ीलैंड की सीमाएँ अब भी बंद रहेंगी।


बरेली प्रशासन ने ली राहत की सांस


बरेली। थाना बारादरी क्षेत्र के हजियापुर में आज मिले कोरोना पीड़ित की पत्नी सहित तीन लोगों की कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव, स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर को परिजनों का लिया था सैम्पल, प्रशासन ने ली राहत की सांस, ,सीएमओ  शुक्ला जी  और एसीएमओ डॉ रंजन गौतम ने की निगेटिव रिपोर्ट की पुष्टि, ivri की लैब में हुई है जांच।


रिपोर्ट - विकास वर्मा (बरेली)


 


उड़ी में भीषण गोलाबारी, 400 से अधिक आतंकी घुसपैठ को तैयार


जम्मू। पाकिस्तानी सेना ने उड़ी में मोर्चा खोल दिया है। समाचार लिखे जाने तक यहां दोनों तरफ से भीषण गोलाबारी जारी है। भारतीय सेना की तरफ से इस गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पाक सेना अपने 400 से ज्यादा आतंकियों को भारत में धकेलने के लिए कवर फायर दे रही है, जिसके लिए वह संघर्ष विराम का भी उल्लंघन कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। एलओसी पार से भारी गोलाबारी की जा रही है। वहीं भारतीय सेना पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का माकूल जवाब दे रही है।




भारत में घुसपैठ के लिए पीओके में 400 आतंकी तैयार बैठे हैं। इसके लिए पीओके में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने 16 लांचिंग पैड सक्रिय कर दिए हैं। आतंकियों के घुसपैठ के लिए तैयार रहने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सेना ने नियंत्रण रेखा पर जवानों को अलर्ट कर दिया है। घुसपैठ रोधी दस्ते और आतंकवाद निरोधक बल को और सतर्क रहने को कहा गया है। जम्मू। पाकिस्तानी सेना ने उड़ी में मोर्चा खोल दिया है। समाचार लिखे जाने तक यहां दोनों तरफ से भीषण गोलाबारी जारी है। भारतीय सेना की तरफ से इस गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पाक सेना अपने 400 से ज्यादा आतंकियों को भारत में धकेलने के लिए कवर फायर दे रही है, जिसके लिए वह संघर्ष विराम का भी उल्लंघन कर रही है।अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। एलओसी पार से भारी गोलाबारी की जा रही है। वहीं भारतीय सेना पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का माकूल जवाब दे रही है। भारत में घुसपैठ के लिए पीओके में 400 आतंकी तैयार बैठे हैं। इसके लिए पीओके में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने 16 लांचिंग पैड सक्रिय कर दिए हैं। आतंकियों के घुसपैठ के लिए तैयार रहने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सेना ने नियंत्रण रेखा पर जवानों को अलर्ट कर दिया है। घुसपैठ रोधी दस्ते और आतंकवाद निरोधक बल को और सतर्क रहने को कहा गया है।





 

सेना की फील्ड इंटेलिजेंस यूनिट को इनपुट मिले हैं कि सीमा पार तैयार बैठे आतंकियों में ज्यादातर हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के हैं। एलओसी पर नौशेरा और छंब के इलाके में भी लांचिंग पैड सक्रिय किए गए हैं ताकि आतंकी घुसपैठ करने के बाद उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग की ओर पहुंच सकें।

 

 



सूत्रों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर के उस पार लीपा घाटी, अठमुकाम व डुडनियाल के इलाके पर आतंकियों का खास फोकस है। भारतीय सुरक्षा बलों ने 1 अप्रैल को केरन सेक्टर में ही घुसपैठ करने वाले 4 आतंकियों को मारा गया था। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पीओके में बने लांचिंग पैड में तैयार बैठे कई आतंकियों के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस वजह से और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सीमा पर आतंकियों या घुसपैठियों से मुठभेड़ होने के बाद उनके शवों के पास जाने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतें।



 




ग्रीन आइडल अवार्ड से सम्मानित हुए शिक्षक दयाशंकर

गोण्डा। कोरोना वायरस व लाकडाउन के चलते आन लाइन हुए प्रतियोगिता में शिक्षक दयाशंकर प्रजापति को ग्रीन आइडल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। पृथ्वी दिवस पर प्रदेश के महराजगंज जनपद में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रकृति की सुरक्षा के लिए अपनी कविता, लेख, पोस्टर, नाटक को आनलाइन सम्मिलित किया गया था। इस आनलाइन प्रतियोगिता में लगभग 250 लोगों ने भाग लिया था। आयोजक डा धनंजय मणि, मुख्य अतिथि व विज्ञान विचारक अशोक कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि अमरेन्द्र शर्मा ने प्रतियोगिता में शामिल लोगों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोढियाघाटा के विज्ञान शिक्षक दयाशंकर प्रजापति को पानी बचाओं, धरती बचाओ सम्बन्धी पोस्टर के लिए सम्मानित किया गया है। बीईओ ममता सिंह, प्रधानाध्यापक तिलकराज सिंह, आनन्द शुक्ला, प्रदीप यादव, आरती, रमेश कुमार ने खुशी जताई है।


Sunday, April 26, 2020

तीन महीने के नवजात ने दी कोविड—19 को मात

गोरखपुर (उप्र), 26 अप्रैल। बीआरडी मेडिकल कालेज में तीन महीने के नवजात शिशु ने घातक कोविड—19 को मात दी है । तीन महीने का शिशु अपनी मां के साथ जैसे ही अस्पताल से बाहर निकला जिलाधिकारी विजयेन्द्र पांडियन, आयुक्त जयंत नरलीकर और बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रधानाध्यापक गणेश कुमार सहित तमाम लोगों ने खडे होकर तालियां बजायीं ।(फ़ाइल फ़ोटो)


गणेश कुमार ने बताया कि मां और बच्चे के 12 अप्रैल को यहां आने के बाद से दो बार उनके परीक्षण किये गये । मां के परीक्षण से उसमें संक्रमण नहीं नजर आया लेकिन बच्चा संक्रमित पाया गया । डाक्टरों के सामने सबसे बडी चुनौती बच्चे को बचाना था और यह भी सुनिश्चित करना था कि संक्रमण मां तक ना पहुंचने पाये । मां आइसेलेशन वार्ड में बच्चे की देखरेख कर रही थी । मां ने बच्चे को स्तनपान कराते समय और उसका मल मूत्र साफ करते समय मास्क और दस्ताने पहनने के निर्देशों का पालन किया ।


प्रधानाध्यपक ने बताया कि बुखार के अलावा बच्चे को कोई और गंभीर समस्या नहीं थी । शुरूआत में बच्चे को पैरासिटामोल दिया गया । खुद की प्रतिरोधक क्षमता के दम पर बच्चा बिना किसी दवाई के धीरे धीरे ठीक हो गया । केवल मां के दूध से ही उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ गयी ।


उन्होंने बताया कि मां और शिशु का 25 एवं 26 अप्रैल को कराये गये परीक्षण से वे संक्रमित से मुक्त थे । मां को घर में क्या क्या एहतियात बरतनी है, समझा दिया गया है ।


मुंबई के कोरोना संक्रमित 31 पत्रकार स्वास्थ होकर घर लौटे, लोगों ने ताली बजाकर किया स्वागत


मुंबई, 26 अप्रैल। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हाल ही में 50 से अधिक पत्रकारों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनमें से आज 31 मीडियाकर्मी स्वस्थ होकर अपने-अपने घर वापस लौट चुके हैं। इनका दूसरा कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल ने इन्हें छुट्टी दे दी है। साथ ही इन्हें 14 दिनों तक घर पर ही क्वारंटाइन रहने के लिए कहा गया है। यह जानकारी आज बीएमसी ने दी है।



मुंबई के प्रतीक्षा नगर के प्रेस एनक्लेव के हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों ने ताली बजाकर पत्रकारों का स्वागत किया। यहां रहने वाले दो पत्रकार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे ।
 मुंबई में कम से कम 53 मीडियाकर्मी ऐसे थे, जिनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। बीएमसी ने बताया था कि कोविड-19 की जांच के लिए 16 और 17 अप्रैल को आजाद मैदान में विशेष शिविर लगाया गया था और इस दौरान 171 मीडियाकर्मियों के लार के नमूने लिए गए थे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार, फोटोग्राफर और कैमरामैन शामिल थे।
कुल 171 नमूनों में से 53 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इनमें से अधिकतर में कोई लक्षण नहीं थे। सभी संक्रमितों को क्वारंटाइन में रखा गया था।


वाहन मैकेनिक जावेद हत्याकांड : बीबी के आशिकों ने की थी पति जावेद की हत्या

गाजीपुर। अवैध सम्‍बंध को लेकर मोटर मैकेनिक जावेद की हत्‍या की गयी थी। रविवार की दोपहर कोतवाली परिसर में सीओ सिटी ओजस्‍वी चावला ने प्रेसवार्ता में बताया कि बड़ीबाग स्थित कांशीराम आवास निवासी जावेद की हत्‍या कर उसका शव कृषि विभाग के फार्म हाउस के खेत में मिला था। जिसकी पुलिस ने छानबीन में मामला और कुछ निकला। मृतक की पत्‍नी शहजादी का अवैध सम्‍बंध बंशीबाजार निवासी सिकन्‍दर पुत्र करीम के साथ चल रहा था। 23 अप्रैल की रात में सिकंदर और उसका दोस्‍त रहीम गोरख मिलकर जावेद को शराब पिलाया और तौलिया से दला घोंटकर हत्‍या कर दी और जावेद का मोबाइल व हत्‍या में प्रयुक्‍त तौलिया को र्इदगाह के पीछे छीपा दिया था। 



आज सुबह कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली थी कि हत्‍या में शामिल दो अभियुक्‍त छावनी लाइन स्थित ढाबे के पास खड़े है और कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने जावेद की हत्‍या में शामिल होना स्‍वीकार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ में बताया कि जावेद अपनी पत्‍नी शहजादी को आयदिन मारता-पीटता था और जान से मारने की धमकी भी देता रहता था। इसी से शहजादी परेशान रहती थी और उसकी भनक उसका प्रेमी सिकंदर को लग गयी। उसने जादेव को मारने की रणनीति बनायी।
पुलिस ने मृतक के पत्‍नी को भी गिरफ्तार कर तीनों को जेल भेज दिया। पकड़ने वाली टीम में शहर कोतवाल धनंजय मिश्रा, गोराबाजार चौकी प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह, खुदाईपुरा चौकी प्रभारी प्रवीण यादव, लोटन र्इमली चौकी प्रभारी अशोक मिश्रा आदि लोग शामिल थे।


कोरोना मरीज ने अखबार में पढ़ी अपनी मौत की खबर, वीडियो मैसेज जारी कर बोला- मैं जिंदा हूं

मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के आरडी गार्गी हॉस्पिटल में बीते दिनों इलाज के लिए एडमिट हुए एक युवक ने जब अखबार में अपनी मौत की खबर पढ़ी तो उसे यकीन नहीं हुआ। उसने इसके बाद सोशल मीडिया का सहारा लिया और एक वीडियो बनाकर पोस्ट किया। यह वीडियो वायरल हो गया और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच गया।



वीडियो देखते ही अधिकारी अलर्ट हुए और छनबीन शुरू हुई। इसके बाद विभाग ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 


वायरल वीडियो में कोरोना मरीज बोल रहा है, 'मैं दो दिन पहले आरडी गार्गी हॉस्पिटल में एडमिट हुआ था। मैंने शनिवार को एक अखबार में पढ़ा कि मैं मर गया हूं, जबकि मैं जिंदा हूं।' उसने लोगों से अधिक से अधिक इस वीडियो को शेयर करने के लिए भी कहा।


इस मामले पर उज्जैन के चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर (CMHO) डॉ. अनसुइया गवाली ने कहा, 'युवक का नाम एक 60 वर्षीय कोरोना मरीज की जगह दर्ज कर दी गई थी, जिनकी गुरुवार को मौत हो गई थी। इस मामले से जुड़े डॉक्टर ने गलती मान ली है। उन्होंने कहा है कि नाम और पता में गलतफहमी होने के कारण ऐसा हुआ।'


सीएमएचओ ने बताया कि डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और पूछा गया है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा गया है कि ऐसी गलती भविष्य में दोबारा ना हो।


Saturday, April 25, 2020

कोरोना के टीके का ब्रिटेन में इंसानों पर परीक्षण शुरू

(टीका लगवाने वालीं पहली महिला इलिसा ग्रांनेटो)


यूरोप में पहली बार कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण शुरू किया गया है। ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड शहर में इस परीक्षण के लिए 800 से ज़्यादा लोगों को चुना गया था जिनमें से दो वॉलंटियर्स को ये टीका लगाया गया है। इन 800 लोगों में से आधे को कोविड-19 का टीका दिया जाएगा और आधे को ऐसा टीका जो मेनिंजाइटिस से बचाता है मगर कोरोना वायरस से नहीं।


मगर वॉलंटियर्स को ये नहीं पता होगा कि उन्हें दोनों में से कौन सा टीका दिया गया है। ये जानकारी डॉक्टरों को होगी। टीका लेने वाले दोनों वॉलंटियर्स में से एक ने पत्रकार से कहा, "मैं एक वैज्ञानिक हूँ, मैं चाहती थी कि मैं किसी भी तरह से विज्ञान की प्रगति में मदद करने की कोशिश कर सकूँ" । ये टीका ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम ने तीन महीने में तैयार किया है। जेनर इंस्टीच्यूट में वैक्सीनोलॉजी की प्रोफ़ेसर सारा गिल्बर्ट इस टीके के शोध में शामिल थीं। वो कहती हैं,"निजी तौर पर मुझे इस वैक्सीन में बहुत भरोसा है । पर हमें इसका टेस्ट करना पड़ेगा और इंसानों के डेटा हासिल करने होंगे. हमें दिखाना होगा कि ये वाकई असर करता है, इसके बाद ही हम लोगों को ये टीका दे सकेंगे"।


ये टीका काम कैसे करता है?


ये टीका चिम्पैंज़ी के शरीर से लिए गए एक साधारण वायरस से तैयार किया गया है जिससे सर्दी में ज़ुकाम जैसी शिकायतें होती हैं। इसे ऐडिनोवायरस कहते हैं जो इस वायरस का एक कमज़ोर पड़ चुका स्वरूप है। टीके में इस वायरस में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिससे कि ये इंसानों में विकसित नहीं हो सकता। ऑक्सफ़ोर्ट की इस टीम ने इससे पहले मर्स के लिए टीका तैयार किया था जो एक दूसरे किस्म का कोरोना वायरस है। उन्होंने इसे ठीक इसी तरह से तैयार किया था और क्लीनिकल ट्रायल में उसके उत्साहजनक नतीजे आए थे।


कैसे पता चलेगा कि ये कारगर है?


इसे जानने का एकमात्र तरीका यही है कि आने वाले महीनों में जिन्हें ये टीका दिया गया, उनमें से कितने लोग संक्रमित होते हैं। लेकिन अगर ब्रिटेन में संक्रमण के मामलों में तेज़ी से गिरावट होती है तो इससे शोध में दिक्कत आ सकती है क्योंकि तब पर्याप्त डेटा नहीं मिल सकेगा। ऑक्सफ़ोर्ड वैक्सीन ग्रुप के निदेशक प्रोफ़ेसर एंड्र्यू पोलार्ड कहते हैं,"हम महामारी के अंत की ओर बढ़ रहे हैं. अगर इस बीच हमने पुष्टि नहीं की तो ये जानना मुश्किल होगा कि ये टीका काम करता है या नहीं. पर हमें उम्मीद है कि अभी और मामले आते रहेंगे"।परीक्षण में स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल करने पर ज़्यादा ज़ोर है क्योंकि अन्य लोगों की तुलना में उनके संक्रमित होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है। आने वाले महीनों में परीक्षण का और विस्तार किया जाएगा जिसमें लगभग 5,000 वॉलंटियर्स पर टेस्ट किया जाएगा। इसमें हर उम्र के लोगों को शामिल किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि बूढ़े लोगों की प्रतिरोधी क्षमता कम होती है जिससे शोधकर्ता ये पता लगाने का प्रयास करेंगे कि क्या ऐसे लोगों को दो बार टीका देना पड़ेगा।


 


कितना असरदार है ये टीका


ये टीम अफ़्रीकी देश केन्या में भी वहाँ के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर ऐसा ही परीक्षण करने की कोशिश कर रही है जहाँ कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी आनी अभी शुरू हुई है। तो यहाँ सवाल उठता है कि अगर शोध के लिए पर्याप्त संख्या में संक्रमित लोगों की कमी है तो क्यों नहीं वॉलंटियर्स को जान-बूझकर कोरोना संक्रमित करवा दिया जाए।


इससे बहुत जल्दी और बड़ी आसानी से पता चल जाएगा कि ये टीका असर कर रहा है या नहीं। मगर इसमें नैतिकता का सवाल उठ सकता है क्योंकि अभी तक कोविड-19 का कोई भी इलाज उपलब्ध नहीं है और ऐसे में किसी को जान-बूझकर संक्रमित करने पर सवाल उठेंगे। पर आगे शायद ये हो सकेगा. प्रोफ़ेसर पोलार्ड कहते हैं, "अगर आगे जाकर कोई इलाज आया और हम वॉलंटियर्स की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें तो वैक्सीन को टेस्ट करना आसान हो सकेगा"।


क्या ये सुरक्षित है?


वॉलंटियर्स पर आने वाले महीनों में नज़र रखी जाएगी। उनसे कह दिया गया है कि उन्हें टीका लेने के कुछ दिनों के भीतर बांह फूलने, सिरदर्द या बुख़ार जैसी शिकायतें हो सकती हैं।उन्हें ये भी कहा गया है कि सैद्धांतिक तौर पर इस वायरस से गंभीर रिऐक्शन भी हो सकता है, जैसा कि सार्स के टीके के शुरूआती दौर के कुछ परीक्षणों में हुआ था।


मगर ऑक्सफ़ोर्ड की टीम का कहना है कि वैक्सीन से गंभीर बीमारी होने का ख़तरा ना के बराबर है और जानवरों पर हुए परीक्षणों के डेटा सकारात्मक रहे हैं। यदि ये वैक्सीन कामयाब हो गई तो वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सितंबर तक 10 लाख टीके बनाए जा सकेंगे और उनके उत्पादन में तेज़ी लाई जा सकेगी।


कोई नया हॉट स्पॉट नही बनाया जा रहा है- DM वाराणसी

आज 8 सैंपल नए पॉजिटिव आये हैं, कुल पॉजिटिव केस वाराणसी में 34 हो गए हैं, जिनमे से 25 एक्टिव केस हैं-जिलाधिकारी


कोई नया हॉट स्पॉट नही बनाया जा रहा है


आज प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 7 पुलिस कर्मी, जिनमे 1 उप निरीक्षक, 3 हेड कांस्टेबल, 3 कांस्टेबल शामिल हैं, कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं



वाराणसी 25 अप्रैल, 2020 : जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी में शनिवार को 95 रिपोर्ट BHU से प्राप्त हुई। जिसमें 87 नेगेटिव आयी हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 7 पुलिस कर्मी, जिनमे 1 उप निरीक्षक, 3 हेड कांस्टेबल, 3 कांस्टेबल शामिल हैं, कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।


जिलाधिकारी ने बताया कि ये सभी सिगरा थाने की नगर निगम चौकी पर तैनात हैं। इनमे से चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक में सबसे पहले सूखी खांसी और बुखार के सिम्पटम आये थे, उसके बाद चौकी के कुछ और पुलिस कर्मियों को भी खांसी, बुखार के सिम्पटम आये। ये सभी एक साथ चौकी के ही बैरक में रहते थे। दो दिन पहले इन्हें वहाँ से अलग कर दशाश्वमेध क्षेत्र के गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन करा दिया गया था और इनकी सैंपलिंग कराई गई थी। आज आयी रिपोर्ट में 14 में से 7 लोग पॉजिटिव पाए गए। इन सबकी कांटेक्ट ट्रेसिंग करायी जाएगी और साथ ही चौकी के आसपास के क्षेत्रों में कल स्क्रीनिंग और सैंपलिंग करायी जाएगी। इन्हें DDU अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। बाकी बचे पुलिस कर्मी भी अभी कुछ दिन अलग भवन में क्वारंटाइन रहेंगे। इसके अलावा पितरकुंडा बफर जोन के नजदीक का एक 39 वर्षीय व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। ESI अस्पताल में इसकी स्क्रीनिंग और सैंपलिंग हुई थी, इनके खांसी आदि के सिम्पटम हैं। इनकी सिगरा क्षेत्र में ही राशन की दुकान है। इन्हें भी DDU शिफ्ट किया जा रहा है। इनके घर के पास के क्षेत्र को पितरकुंडा हॉट स्पॉट एवं बफर जोन में ही शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सबको मिला कर आज 8 सैंपल नए पॉजिटिव आये हैं। कुल पॉजिटिव केस वाराणसी में 34 हो गए हैं। जिनमे से 25 एक्टिव केस हैं। कोई नया हॉट स्पॉट नही बनाया जा रहा है ।


कड़वा सख्त सत्य।

सरकार एक निश्चित समय तक ही लाकॅडाऊन रख सकती है धीरे धीरे लाकॅडाऊन खत्म हो जाएगा सरकार भी इतनी सख्ती नहीं दिखाएगी क्योंकि सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है।
बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश में देख ही रहे है। अब जो समझदार है वह आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका समझ ले। सरकार 24 घंटे 365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी। आपके एवं आपके परिवार का भविष्य आपके हाथ में है। लाकॅडाऊन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकले एवं काम पर जाये... व नीयत नियमानुसार ही अपना कार्य करे l जिंदगी आपकी फैसला आपका।


(Next media reports)


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Friday, April 24, 2020

मोदी बोले- कोरोना से मिला सबसे बड़ा सबक- हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा

दिल्ली । कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ई-ग्रामस्वराज पोर्टल-मोबाइल ऐप और स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना ने हमें सबसे बड़ा सबक दिया है. हमें आत्मनिर्भर बनना होगा. गांवों को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना होगा ।



पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा, 'कोरोना ने हम सभी के काम करने के तरीके को बहुत बदल दिया है. पहले हम किसी कार्यक्रम को आमने सामने रहकर करते थे, लेकिन आज वही कार्यक्रम वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से करना पड़ रहा है. कोरोना महामारी ने हमारे लिए अनेक मुसीबतें पैदा की हैं, जिनकी हमने कभी कल्पना तक नहीं की थी.'।


पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस महामारी ने हमें नई शिक्षा और संदेश भी दिया है. कोरोना संकट ने सबसे बड़ा सबक हमें जो सिखाया है कि अब हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा. बिना आत्मनिर्भर बने ऐसे संकटों से निपटना मुश्किल है. गांव अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने, जिला अपने स्तर पर, राज्य अपने स्तर पर ।


देश को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूरा देश कैसे आत्मनिर्भर बने, अब ये बहुत आवश्यक हो गया है. 5-6 साल पहले एक दौर वो भी था जब देश की सौ से भी कम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जुड़ी थीं. अब सवा लाख से ज्यादा पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है. इतना ही नहीं, गांवों में कॉमन सर्विस सेंटरों की संख्या भी तीन लाख को पार कर रही है !


सरकार के कामों को गिनाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सरकार ने भारत में ही मोबाइल बनाने का जो अभियान चलाया है, उसी का परिणाम है कि आज गांव गांव तक कम दामों वाले स्मार्ट फोन पहुंच चुके हैं. ये आज जो इतने बड़े स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस हो रही हैं, ये सब इसी के कारण संभव हो पाया है !


कोरोना वायरस से दुनियाभर में 1 लाख 96 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

नई दिल्ली। घातक कोरोना वायरस से शुक्रवार देर रात तक दुनियाभर में 1 लाख 96 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी थी जबकि इससे संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 28 लाख से अधिक का हो गया था। 7 लाख 78 हजार से ज्यादा मरीजों ने कोरोना पर फतह भी हासिल की। भारत में कारोना संक्रमित मरीज 23 हजार के पार हो गए। देश में अब तक 723 लोगों की मौत हुई है।





अमेरिका में कोरोना से मृतकों की संख्या 50 हजार के पार 



अमेरिका में अब तक 8,69,000 लोगों में कोरोना की पुष्टि !


श्रीलंका में कोरोना के 400 से अधिक मामले, 7 लोगों की मौत !श्रीलंका में कोरोना वायरस के 40 नए मामले सामने आए !



 

पाकिस्तान में लॉकडाउन 9 मई तक बढ़ाया 



पाक में कोरोना वायरस के मामले 11,155 हुए !



13 मरीजों की मौत, कुल मृतक संख्या बढ़कर 237 !

पाकिस्तान में 2,527 लोग ठीक हो चुके हैं !

 




भारत में कोरोना के एक दिन में सबसे ज्यादा 1,752 मामले आए ! देश में कोरोना वायरस के कुल संक्रमित 23,452 पर पहुंचे !



भारत में कोरोना से मौत का आंकड़ा 723 पर पहुंचा !


कोविड-19 से सबसे अधिक यूरोप प्रभावित हुआ है जहां 1,16,221 लोगों की इससे जान गई और 12,96,248 मामले सामने आए हैं। इसके बाद अमेरिका में 49,963, इटली में 25,549, स्पेन में 22,157, फ्रांस में 21,856 और ब्रिटेन में 18,738 लोगों की जान गई है।




पवित्र माह रमज़ान का चाॅद आया नज़र पहला रोज़ा शनिवार को

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लखनऊ: लाक डाउन के 31वें दिन की शाम ऐसी शाम थी जो शायद इतिहास मे पहले कभी नही रही होगी । शुक्रवार की शाम पवित्र रमज़ान के महीने के चाॅद के दीदार के बाद मस्जिदो मे तरावीह की नमाज़ शुरू हो जाती अगर कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लाक डाउन न होता लेकिन लाक डाउन के बाद पूरे देश मे सभी धर्मो के धर्म स्थलो पर ताले लगे हुए है । कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ज़रूरी सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखने के लिए इस बार देश के करोड़ो मुसलमानो ने रमज़ान के महीने मे मस्जिदो के बजाए अपने अपने घरो मे ही तरावीह की नमाज़े अदा करना शुरू कर दी है। वैसे हर वर्ष रमज़ान के चाॅद के एलान के बाद ही मस्जिदो मे होने वाली तरावीह की नमाज़ मे शामिल होने वाले नमज़ियो की भारी भीड़ से मस्जिदे आबाद हो जाती थी लेकिन इस बार ऐसा नही हुआ रमज़ान मुबारक के चाॅद का एलान हुआ लेकिन मस्जिदो के ताले नही खुले । पवित्र रमज़ान के चाॅद के एलान के बाद मुसलमानो ने अपने घरो को ही मस्जिद मान कर अल्लाह की बारगाह मे दुंआ के हाथ उठा दिए। रमज़ान का महीना शुरू होने से पहले ही मुस्लिम धर्म गुरूओ ने मुस्लिम समाज से अपील की थी कि रमज़ान के महीने मे पढ़ी जाने वाली तरावीह की विशेष नमाज़ के लिए कोई भी मुसलमान मस्जिदो मे न जाए धर्म गुरूओ ने अपील की है कि मुसलमान लाक डाउन का पालन करते हुए पाॅच वक़्त की नमाज़ भी मस्जिदो मे न पढ़ कर अपने अपने घरो मे ही अदा करें। इस समय पूरा विश्व कोरोना वायरस को हराने के लिए घरो मे रह कर जंग कर रहा है ऐसे हालात मे मुसलमानो ने भी कोरोना वायरस को हराने के लिए रमज़ान की इबादत को मस्जिदो मे न करके अपने अपने घरो मे ही करने का फैसला किया है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लाक डाउन की अवधि मे सामुहिक रोज़ा अफतार पार्टियो पर भी रोक है क्यूकि रोज़ा अफतार पार्टियो मे सोशल डिस्टेसिंग को मेन्टेन नही किया जा सकता है इस लिए शायद इस बार सामुहिक रोज़ा आफतार पार्टिया आयोजित न की जाए । इस्लामिक सेन्टर आफ इन्डिया की तरफ से कुरान की तिलावत सुनने के लिए इस बार नायाब तरीका अपनाया गया इस्लामिक सेन्टर से कारी तारिक उल इस्लाम ने ठीक आठ बजे कुरान की तिलावत शुरू शुरू करेगे इस्लामिक सेन्टर आफ इन्डिया के फेसबुक पेज से जुड़े लोग अपने अपने घरो मे बैठ कर पवित्र कुरान की तिलावत सुन सकते है । हालाकि फेसबुक पर लाईव कुरान की तिलावत को नमाज़े तरावीह तो नही कहा जा सकता लेकिन क्ंयूकि रमज़ान के मुबारक महीने मे कुरान पढ़ना और सुन्ना दोनो ही बड़ा सवाब माना गया है इस लिए इस्लामिक सेन्टर आफ इन्डिया की इस पहल की लोगो ने प्रशंसा भी की। इस्लामिक सेन्टर आफ इन्डिया की तरफ से जैसे ही रमज़ान के महीने के चाॅद नज़र आने की तस्दीक हुई वैसे ही पटाखो की गड़गड़ाहट से आसमान गूंज उठा।               (news ref JK)


(रिपोर्ट- ख़ालिद रहमान)


ईरान के मिलिटरी सैटेलाइट ने अमरीका की नींद क्यों उड़ाई

ईरान ने कहा है कि उसने एक मिलिटरी सैटेलाइट नूर को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है ! ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इसकी जानकारी दी है. लेकिन ईरान के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है ! अमरीका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा है कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन किया है और उसे इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए !



माइक पॉम्पियो के बयान के पहले अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि उन्होंने अमरीकी नौसेना को निर्देश दिया है कि अगर ईरानी गनबोट्स अमरीकी जहाज़ों को परेशान करें, तो उन्हें मार गिराएँ और नष्ट कर दें! एक सप्ताह पहले अमरीका ने दावा किया था कि ईरान के नौसैनिक जहाज़ों ने अमरीकी नौसेना और कोस्ट गार्ड के जहाज़ों को लगातार परेशान किया था!



अमरीकी नौसेना का कहना था कि ईरान के जहाज़ कई बार बहुत तेज़ गति से उनके जहाज़ के काफ़ी क़रीब आ जाते हैं !दूसरी ओर ईरान का आरोप है कि अमरीका हॉलीवुड की तरह इन घटनाओं का ब्यौरा देता है. ईरान का दावा है कि इस महीने के शुरू में अमरीकी नौसेना ने ईरान के जहाज़ का रास्ता रोक लिया था ! ट्रंप के हमला करने के निर्देश वाले ट्वीट की ईरानी सेना ने आलोचना की है. ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि दूसरों को डराने-धमकाने की जगह अमरीका को कोरोना वायरस के संक्रमित अपने सैनिकों को बचाने पर ध्यान देना चाहिए ! इस साल जनवरी में अमरीका ने ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर क़ासिम सुलेमानी को इराक़ में एक ड्रोन हमले में मार दिया था ! ईरान ने भी बदले में अमरीकी ठिकाने पर मिसाइल हमला किया था! दोनों देश युद्ध के क़रीब आ गए थे !


सैटेलाइट लॉन्च पर ईरान ने क्या कहा


ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि बुधवार को एक दूरदराज़ वाले सेंट्रल डेजर्ट से इस सैटेलाइट को लॉन्च किया गया ! सरकारी टेलीविज़न पर इसका फुटेज दिखाया गया. सैटेलाइट करियर क़ासेद पर क़ुरान की कुछ पंक्तियाँ भी लिखी हुई थी ! आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ़ मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि उनकी सेना ने सामरिक रूप से अहम सूचनातंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा क़दम उठाया है ! फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़ सलामी ने कहा, "आज हम आसमान से धरती को देख रहे हैं. ये एक विश्व शक्ति के गठन की शुरुआत है."


ईरान के दूरसंचार मंत्री मोहम्मद जवाद अज़ारी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड को इसके लिए बधाई दी है ! फ़रवरी में ईरान अपने संचार उपग्रह ज़फ़र को सफलतापूर्वक स्थापित नहीं कर पाया था ! पिछले साल ईरान ने दो अन्य उपग्रहों को लॉन्च करने की कोशिश की थी, जो नाकाम रही थी. पिछले साल ही एक रहस्यमय धमाका भी हुआ था, जिसमें एक सैटेलाइट लॉन्च वेकिल नष्ट हो गया था !


अमरीका क्यों चिंतित है


ट्रंप सरकार ने चेतावनी दी है और कहा है कि जिस तकनीक का इस्तेमाल सैटेलाइट लॉन्च में किया गया है, उससे ईरान को इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में मदद मिल सकती है ! अमरीका का कहना है कि इसलिए ये सैटेलाइट लॉन्च संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि ईरान ऐसे बैलिस्टिक मिसाइल से जुड़ी कोई गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हों !



ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के उल्लंघन से इनकार किया है. ईरान का कहना है कि उसका अंतरिक्ष कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है ! संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इसी प्रस्ताव में अमरीका और अन्य देशों के साथ ईरान के 2015 के परमाणु समझौते को हरी झंडी दी गई थी. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने दो साल पहले इस समझौते को रद्द कर दिया था. ट्रंप का आरोप था कि समझौते में कई कमियाँ थी ! ट्रंप ने मांग की थी कि इसके बदले वो समझौता सामने लाना चाहिए, जिसके तहत ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने की बात कही गई थी !


COVID-19 : 80 जिलों में 14 दिन से नया केस नहीं, रिकवरी रेट 20.57 फीसदी

Photo by ANI


दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और एनसीडीसी ने संयुक्त संवाददाता में कोरोना वायरस को लेकर कई तथ्य सामने रखे। गृह मंत्रालय ने बताया कि छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमटीसी) के गठन के अलावा आज चार और आईएमटीसी का गठन किया गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि मरीजों का रिकवरी रेट 20.57 फीसदी है। प्रेस कांफ्रेंस में कोविड एंपावर्ड ग्रुप भी मौजूद था। पिछले 24 घंटे में 1684 नए मामले सामने आए हैं।
अबतक संक्रमितों की कुल संख्या 23,077 पहुंची।
4078 लोग अभी तक सही हुए हैं।  हमारा रिकवरी रेट 20.57 फीसदी है। पिछले 28 दिन से 15 जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। अभीतक 80 जिलों में पिछले 14 दिन से नया मामला सामने नहीं आया है। कोरोना से अबतक 718 लोगों की मौत हुई है। कोई भी शिकायत मिलने पर हमारी रैपिड एक्शन टीम तुरंत हरकत में आ जाती है। ये हाउस टू हाउस सर्च करती है, और इसका डाटा रिकॉर्ड किया जाता है। मरीजों का उपचार होने तक उसकी निगरानी चलती रहती है, 28 दिनों तक निगाह रखी जाती है।


आनलाइन दिया पृथ्वी बचाने का सीख


 गोण्डा - पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोढियाघाटा के विज्ञान शिक्षक दयाशंकर प्रजापति ने आन लाइन वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से बच्चों को पृथ्वी दिवस पर धरती के महत्व को समझाया। उन्होंने आनलाइन ही धरती बचाने की मुहिम में सभी से सहयोग की अपील भी की। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहा कि पृथ्वी ही हमसब को जल, वायु, हरियाली व जीवन के अनेकों उपयोगी चीजें प्रदान करती है।



उन्होंने कहा कि जंगल, पहाड़, नदी, तालाब, समस्त भौतिक सम्पदा हम सभी को पृथ्वी से ही प्राप्त होता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जल व वायु प्रदूषण, अनावश्यक जल का व जंगलों का दोहन हम सब को भारी पडेगा।छात्र अखिलेश यादव, उमेश सिंह, हरीश, आलोक, मोहिनी, चांदनी ने अध्यापक से रोचक प्रश्न भी किये। शिक्षक ने सभी छात्रों को धरती को बचाने के लिए मुहिम में हिस्सा लेने की अपील की। बीईओ ममता सिंह ने शिक्षक के इस प्रयास की सराहना की है।


Thursday, April 23, 2020

कोरोना वायरस: मोदी सरकार पर बरसे कांग्रेस शासित राज्यों के सीएम, कहा- केंद्र से नहीं मिल रहा है फंड

नई दिल्ली  (23 अप्रैल 2020)  कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अब राजनीतिक उठापटक भी शुरू हो गई है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में केंद्र राज्यों के बीच सहयोग को सबसे अहम बताया तो कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से वित्तीय पैकेज की मांग करते हुए कहा कि अगर मोदी सरकार राज्यों का सहयोग नहीं करती है तो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी। वहीं, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर नफरत का वायरस फैलाने का आरोप लगाया।


(फ़ाइल फोटो)


पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में संसाधनों की उपलब्धता पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग से ही इस लड़ाई में कामयाबी मिलेगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक मनमोहन ने कहा कि लॉकडाउन की सफलता को आखिरकार कोविड-19 से निपटने की हमारी क्षमता से परखा जाएगा। उन्होंने कहा, ''केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में हमारी सफलता की कुंजी है। सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में कई मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत हद तक संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से वित्तीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी केंद्र की ओर से उनके राज्य के लिए जीएसटी का 4400 करोड़ रुपये का बकाया जारी नहीं किया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्यों की वित्तीय मदद नहीं करती है तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी। उन्होंने केंद्र से बड़े वित्तीय पैकेज की मांग की।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों और विद्यार्थियों को उनके घर भेजने के लिए केंद्र को नीति बनाने की जरूरत है। लेकिन केंद्र सरकर इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने भी केंद्र से वित्तीय सहयोग की मांग की। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि केंद्र की ओर से उनके इस केंद्र शासित प्रदेश को जीएसटी का 600 करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि जब देश में कोरोना वायरस के खिलाफ सभी को एकजुट होने की जरूरत है तो भाजपा सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और नफरत का वायरस फैलाने में लगी हुई है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ''मैं आप लोगों के साथ वो बात साझा करना चाहती हूं जिसको लेकर हम सभी भारतीय नागरिकों को चिंता करनी चाहिए। जब हमें कारोना वायरस का एकजुट होकर मुकाबला करने चाहिए तो भाजपा सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और नफरत का वायरस फैलाने में लगी हुई है।"     


उन्होंने कहा, ''हमारे सामाजिक सौहार्द को बड़ा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हमारी पार्टी और हमें इस नुकसान की भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। सोनिया ने कहा, ''कोरोना महामारी ज्यादा फैल गई है जो परेशान करने वाली बात है। समाज के हमारे कुछ वर्गों खासकर किसानों, मजदूरों, प्रवासी कामगारों, निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के लोगों को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ा है।"


कानपुर में कोविड-19 के 15 नये मामले


कानपुर , 23 अप्रैल 20 - उत्तर प्रदेश के कानपुर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 15 नये मामले सामने आये। इसके साथ ही जिले में कोरोना वायरस से संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 94 हो गयी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि नये मामले कर्नलगंज, कुली बाजार, किदवई नगर के हैं। इन तीनों क्षेत्रों को कोरोना वायरस से सबसे अधिक संक्रमित स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है।


शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को कुली बाजार में जिस 72 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई थी, उसके नमूनों की रिपोर्ट आज आई और उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्ला ने बताया कि अनवरगंज और कुली बाजार में तीन और लोगों के कोरोना वायरस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इस प्रकार जिले में कोरोना पाजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 94 हो गयी है।


(रिपोर्ट - लॉरेंस त्रिवेदी) 


Lockdown: मण्डलायुक्त श्री मुकेश मेश्राम ने आज ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों का निरीक्षण किया

लखनऊः 23 अप्रैल 2020, मण्डलायुक्त श्री मुकेश मेश्राम ने आज ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों की लाॅकडाउन में स्थिति का जायजा लेने के लिए बन्थरा लखनऊ के आस-पास स्थित ईंट-भट्ठों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उपजिलाधिकारी, सरोजनीनगर श्री प्रफुल्ल त्रिपाठी, उप श्रमायुक्त श्री बी0के0 राय, सहायक श्रमायुक्त श्री रवि कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। 



निरीक्षण के दौरान अनिल ब्रिक फील्ड के प्रबन्धक श्री सुशील चन्दानी द्वारा अवगत कराया गया कि उनके ब्रिक फील्ड में बिहार व छत्तीसगढ़ के लगभग 80 मजदूरों द्वारा कार्य किया जा रहा है, जो लाॅकडाउन की अवधि में यहीं रहे एवं पथाई का कार्य सोशल डिस्टेंसिंग का कार्य करते हुए करते रहे। सभी मजदूरों को राशन किट उपलब्ध करा दी गयी है। मण्डलायुक्त द्वारा वहाँ काम कर रहे मजदूरों से भी बातचीत की गयी। उनमें से कई जाॅंचगीर, चांपा, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) तथा कुछ रायबरेली, उन्नाव आदि जिलों से थे। किसी को खाने-पीने की समस्या नहीं थी। मण्डलायुक्त द्वारा उन्हें के0जी0एम0यू0 द्वारा कोरोना पर हिन्दी में प्रकाशित बुकलेट भी जागरूकता हेतु वितरित की। 
मण्डलायुक्त ने उप श्रमायुक्त को निर्देष दिये कि कार्य कर रहे सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि ईंट-भट्ठों का कार्य प्रारम्भ हो जाने से प्रवासी मजदूरों व अन्य क्षेत्रीय मजदूरों को लाभ हुआ है उनमें आत्म विश्वास जागा है, कोरोना का डर समाप्त हुआ है। भविष्य को लेकर अंदेशा खत्म हुआ है। उनकी आर्थिक स्थिति में मजबूत होगी तथा वह अपने पैसे का अन्य कार्यों में उपयोग करेंगे। 
ईंट-भट्ठा संचालकों द्वारा अवगत कराया गया कि लाखों की संख्या में ईंट बनकर तैयार हैं। मण्डलायुक्त ने बताया कि मण्डल के 6 जनपदों में से 4 जनपदों में मनरेगा के कार्य प्रारम्भ हो गये हैं। निर्माण कार्यों में यह उपयोग आ जायेंगे। 
उप श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद लखनऊ में 160 ईंट-भट्ठों में लगभग 12000 मजदूर हैं। जनपद लखीमपुर-खीरी में 180 ईंट-भट्ठों में लगभग 4283 मजदूर हैं। जनपद रायबरेली में 295 ईंट-भट्ठों में 3604 मजदूर हैं। जनपद उन्नाव में 150 ईंट-भट्ठों में 8067 मजदूर हैं। जनपद सीतापुर में 280 ईंट-भट्ठों में 6219 मजदूर हैं। जनपद हरदोई में 224 ईंट-भट्ठों में 6040 मजदूर हैं, जो छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, पष्चिम बंगाल, झारखण्ड, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश व उड़ीसा के हैं। ईंट-भट्ठों पर मालिकान द्वारा साप्ताहिक रूप से राशन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा चिकित्सा व्यवस्था भी उपलब्ध करायी जा रही है। सोषल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जा रहा है। किसी र्भी इंट-भट्ठे पर भुगतान की कोई षिकायत नहीं प्राप्त हुई है।


(रिपोर्ट - नवीन बाजपेयी)


24 घंटे में कोरोना से देश में 34 लोगों की मौत, 1229 नए मामले; कुल मरीज 22000 के करीब और 686 मौतें


भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या गुरुवार (23 अप्रैल) को बढ़कर 21,700 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार शाम को जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 686 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 16,689 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1229 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 34 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित 388 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 4325 (1 माइग्रेटेड) पर पहुंच गई है।


महाराष्ट्र में कोविड-19 से सबसे ज्यादा मौत



स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार (23 अप्रैल) जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस का प्रकोप देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। कोविड-19 से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित महाराष्ट्र में अब तक 269 मौतें हुई हैं, जबकि मध्यप्रदेश में 81 लोगों को इस वायरस ने लील लिया है। वहीं, गुजरात में संक्रमण के चलते 103 और उत्तर प्रदेश व दिल्ली में क्रमशः 21 और 48 लोगों की जान गई है।" कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले 5652 महाराष्ट्र से ही आए हैं। इसके बाद 2407 मामलों के साथ गुजरात दूसरे, जबकि 2248 मामलों के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर है !


इससे पहले, कोरोना संकट से निपटने के लिए लागू किए गए देशव्यापी बंद (लॉकडाउन) के दौरान संक्रमण फैलने की गति को स्थिर रखने में मिली कामयाबी को सरकार ने अहम उपलब्धि करार दिया। देश में लागू बंद को बृहस्पतिवार (23 अप्रैल) को 30 दिन पूरे हो गए। कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा गठित वरिष्ठ अधिकारियों के समूह की अध्यक्षता कर रहे पर्यावरण सचिव सी के मिश्रा ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले एक महीने में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने की गति और संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि की गति में निरंतर गिरावट आ रही है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि महामारी का प्रकोप बढ़ने की गति स्थिर बनी हुई है।


Wednesday, April 22, 2020

गरीबों को राशन बांटने के बहाने शराब की तस्करी करते पकड़े गए ब्लॉक प्रमुख

देवरिया :  कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के दौरान गरीबों को खाद्यान्न बांटने के नाम पर एक ब्लॉक प्रमुख को शराब तस्करी करते हुए पुलिस ने पकड़ा है। सोमवार को सलेमपुर के ब्लॉक प्रमुख मंटू सिंह गरीबों को खाद्यान्न बांटने के बहाने पर शराब की तस्करी करते पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख अपनी लग्जरी गाड़ी में 20 हजार रुपए की शराब रखकर बिहार बार्डर की तरफ ले जा रहे थे। इस मामले में ब्लॉक प्रमुख समेत तीन लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।


देवरिया पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र ने बताया कि सोमवार को बार्डर क्षेत्र के बनकटा थाना के प्रतापपुर चेकपोस्ट पर सलेमपुर के ब्लॉक प्रमुख मंटू सिंह अपनी यू0पी0-52-ए0आर0-9999 फार्च्यूनर गाड़ी से शराब ले जाते पकड़े गए। गाड़ी से विभिन्न ब्रांड की 104 शीशी 180 एम.एल. व 2 बोतल 750 एम.एल. शराब बरामद की गयी। जिसकी कीमत 20 हजार रूपये और गाड़ी की कीमत 25 लाख रुपए आंकी गई है। 


पुलिस को बताया गाड़ी में राशन 
पुलिस के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख ने पहले बताया कि गाड़ी में लॉक डाउन गरीबों को बांटने वाला खाद्यान्न रखा गया है। लेकिन जब गाड़ी की चेकिंग की गई तो गाड़ी से शराब की बोतलें बरामद हुई। इस मामले में मन्टू सिंह उर्फ राजेश सिंह पुत्र स्वर्गीय रामबहादुर सिंह निवासी बंजरिया थाना सलेमपुर, विकास यादव पुत्र हरेन्द्र यादव निवासी मरहवां थाना खुखुन्दू व सतेन्द्र सिंह पुत्र रामआधार सिंह निवासी प्रतापनगर, थाना प्रतापनगर, जनपद बक्सर बिहार के खिलाफ कार्रवाई की है। 


CM योगी की अपील का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया समर्थन, कहा- घर में रहकर ही मनाएंगे रमजान

लखनऊ, 22 अप्रैल ।  रमजान में सहरी और रोजा इफ्तार घरों में मनाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पूरा समर्थन किया है। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुख्यमंत्री की अपील पर अपने समुदाय के लोगों से घरों में रहकर ही रमजान मनाने की अपील की है। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार को यहां लोकभवन में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रमजान में मुस्लिम समाज से घरों में ही रोजा इफतार और सहरी करने को कहा था जिसका मुस्लिम धर्म गुरूओं ने समर्थन किया। उन्होंने बताया कि 10 से अधिक कोरोना वायरस मामलों वाले जिलों की विशेष रूप से समीक्षा की गयी है और इन जिलों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। 



उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपनी कोर टीम के सदस्यों के साथ बैठक करते हुए कहा कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाए। मुख्यमंत्री ने आपूर्ति चेन में काम कर रहे लोगों की मेडिकल जांच कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जांच प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है और अलीगढ़, मुरादाबाद तथा सहारनपुर में प्रयोगशाला स्थापित करने की स्वीकृति दी गयी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष का नाम बदल कर अब मुख्यमंत्री कोविड केयर फंड हो गया है। इस फंड से प्रदेश की त्रिस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खेती से जुड़े सभी संसाधनों को लॉकडाउन से बाहर रखा गया है। कटाई में शामिल सभी प्रकार के संसाधनों को लॉकडाउन से छूट के आदेश जारी किए जा रहे हैं। 


प्रदेश में करीब 77 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो गई है। इसी प्रकार गन्ने की कटाई भी लगभग पूरी हो गई है। पूरे प्रदेश में 30 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद कर प्रदेश सरकार ने नई उपलब्धि हासिल की है। इसमें बड़ी बात यह है कि 62 प्रतिशत गेहूं की खरीद मंडी के बाहर यानि हुई है। अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जो लोग प्रदेश में बाहर से आए हैं, उनकी निगरानी की जाए। आने वाले हर जरूरतमंद की सहायता की जाए। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन द्वारा कोटा से आए बच्चों का हालचाल लिया गया है। मुख्यमंत्री ने उन सभी बच्चों को घरों में पृथक रखने का निर्देश दिया है।


शोपियां में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए


श्रीनगर,22 अप्रैल । जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने शोपियां के मेल्होरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद मंगलवार रात को वहां घेराबंदी की और तलाश अभियान चलाया।


उन्होंने बताया कि वहां छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि अभी तक मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए हैं। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक मुठभेड़ जारी थी। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की जा रही है।


दिवंगत के परिवार को पार्टी ने दी आर्थिक मदद

गोंडा  : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिले का प्रतिनिधि मंडल दिवंगत के घर पहुंच कर सांत्वना दिया।गोण्डा सद...