Monday, May 25, 2020

ईद के मौके पर माेहम्मद शमी ने कोच रवि शास्त्री को भेजी मटन बिरयानी और खीर


ईद उल फितर का त्योहार सोमवार को पूरे देशभर में मनाया गया। ऐसे में ईद के मौके पर भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी को लोगों को बधाई दी और उन्होंने टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री के लिए एक खास ट्वीट भी किया। शमी ने सोशल मीडिया पर सेवइयां, खीर और मटन बिरयानी की तस्वीर शेयर की और कोच शास्त्री को टैग कर लिखा है कि ये सभी चीजें उन्होंने कूरियर कर दी है, कुछ समय में पहुंच जाएगीं। शमी ने ट्विटर पर लिखा कि रवि भाई आपकी सेवइयां, खीर और मटन बिरयानी मैंने कूरियर कर दी हैं और कुछ समय में पहुंच जाएगीं, आप देख लो।


शमी ने इससे पहले, अपने फैन्स को ईद की मुबारकबाद देते हुए लिखा ईद मुबारक। अल्लाह आपकी जायद तमन्नाओं को पूरी करे। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी (कोरोना वायरस संक्रमण) पर कंट्रोल करने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है और मस्जिद समेत तमाम धार्मिक स्थल बंद हैं। इसीलिए मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से घर पर ही ईद की नमाज अदा करने का आग्रह किया है।


दिल्ली के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं ने रविवार को लोगों से अपील की कि वे ईद मनाते समय सोशल डिस्टैंसिंग के साथ-साथ लॉकडाउन नियमों का पालन करें। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि चांद दिख गया है और सोमवार (25 मई) को ईद मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमने लोगों से एक-दूसरे को गले लगाने और हाथ मिलाने से बचने के लिए कहा है।'


बरेली में कोरोना का बढ़ता ग्राफ


बरेली। जिले में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दो और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ये दोनों 300 बेड के अस्पताल में क्वारेन्टीन किए गए थे और 21 मई को इनका नमूना लिया गया था। जिले में अब तककुल 43 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं जिसमे दो की मौत हुई है और 10 लोग ठीक होकर घर वापस जा चुके हैं। अब बरेली में कोरोना के 31 एक्टिव केस हो गए हैं।


दूसरे प्रदेश से आए लोगों ने बढ़ाया आंकड़ा


इसके पहले बरेली दो बार कोरोना फ्री हो चुका है लेकिन दूसरे प्रदेश से आए लोगों की वजह से जिले में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के 31 एक्टिव केस में ज्यादातर लोग बाहर से आए हुए हैं या उनसे संबंधित है। सोमवार को भी दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लगातार केस बढ़ने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है।


Report@Vikas Verma


Sunday, May 24, 2020

यूपी में हो रही भीषण गर्मी


मौसम विभाग के अनुरूप 28 मई तक लू का कहर,फिर आगे बारिश! 


 मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले पांच दिन बहुत भारी पड़ेंगे। तापमान 45 डिग्री से कम होने की उम्मीद नहीं है।साथ में तेज गर्म हवाओं(लू) के थपेड़े भी चलेंगे।राजस्थान की ओर से धूल भरी हवाएं भी आएंगी।यह आंखों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। लिहाजा बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।अधिकतर काम सुबह निपटाना ठीक रहेगा।अन्यथा शाम पांच से सात बजे के बीच ही जरूरी काम से बाहर निकलें।29 मई से मौसम बिगड़ सकता है।


Report@Milkha Singh Yadav


अभिभावकों द्वारा कानपुर शहर के बड़े स्कूलों के बाहर हो रहा फीस वृद्धि को लेकर हंगामा


कानपुर स्थित केडीएमए वर्ल्ड स्कूल में आज अभिभावकों ने लाक डाउन की अवधि में फीस की नोटिस दिए जाने के विरोध में स्कूल गेट पर जमकर हंगामा किया। स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध जोरदार नारे लगाए। कानपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा निडर ने कहा कि पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड-19 से संघर्ष कर रहा है ऐसे में तथाकथित समाज सेवकों को स्वयं से संज्ञान लेकर लाक डाउन की अवधि की फीस नहीं मागनी चाहिए थी परंतु स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर जोर जबरदस्ती से फीस मांगने पर अड़ा हुआ है,जोकि सरकार के दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है सरकार द्वारा कहा गया है लाक डाउन समाप्त होने के उपरांत अभिभावक फीस जमा कर सकते हैं चूकि कानपुर रेड जोन में है ऐसे में कानपुर के सभी स्कूल पूर्णतया कब खुलेंगे इसकी कोई भी आशा नहीं है अतः ऐसे में अभिभावकों ने फीस देने से हाथ खड़े कर दिये है।


  राकेश मिश्रा द्वारा बताया गया कि हम लोगों की स्कूल प्रबंधन एवं सरकार से मांग है जब तक बच्चे सुरक्षित माहौल में स्कूल ना जाने लगे, तब तक उस दौरान की संपूर्ण फीस माफ कर दी जाए एवं महंगी कॉपी किताबें खरीदने से इंकार कर दिया। हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। अभिभावकों द्वारा बताया गया कि स्कूल प्रबंधन ने कहा है जो अभिभावक फीस देने में सक्षम हैं वह फीस दें और जो अभिभावक फीस देने में अक्षम है वह लिखकर प्रार्थना पत्र निर्गत करें उस पर संतोषजनक कार्यवाही की जाएगी ‌।प्रदर्शन करने में प्रमुख रूप से आशीष निगम, रवि शुक्ला,अनूप शुक्ला, रंजन सिंह, सचिन दीक्षित, अनुराग त्रिवेदी, अर्चना दीक्षित,अभिषेक चंद्रा, नागेंद्र तिवारी इत्यादि रहे।



Report@Parbhas Trivedi 


क्या समाप्त होने वाला है मोदी युग? - अनुज अग्रवाल


कोरोना संकट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। वे आज के अभिमन्यु बनते जा रहे हैं। यह भी सत्य है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े साहस से डटे हुए हैं और लगभग चक्रवर्ती सम्राट की तरह ही भारत की सत्ता का संचालन कर रहे हैं और वैश्विक स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। मगर परिस्थिति दिन व दिन जटिल होती जा रही हैं। हर बदलते दिन के साथ उन पर आरोप लगते जा रहे हैं व उनके कई निर्णयों के उल्टा असर पड़ने से देश की जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। एनडीए सरकार के सन 2019 में वापसी के बाद कश्मीर, अयोधया व तीन तलाक आदि के मुद्दों पर जीत के साथ वे लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए थे और इसीलिए कोरोना संकट के समय उनके सम्पूर्ण लॉक डॉउन के निर्णय का पूरे देश ने एक स्वर में साथ दिया बिना किसी चर्चा व गहराई में गए बिना। मगर लॉक डॉउन के चौथे चरण तक आते आते चीजें बिखरने लगी। लोगों की जान बचाने के लिए अर्थव्यवस्था का गला घोंटने व सब कुछ यथास्थिति रोक देने से देश मे भयंकर अव्यवस्था, असंतोष व अशांति का माहौल बन गया है। लोग सीएए व शाहीन बाग के कारण उपजी अराजकता से उभरे भी नहीं थे कि संक्रामक बीमारी के भय व गंभीर आर्थिक संकट से घिर गए। इसी के साथ सब कुछ बंद कर देने से आर्थिक के साथ ही भावनात्मक, मानसिक व स्वास्थ्य संबंधी सैकड़ो समस्याओं से घिरते गए और उससे भी बड़ी समस्या बेरोजगारी, भूख , गरीबी व प्रवास की। इन्हीं विपरीत परिस्थितियों में घबराहट, भगदड़ के बीच प्रवासी मजदूरों के संकट का लिजलिजा समाधान मोदी की छवि को गहरी चोट दे गया। अब मध्यम वर्ग भी नोकरी व व्यापार चले जाने के कारण सरकार व मोदी से नाराज होता जा रहा है। संघ परिवार में भी मोदी से नाराजगी बढ़ती जा रही है। 



    सरकार की आमदनी बहुत कम हो जाने से जरूरी खर्चो तक के लिए धन की कमी ने बड़े संकट पैदा कर दिए हैं। इन सबके बीच पाकिस्तान द्वारा सैकड़ो बार सीमा पर गोलीबारी, चीन के साथ लद्दाख में झड़प, नेपाल का आंखे दिखाना, हिंद महासागर में चीन की बढ़ती दखल, अमेरिका चीन में बढ़ते तकरार के बीच भारत को उलझने की कोशिश तो चीन व अमेरिका द्वारा भारत पर बढ़ता कूटनीतिक दबाब कुछ अलग ही चिंताएं बढ़ा रहा है। कश्मीर में बढ़ती आतंकी वारदाते, तो देश के अनेक भागों में बढ़ता टिड्डी दल का आक्रमण, इम्फान तूफान से उत्तर पूर्व, बंगाल व उड़ीसा में भीषण तबाही और कोरोना मरीजों का नित बढ़ता ग्राफ विकट चुनोती लिए खड़ा हो गया है। देश की अर्थव्यवस्था को खोलने की कोशिशों के बीच 70% औधोगिक क्षेत्र केंटोनमेंट जोन में होने के कारण सील होने से दिक्कत काम होने की जगह और बढ़ गयी हैं। इसी बीच विपक्षी दल विशेषकर कांग्रेस पार्टी लगातार सरकार को घेर रही है व हर निर्णय की आलोचना कर नकारात्मक माहौल बना रही है व देश मे आर्थिक आपातकाल लगाने की स्थिति आ सकती है। अगर ऐसा हुआ तो यह बहुत बुरा होगा।


      इन सब दुश्चिंताओं के बीच आने वाले अगले दो तीन महीने माहौल और बिगड़ने व खराब होने के संकेत दे रहे हैं। ऐसे में मोदी सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं व उनकी लोकप्रियता का ग्राफ नीचे आना निश्चित है। ऐसे में संभव है कि विपक्ष मध्यावधि चुनावों की मांग कर सकता है किंतु कमजोर विपक्ष की शायद ही सुनी जाए। हाँ संघ या पार्टी में मोदी को हटाकर किसी ओर को कमान देने की सुगबुगाहट अभी से शुरू हो चुकी है। ऐसे में आने वाले समय मे राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह व योगी आदित्यनाथ मोदी के विकल्प के रूप में देखे जाने लगेंगे। मोदी ऐसा कभी भी नहीं चाहेंगे। वे मंझे हुए खिलाड़ी हैं और अपने ट्रंप के पत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं यानि आपातकाल की घोषणा या फिर पाकिस्तान से युद्ध। मगर दोनों ही बहुत खतरनाक कदम साबित हो सकते है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई। महामारी व आर्थिक विपत्तियों से घिरे देश के लिए ऐसे कदम आत्मघाती भी हो सकते हैं। 


         उनके अगर अपनी सत्ता व देश दोनों बचाने हैं तो अपनी शैली में व्यापक बदलाब करने होंगे। निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक, पक्ष विपक्ष सभी से समन्वय और अमेरिका व चरण दोनों से सामान दूरी। इसके साथ ही चाहे संक्रमण की समस्या कितनी भी विकट हो जाए सम्पूर्ण लॉकडॉउन से परहेज और दीर्घकालिक व प्रभावी रणनीति बनाकर मजदूरों, किसानों व मध्यम वर्ग की समस्या का समाधान। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना में विदेश निवेश के लालच को डिलीट करने की इच्छा शक्ति। अन्यथा मोदी और देश दोनों का भगवान ही मालिक।


Report@अनुज अग्रवाल


 


10 दिन में 36 लाख लोग करेंगे यात्रा, RAC भी होगा कन्फर्म, रेलवे ने किए ये ऐलान


कोरोना वायरस और लॉकडाउन के दौर में भारतीय रेलवे की ओर से लोगों को लगातार राहत देना जारी है. रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार अहम फैसला ले रहा है. आने वाले दिनों के लिए भी रेलवे ने कमर कस ली है. इसी को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने शनिवार को कुछ बड़े ऐलान किए.


 


रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि जब तक आखिरी प्रवासी श्रमिक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच जाते, तब तक रेलवे की तरफ से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए हमने योजना बना रखी है कि अगले 10 दिनों में 36 लाख लोगों को यात्रा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि अब तक 35 लाख प्रवासी श्रमिक एक राज्य से दूसरे राज्य गए, जबकि करीब 10 लाख श्रमिक राज्य के अंदर सफर कर सके हैं. विनोद कुमार यादव ने कहा कि 2,600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें यात्रा पूरा कर चुकी हैं.


 


*यात्रा से 30 दिन पहले टिकटों की बुकिंग*


 


स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने से पहले अब 30 दिन पहले भी लोग रिजर्वेशन टिकट ले पाएंगे. इससे पहले रेलवे ने यात्रा से 7 दिन पहले टिकट बुकिंग की इजाजत दी थी. रेलवे 1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों के टिकट बुकिंग के लिए धीरे-धीरे सारे टिकट काउंटर खोलने जा रहा है.


 


रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक 1 हजार से ज्यादा टिकट काउंटर्स खुल चुके हैं. जरूरत के अनुसार आगे भी काउंटर्स खुलते रहेंगे. साथ ही, IRCTC एजेंट, पोस्ट ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर्स आदि को भी टिकट उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है. पहले सिर्फ IRCTC की वेबसाइट और ऐप से ही टिकट बुकिंग की अनुमति थी.



उन्होंने कहा कि रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसलेशन (RAC) टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है. विनोद कुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हमने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति दी है. रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है.


 


*'ज्यादा किराया नहीं लिया जा रहा'*


 


रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने ये भी साफ कर दिया कि स्पेशल ट्रेनों में पहले के मुकाबले ज्यादा किराया नहीं वसूला जा रहा है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से पहले जो टिकट के दाम थे आज भी वहीं हैं. किसी भी टिकट पर एक भी पैसा ज्यादा नहीं लिया जा रहा है.


 


उन्होंने कहा कि जहां तक बात खास यात्रियों को टिकट किराए पर मिलने वाली छूट का सवाल है तो लॉकडाउन से पहले कुछ छूटों पर रोक लगा दी गई थी, खासकर बुजुर्गों को मिलने वाली. वह इसलिए किया गया था कि संकट की स्थिति में लोगों का साथ मिले. उन्होंने कहा कि टिकट फेयर में रियायत की वही व्यवस्था आज भी लागू है. उन्होंने बताया कि कुछ ट्रेनों में महज 30 फीसदी सीटें ही बुक हुई हैं, हालांकि कुछ ट्रेनों में 100 फीसदी सीटें बुक हो चुकी हैं.


Saturday, May 23, 2020

शिया और सुन्नी मरकज़ी चांद कमेटी का एलान, 25 मई को देशभर में मनाया जायेगा ईद


लखनऊ : शिया और सुन्नी मरकज़ी चांद कमेटी का एलान! 25 मई को देशभर में मनाया जायेगा ईद उल फितर का त्योहार! मौलाना ख़ालिद रशीद ने किया एलान! मरकज़ी रूईयत हिलाल कमेटी से मुफ़्ती अबुल इरफान मिया का भी एलान! शिया और सुन्नी उलमा ने की मुसलमानो से अपील, लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का ईद पर हो पालन, सादगी के साथ घरो में रह कर मनाया जाये ईद का त्योहार ईद की नमाज़ घरो पर ही अदा करे लोग, मस्जिदो में केवल 5 लोग ही अदा करे नमाज़, ईद में ग़रीबो और ज़रूरतमंदों का रखे ख़ास ख़याल, कोरोना महामारी से देश,दुनिया को निजात मिले करे दुआ! 


Lucknow police breaking!!

ब्रेकिंग लखनऊ



 


लखनऊ CP के आदेश पर राजधानी लखनऊ पुलिस ने पूरी तरह कसी कमर उतरी सड़कों पर। डीसीपी वेस्ट सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी व एसीपी बाजार खाला अनिल कुमार यादव के आदेशों पर काम कर रहे इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह व चौकी प्रभारी गुलजार नगर नंदू सिंह ।



इंस्पेक्टर बाजार खाला विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में चौकी प्रभारी गुलजार नगर नन्दू सिंह ने चलाया भीड़भाड़ वाले एरीया मछली मंडी में चेकिंग अभियान व फालतू घूम रहे लोगो की लगाई किलास व काम से जारहे लोगो के जाने का रिजन व कागज किया चेक। चौकी प्रभारी गुलजार नगर नन्दू सिंह ने कहा कि क्षेत्र में फालतू घूम ने वालों की अब खैर नहीं। फालतू घरो से बाहर घूम के कोरोना वायरस को बढ़ावा देने वालों पर चला बाजार खाला पुलिस व चौकी प्रभारी गुलजार नगर नन्दू सिंह का हंटर


 


रिपोर्टर _ शादाब आलम


अयातुल्लाह अली ख़ामनेई ने कहा, "क्षेत्र में यहूदियों की हुकूमत एक ट्यूमर की तरह है

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने शुक्रवार को कहा कि इसराइल एक ट्यूमर है जिसे हटाया जाना है! साथ ही उन्होंने फ़लस्तीन को ईरान से हथियार भेजने का भी समर्थन किया है. दूसरी तरफ़, अमरीका, यूरोपीय संघ और इसराइल ने ईरान के इस बयान की कड़ी आलोचना की है! इसराइल का विरोध शिया बहुल ईरान में एक बड़ा मुद्दा है. इसराइल के साथ अमन का विरोध करने वाले फ़लस्तीनी और लेबनान के सशस्त्र गुटों को ईरान का समर्थन हासिल रहा है. ईरान ने आज तक इसराइल को मान्यता नहीं दी है! 



समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अयातुल्लाह अली ख़ामनेई ने कहा, "क्षेत्र में यहूदियों की हुकूमत एक ट्यूमर की तरह है जो जानलेवा और नासूर बन गया है. बेशक इसे एक दिन नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा."ख़ामेनेई ने रमज़ान के आख़िरी जुमे के दिन एक ऑनलाइन भाषण में ये बात कही! अमरीका, यूरोपीय संघ और इसराइल ने ईरान की इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है! 


 


इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ईरान को आगाह करते हुए कहा, "इसराइल को बर्बाद करने की धमकी देने वाली ताक़तों का भी वही हश्र होगा."


अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने ख़ामेनेई के बयान को ख़ारिज करते हुए उसे घृणित और यहूदी विरोधी टिप्पणी करार दिया! उन्होंने कहा कि ये बातें ईरान के आम लोगों की सहिष्णुता की परंपरा से मेल नहीं खाती हैं! 


 


यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसेफ़ बोरेल ने कहा कि ख़ामेनेई की टिप्पणी पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और ये चिंता का सबब भी है! 


 


फ़लस्तीनी गुटों को हथियारों की मदद


 


हालांकि गज़ा में सक्रिय 'हमास' और 'इस्लामिक जिहाद' जैसे फ़लस्तीनी सशस्त्र गुट ईरान की तरफ़ से मिलने वाले पैसे और हथियारों की मदद की तारीफ़ करते रहे हैं! 


 


लेकिन शुक्रवार से पहले ख़ामनेई ने कभी भी सार्वजनिक तौर पर ये बात नहीं कबूल की थी ईरान इन सशस्त्र गुटों को हथियारों की आपूर्ति करता है! 


 


ख़ामनेई ने कहा, "ईरान को इस बात का एहसास है कि फ़लस्तीनी लड़ाकों की केवल एक समस्या है और वो है हथियारों की कमी. अल्लाह की मर्जी और मदद से हमने योजना बनाई और फ़लस्तीन में सत्ता का संतुलन बदल गया और गज़ा पट्टी यहूदी दुश्मनों के हमलों के ख़िलाफ़ खड़ी हो सकती है और उन्हें हरा सकती है."


 


इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने इस पर कहा, "इसराइल के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. ख़ामेनेई का बयान इसे पूरी तरह से स्पष्ट कर देता है."बेनी गैंट्ज़ ने फ़ेसबुक पर लिखा, "मैं किसी को ये सलाह नहीं दे सकता कि वो हमारा इम्तेहान ले ले... हम किसी भी किस्म के ख़तरे का सामना करने के लिए हर तरह से तैयार हैं."


 


ख़ामेनेई ने और क्या कहा?


 


ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता ने शुक्रवार को अपने संबोधन में इसराइल के ख़िलाफ़ बयान देने के अलावा भी बहुत कुछ कहा! 


समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार ख़ामेनेई ने इस मौके पर कहा, "फ़लस्तीन की आज़ादी हमारी इस्लामी ज़िम्मेदारी है. इस संघर्ष का मक़सद पूरे फ़लस्तीनी इलाक़े की आज़ादी है और फ़लस्तीनियों को उनका मुल्क वापस दिलाना है. अमरीका चाहता है कि इस इलाक़े में यहूदियों की सरकार की मौजूदगी को सामान्य बात बना दी जाए. कुछ अरब देशों की अमरीका परस्त सरकारें इसके लिए हालात तैयार कर रही हैं."


 


फ़लस्तीन के मुद्दे को समर्थन देने के लिए ईरान हर साल रमज़ान के आख़िरी जुमे के दिन 'क़ुड्स (यरूशलम) दिवस' मनाता है. साल 1979 की क्रांति के बाद से ही ईरान में ये परंपरा चली आ रही है! 


 


पिछले 30 सालों में ये पहला मौक़ा है जब ईरान के सुप्रीम लीडर की हैसियत से ख़ामेनेई इस मौक़े पर संबोधित कर रहे थे. हालांकि वे लगातार ये कहते रहे हैं कि फ़लस्तीन का मुद्दा मुस्लिम जगत की सबसे बड़ी समस्या है! इस साल कोविड-19 की महामारी के कारण ईरान ने 'क़ुड्स डे' से जुड़ी रैलियां स्थगित कर दी थीं! 


Friday, May 22, 2020

लॉकडाउन में चीन से हटने वाली कंपनियों को यूपी लाने की मुहिम में जुटी योगी सरकार


लखनऊ, 22 मई। विदेशी कंपनियों को यूपी लाने की योगी सरकार की मुहिम लॉकडाउन के दौरान भी रंग ला रही है। अमेरिका की कंपनी मास्टर कार्ड ने यूपी सरकार संपर्क कर राज्य के एमएसएमई सेक्टर में सहयोग करना चाहती है। उसकी योजना ग्रामीण क्षेत्रों क्रेडिट कार्ड योजना में निवेश करने की है। 


मास्टरकार्ड ग्लोबल पेमेंट व टेक्नालॉजी की मल्टीनेशनल कंपनी है। मास्टर कार्ड की रणनीति ग्रामीण क्षेत्रों किराना स्टोर में डिजिटल पेमेंट की सुविधा को बढ़ावा देने की है। मास्टर कार्ड उन अमेरिकन कंपनियों में है जो चीन से अपना कारोबार शिफ्ट कर भारत समेत कई दूसरे मुल्कों में अपने लिए संभावनाएं तलाश रही हैं। कंपनी ने यूपी के साथ निवेश सहयोग के लिए राज्य के एमएसएमई व निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को पत्र लिखा है।


असल में पिछले महीने ही यूनाइटेड स्टेट इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनशिप के फोरम पर यूपी सरकार ने वेबनियर के जरिए दो दर्जन अमेरिकन कंपनियों से बातकर यूपी में बेहतरीन माहौल के बारे में बताया था। 


अब शुक्रवार को यूसएस इंडिया बिजनेस कांउसिल के जरिए सिद्धार्थनाथ सिंह अन्य बड़ी अमेरिकन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश के संबंध में बात करेंगे। इसी बीच चीन से शिफ्ट होने वाली जर्मनी की मशहूर फुटवियर कंपनी वॉन वेल्क्स उत्तर प्रदेश में निवेश करने की तैयारी में है। 


चीन से शिफ्ट होने वाली कंपनियों को लुभाने के लिए ही मुख्यमंत्री ने एक हाईलेवल कमेटी बनाई है। इसमें दो वरिष्ठ मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना भी हैं। मुख्यमंत्री जून के आखिरी या जुलाई में संबंधित देशों के राजदूतों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यूपी में निवेश के संबंध में चर्चा करेंगे।


काली पट्टी बांधकर बैंककर्मीं ने किया विरोध


Gonda : सरकार के श्रम विरोधी कानून के कारण शुक्रवार को बैंक के कर्मचारियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक दर्जीकुंआं के प्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों के निर्देशानुसार विरोध किया जारहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां पूरा देश व विश्व के लोग इस समय कोरोना महामारी से निपटने में लगे हुए हैं। वहीं केन्द्र सरकार श्रम विरोधी कानून लाकर मजदूर वर्ग का शोषण कर रही है। श्रमिकों के काम का समय आठ घण्टे से बढ़ाकर 12 घण्टे सरकार करने जारही है। सरकार श्रमिकों का शोषण कर उन्हें गुलाम बनाना चाहरही है। सरकार नेताओं के पेंशन को बरकरार रखते हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं देरही है। उन्होंने बताया कि बैंक के संगठन की अहवान पर एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया गया है। कैशियर संजीव कुमार गुप्ता, काली चरन, खोरहंसा प्रबंधक आशीष गाबा और उनका पूरा स्टाप विरोध प्रदर्शन में शामिल रहा।


योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी पुलिस मुख्यालय के वॉट्सऐप नंबर पर भेजी गई। जिस नंबर से धमकी भरा मेसेज आया है, पुलिस ने उस नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मेसेज में योगी को एक खास समुदाय का दुश्मन बताते हुए धमकी दी गई है।


यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में गुरुवार देर रात लगभग साढ़े बारह एक वॉट्सऐप मेसेज आया। यह मेसेज यहां के सोशल मीडिया डेस्क के नंबर 7570000100 पर आया था। मेसेज में लिखा था, 'सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं। (एक खास समुदाय का नाम लिखा) की जान का दुश्मन है वो।' यह मेसेज आने के बाद उच्चाधिकारियों को इसी सूचना दी गई। 


 


अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि धमकी मोबाइल नंबर 8828453350 से आई थी। पुलिस ने इस नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अब रेकॉर्ड निकाला जा रहा है कि यह नंबर किसके नाम का है। 


 


19 मिनट के अंदर दर्ज हुई FIR 


अधिकारियों ने बताया कि गोमती नगर थाने में धारा 505 (1) बी, 506 और 507 के तहत केस दर्ज किया गया है। खासबात यह है कि इस मामले में जरा भी देरी नहीं की गई। मेसेज रात में 12 बजकर 32 मिनट पर आया तो थाने में महज 19 मिनट के अंदर 12 बजकर 51 मिनट पर एफआईआर दर्ज करा दी गई! अधिकारियों ने बताया कि मामले में कोई ढील न देते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। तेजी से धमकी देने वाली की तलाश हो रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 


लगातार मदद के लिए यूपी पुलिस हर जगह आगे दिखाई दे रही है


कानपुर! ऐसा ही एक मामला कानपुर शहर के बाबू पुरवा थाना के अंतर्गत आया जहां पर बिहार जा रहे हैं प्रवासी मजदूरों की मदद बाबू पुरवा थाना के थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने दो गैर सरकारी बसें बुलाकर अपने निजी खर्च से डीजल भरवा कर उन प्रवासी यात्रियों को इलाहाबाद तक छोड़ने के लिए बसों को तैयार कराया। और प्रवासियों का पूर्ण हालचाल लेने के बाद अपने सामने बसों में प्रवासी मजदूरों को बैठाल कर रवाना किया।


 थानाध्यक्ष राजीव सिंह कि यह दरियादिली और लोगों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आएगी और सभी आगे मदद के लिए तैयार रहेंगे!


Report@parbhas trivedi _ kanpur


कानपुर शहर के तिलक नगर में मिले करुणा पॉजिटिव पॉश एरिया में आई दहशत


कानपुर! शहर के तिलक नगर स्थित आनंद प्रगति अपार्टमेंट में शहर के नामी ज्वैलर्स पी बी सोसाइटी का 101 न. फ्लैट इस अपार्टमेंट में है। जहां पर उनके मुनीम तथा 3 लोग दो-तीन दिन पहले रहने आए थे पूछने पर पता चला कि जगह ना होने के कारण इस फ्लैट में रहने आए हैं उनमें से एक कोरोना पॉजिटिव मिलने से पूरे अपार्टमेंट में हड़कंप मच गया तथा आसपास क्षेत्र में दहशत फैल गई। प्रशासन के मुताबिक इसके कागजों का पता नयागंज होने के कारण कलेक्टर गंज पुलिस लोकेशन चिन्हित कर रही थी पर इनको यहां मिलने के बाद।हॉटस्पॉट नयागंज ना होकर हॉटस्पॉट तिलक नगर बना दिया गया।


Reporter _प्रभात नागेन्द्र त्रिवेदी


 


मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...