Monday, November 15, 2021

विधायी एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर हुआ मध्य विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह का आयोजन


लखनऊ: 15 नवम्बर, 2021 : मध्य विधानसभा कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन माननीय कानून मंत्री बृजेश पाठक जी के द्वारा 9 राज भवन कॉलोनी हजरतगंज में किया गया जहां पर सैकड़ों की तादाद में सम्मानित कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया एसभी कार्यकर्ताओं ने मंत्री जी का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि आप जैसा विधायक हम लोगों को मिला आप हम सभी क्षेत्रवासियों को एक विधायक की तरह नहीं बल्कि एक परिवार की तरह देखते और मान सम्मान करते हैं हम सभी गवाह हैं उस क्षण के जिस समय पूरा देश कोविड.19 जैसी भयंकर महामारी से जूझ रहा था कोई भी नेता मंत्री किसी से नहीं मिलता था उस समय आप हम सभी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए थे चाहे भोजन की व्यवस्था करनी हो चाहे ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी हो चाहे दवाओं की व्यवस्था करनी हो चाहे किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना हो आप रात में 2 बजे भी हम सभी के लिए उपलब्ध रहते थे आप स्वयं सभी फोन को उठाते थे और हम सभी की पूरी तरह से मदद करते थे आज आपके द्वारा सम्मान पाकर हम सभी लोग बहुत  गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं


आज भी आप हर रोज सुबह उठ कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के जन समूह से मिलते हैं और एक एक लोगों की समस्याओं को सम्मानित तरह से सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्यवाही हेतु निर्देशित भी करते हैं आपके द्वार से कोई भी व्यक्ति निराश होकर नहीं जाता है आज की तारीख में बहुत बड़ी बात है और सबसे बड़ी बात यह है कि आप अपने क्षेत्र के साथ साथ पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं


आज उत्तर प्रदेश के विधायी, न्याय एवं ग्रामीण अभियन्त्रण मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर मध्य विधानसभा क्षेत्र सभी मण्डलों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया। श्री पाठक ने सभी मण्डलों के कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया और आगामी 2022 के चुनाव की तैयारी के दृष्टिगत जी-जान लगाकर जुटने एवं भारी मतों से भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित करने का आह्वाहन किया। इसके साथ ही पार्टी के द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने, कोविड के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करने का भी निर्देश दिया। उक्त कार्यकर्ता सम्मान समारोह के कार्यक्रम में श्री भारत दीक्षित जी, प्रदेश मुख्यालय प्रभारी, चैधरी लक्ष्मण सिंह जी, सह-प्रभारी, एवं अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य रमेश तूफानी जी, श्री अशोक तिवारी जी पूर्व संगठन मन्त्री, मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, ए.पी. सिंह, अमर श्रीराम, ओम प्रकाश तिवारी, शोभाराम शुक्ल, बी.डी. शुक्ल, शिव सेवक उपाध्याय, उपसभापति नगर निगम रजनीश गुप्ता, पार्षद मुकेश सिंह मोण्टी, कैलाश गुप्ता नामित पार्षद, पूर्व पार्षद गिरीश गुप्ता, मण्डल अध्यक्षगण आनन्द पाण्डेय, हिमान्शु सोनकर, राकेश सिंह, जीतेन्द्र राजपूत, बृजेन्द्र बाजपेयी, शैलू सोनकर, मनोज वर्मा, अनूप बाजपेयी, मृदुल यादव, धमेन्द्र मिश्रा, रिषभ सोनकर, सोनू साहू, कमलेश यादव, शिवबरन शुक्ला, इन्दल गौतम, तकी अहमद, सुमित रावत, राजू कश्यप, कुमुदिनी तिवारी, शंकर राजभर, खालिद हुसैन, विशाल मिश्रा, शोभा राजपूत, रेनू बाजपेई, राहुल सोनकर, विजय गुप्ता, सुभाष मिश्रा, अंशू मिश्रा, प्रतिभा रावत, बबिता सक्सेना, आरती वर्मा, ऐजाज, मनोज साहू, अजय धानुक, अजय बारी, भाग्यलक्ष्मी, सचिन चैहान, दिवाकर सिंह, देवान्श पाण्डेय, अनुज मिश्रा, सचिन सोनकर, अंकित गुप्ता, शुभम गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

लखनऊ में जन समाज एकता पार्टी की बैठक

 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी सभाएं एवं रैलियां कर रहे हैं वही जन समाज एकता पार्टी ने भी अपने पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ ज़िला कमेटी की बैठक किया जिसमे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सचान, पार्टी के महासचिव आवेज़ रिज़वी, प्रदेश अध्यक्ष रवि सिंह हरदोई, जिला अध्यक्ष आशीष व अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सचान ने कहा कि आज आप लोग पहली बार मीटिंग में शामिल हुई है पार्टी के इस बैठक में आप सभी का स्वागत है और जनपद लखनऊ के अंबेडकर पार्क में जन समाज एकता पार्टी की सभा आयोजित  होगी। जन समाज एकता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी और राजनीतिक पार्टियों में एक विकल्प के रूप में उभरेगी !

पार्टी के महासचिव आवेज़ रिज़वी ने कहा के जन समाज एकता पार्टी का विस्तार बहुत तेज़ी से हो रहा है आज की इस बैठक से लखनऊ क्षेत्र का विस्तार होगा जिसमें मौजूद सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की अहम भूमिका है !

प्रदेश अध्यक्ष रवि सिंह ने कहा के आप सभी की मेहनत से लखनऊ के अंदर पार्टी का नाम होगा और इसके साथ-साथ समाज का कल्याण होगा !

ज़िला अध्यक्ष एवं लखनऊ पश्चिम प्रत्याशी शीबा ज़ैदी ने कहा मैं पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ जन समाज एकता पार्टी का कार्य करूँगी और पार्टी ने जो भी ज़िम्मेदारी दिया है उसे बख़ूबी निभाऊंगी !

"Next media Team - Lucknow"

Sunday, November 14, 2021

U.P में कल से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, आखिरी में 0 और एक नंबर है तो हो जाएं सावधान

जिन वाहन स्वामियों की नंबर प्लेट का आखिरी अंक 0 और एक है वे तत्काल हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवा लें। अंतिम तिथि 15 नवंबर सोमवार को पूरा होने वाली है। वाहन स्वामियों की यह लापरवाही उन पर भारी पड़ सकती है और उन्हें बड़ा जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।


लखनऊ : जिन वाहन स्वामियों की नंबर प्लेट का आखिरी अंक 0 और एक है, वे तत्काल हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवा लें। अंतिम तिथि 15 नवंबर सोमवार को पूरा होने वाली है। वाहन स्वामियों की यह लापरवाही उन पर भारी पड़ सकती है और उन्हें बड़ा जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। राहत उन्हीं वाहन स्वामियों को ही मिल पाएगी जिनके पास एचएसआरपी की ऑनलाइन बुकिंग की रसीद या अन्य साक्ष्य होंगे। हालांकि, गाड़ियों के चालान को लेकर अभी कोई अभियान की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन वाहन की सुरक्षा संबंधित नंबर प्लेट को अब लगवाया जाना जरूरी होगा।

इस आशय के आदेश परिवहन आयुक्त धीरज साहू पहले ही जारी कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी वाहनस्वामियों ने इसे लगाए जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इससे पूर्व प्रदेश में दोपहिया, चार पहिया, व्यवसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एसएचआरपी) लगवाए जाने की तारीख बीती 15 जुलाई थी। कोरोना के चलते परिवहन विभाग ने नंबर प्लेट लगवाए जाने की समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई थी। साथ ही निजी वाहन स्वामियों की गाड़ियों के लिए नंबरों के हिसाब से तारीख निर्धारित की गई है।

नंबर प्लेट के अंतिम अंक के हिसाब से तय की गई तिथियां 

15 नवंबर 2021 तक -प्रदेश के सभी जिलों में पंजीकृत वे निजी वाहन जिनके नंबर के अंत में 0 और 1 है। 15 फरवरी 2022 तक -पंजीकृत वाहन जिनके नंबर के अंत में 2 और 3 है। 15 मई 2022 तक- पंजीकृत वाहन जिनके अंतिम नंबर के अंत में 4 और 5 है। 15 अगस्त 2022 तक-पंजीकृत वाहन जिनके नंबर के अंत में 6 और 7 है। 15 नवंबर 2022 तक- पंजीकृत वाहन जिनके नंबर के अंत में 8 और 9 है।

नंबर प्लेट न लगाने पर बड़े जुर्माने के नियमः बिना एचएसआरपी लगवाए वाहन चलाए जाने पर पकड़े जाने पर वाहनस्वामी जुर्माने और चालान की जद में आ जाएगा। मोटर वेहिकिल एक्ट में बिना नंबर प्लेट या फिर मनमाने तरीके से नंबर लिखवाए जाने के तहत पांच हजार रुपये के जुर्माने का नियम है।

यूपी को लेकर बीजेपी इतनी डरी हुई क्यों नज़र आ रही है ?

 श्रवण गर्ग-

उत्तर प्रदेश को लेकर भाजपा इतनी डरी हुई क्यों नज़र आ रही है ? उसकी आक्रामकता के पीछे छुपा भय आत्म-विश्वास के मुखौटे को चीर कर बाहर क्यों झांक रहा है ? पिछले साढ़े सात साल में पहली बार लोगों को पार्टी के नेताओं के चेहरों पर इस तरह का डर दिखाई दे रहा है। पार्टी अपनी सत्ता को लेकर उस समय भी इतनी डरी-सहमी नहीं थी जब पश्चिम बंगाल की चुनावी मुहिम में योगी को हिंदुत्व का चेहरा बनाने के बावजूद उसे नाकामी मिली थी। इस समय तो योगी अपने ही राज्य में हैं ! लगता है कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों (पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर ) में होने वाले चुनावों के ठीक पहले हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित तेरह राज्यों की 29 विधान सभा और तीन लोक सभा सीटों के लिए हुए उप-चुनावों के परिणामों ने भाजपा को भीतर से हिला दिया है।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के गृह प्रदेश हिमाचल में विधान सभा की तीनों और लोक सभा की मंडी सीट जिस तरह कांग्रेस की जेब में चली गईं उसके बाद तो पूरी संभावना थी कि रविवार को नई दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की समापन बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा हमला ‘एक परिवार’ पर ही होगा। ऐसा ही हुआ भी। कांग्रेस द्वारा जीती गई मंडी सीट तो भाजपा ने ढाई साल पहले ही चार लाख मतों से जीती थी।इन उप-चुनावों के पहले तक कांग्रेस भाजपा के एजेंडे से लगभग ग़ायब हो चुकी थी। उसका भूत फिर सामने है।

प्रधानमंत्री जिस समय कार्यकारिणी को सम्बोधित कर रहे थे, उनकी पार्टी की चिंताओं के मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। वीडियो में दिखाया गया था कि दीपावली पर हजारों-हज़ार लीटर सरसों का तेल खर्च कर जिन बारह लाख दीयों से अयोध्या में सरयू नदी के तट को रोशन किया गया था, उनमें अधिकांश के तेज हवा में बुझते ही इलाक़े के सैंकड़ों गरीब बच्चे अपनी ख़ाली बोतलें दीयों के तेल से भरने के लिए उमड़ पड़े। सरसों का तेल इस समय दो सौ से दो सौ पैंसठ रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। उसे खरीद पाना प्रदेश की तीस प्रतिशत जनता के बूते में नहीं है।


भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश का महत्व इस तथ्य से समझा जा सकता है कि चुनाव तो पाँच राज्यों में होने जा रहे हैं पर दिल्ली बैठक में सिर्फ़ योगी ही उपस्थित/आमंत्रित थे। शेष शीर्ष पार्टी नेता वीडियो सम्पर्क के ज़रिए बैठक से जुड़े थे। इतना ही नहीं, कार्यकारिणी में पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव को पेश करने का दायित्व भी योगी को ही सौंपा गया। वर्ष 2017 और 2018 की कार्यकारिणी बैठकों में राजनीतिक प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने पेश किए थे। जब इस बाबत निर्मला सीतारमन से सवाल किया गया तो उनका जवाब था : वे (योगी) भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री हैं। वे संसद सदस्य रह चुके हैं। योगी ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों की मदद करने में महती भूमिका निभाई है। अतः उनसे राजनीतिक प्रस्ताव क्यों नहीं पेश करवाया जाए?

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में योगी को दिए गए अतिरिक्त सम्मान को दो नज़रियों से देखा जा सकता है। एक तो इन अटकलों के परिप्रेक्ष्य में कि केंद्र और योगी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दूसरा अमित शाह की हाल की लखनऊ यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा चुनाव परिणामों को मोदी की सत्ता में वापसी के साथ जोड़कर दिए गए वक्तव्य से। अमित शाह ने कहा था :’ मोदी जी के नेतृत्व में अगला जो लोक सभा का चुनाव जीतना है 24 (2024) में , उसकी नींव डालने का काम उत्तर प्रदेश का 22 (2022) का विधान सभा (चुनाव) करने वाला है। यह मैं यू पी की जनता को बताने आया हूँ कि मोदी जी को फिर से एक बार 24 (2024) में प्रधानमंत्री बनाना है तो 22 (2022) में फिर एक बार योगी जी को मुख्यमंत्री बनाना पड़ेगा। तब जाकर ये देश का विकास आगे बढ़ सकता है।’

चुनाव-परिणामों को लेकर पार्टी में व्याप्त शंकाओं-आशंकाओं को अमित शाह की चिंता में भी पढ़ा जा सकता है और कार्यकारिणी में मोदी द्वारा किए गए कार्यकर्ताओं के आह्वान में भी। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आम आदमी और पार्टी के बीच विश्वास का पुल बनें। आलोचक चाहें तो इसका अर्थ यह भी निकाल सकते हैं कि आम आदमी और पार्टी के बीच विश्वास में शायद दरार पड़ गई है और मोदी ने उसे भांप लिया है।

तीन साल बाद होने वाले लोक सभा चुनावों में मोदी को सत्ता में फिर लाने को लेकर जैसी चिंता भाजपा में अभी से व्याप्त हो गई है वैसी आम जनता के बीच क़तई नहीं है। उन राज्यों की जनता में भी नहीं जहां इस वक्त भाजपा सत्ता में है और उनमें से अधिकांश को 2024 के पहले विधान सभा चुनावों का सामना करना है। ऐसे राज्यों की संख्या सोलह है जहां लोक सभा के पहले विधान सभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में लोक सभा की कोई ढाई सौ सीटें हैं। इन राज्यों में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र आदि शामिल नहीं हैं। पार्टी को यह आशंका भी हो सकती है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड (जहां एक-एक करके दो मुख्यमंत्री हाल के महीनों में हटा दिए गए) के विपरीत नतीजों का असर आगे के चुनावों और पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ सकता है। शेयर मार्केट की बात और भी अलग है। हिमाचल और राजस्थान के हाल के उप-चुनावों के नतीजों के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री के ‘एक परिवार’ के प्रति कोप को यूँ भी समझा जा सकता है कि कम से कम दो सौ लोक सभा सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस या तो सत्ता में है या वह मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय दल है।

इस हक़ीक़त को भाजपा की बड़ी चिंता के रूप में गिना जा सकता है कि अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद वह 2017 की तरह उत्तर प्रदेश में मंदिर और हिंदुत्व को मुख्य चुनावी मुद्दा नहीं बना पा रही है।धर्म के नाम पर अयोध्या में जलवाए गए दीयों के करोड़ों रुपए के तेल को गरीब मतदाताओं ने अपने भूखे पेटों में समा लिया और दिल्ली दरबार को संदेश भी दे दिया। तो क्या योगी जीत सुनिश्चित करने के लिए हिंदुत्व के अपने एजेंडे पर ही क़ायम रहेंगे (जैसे कि संकेत उनकी हाल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना की यात्रा से मिलते हैं) या अन्य विकल्पों पर भी प्रयोग कर सकते हैं ? वे विकल्प क्या हो सकते हैं ? चुनाव और युद्ध में अब सब कुछ जायज़ हो गया है। आश्चर्य नहीं किया जाना चाहिए अगर सम्भावित विकल्पों पर दबे पाँव काम शुरू भी हो गया हो। दावँ पर जो लगने वाला है उसे देखते हुए क्या यह ज़रूरी नहीं होगा कि आने वाले तीन महीनों के दौरान उत्तर प्रदेश के हरेक घटनाक्रम पर जनता अपनी पैनी नज़र रखे ? ऐसा इसलिए कि भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश में आज़माए जाने वाले नुस्ख़ों/विकल्पों की सफलता-असफलता की फ़ोटो कापियाँ ही आगे के सारे चुनावों में भी इस्तेमाल होने वालीं हैं !

News ref ... By भड़ास 4 मीडिया

Saturday, November 13, 2021

बसपा सुप्रीमो मायावती की मां का निधन,सीएम योगी व अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया


लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की मां रामरती का नई दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती यह सूचना मिलने के बाद बेहद उदास हो गई और मां के अंतिम दर्शन करने के लिए नई दिल्ली रवाना हो गई है। नई दिल्ली में स्वर्गीय रामरती देवी की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई है। 

       बसपा सुप्रीमो मायावती की मां रामरती देवी का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था। शनिवार देर शाम हृदयगति रुक जाने से उनका देहांत हो गया। रविवार को नई दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उनकी पार्थिव देह को मायावती के नई दिल्ली के आवास, तीन त्यागराज मार्ग पर रखा गया है। 

      बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने मायावती की माता के निधन की सूचना का ट्वीट करने के साथ ही उनके निधन पर शोक जताया है। मायावती की माता रामरती देवी बेहद पारिवारिक महिला थीं। उन्होंने कड़ी मेहनत से बच्चों का पोषण किया। वह इतनी उम्र होने के बाद भी परिवार तथा बच्चों के बीच में ही रहना पसंद करती थीं। वह लम्बे समय से बीमार थीं और चार दिन पहले ही उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

      बसपा मुखिया मायावती के पिता प्रभुदयाल ने बीते वर्ष 19 नवंबर को अंतिम सांस ली थी। उनके निधन के करीब एक वर्ष बाद ही उनकी रामरती देवी ने भी अंतिम सांस ली। स्वर्गीय प्रभुदयाल का 95 वर्ष की आयु में निधन हुआ था।

        मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मायावती की माता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा अध्यक्ष मायावती जी की माता जी का निधन बेहद दु:खद है। प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। इसके साथ ही शोकाकुल स्वजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें।

WHO ने दी गंभीर चेतावनी: अफगानिस्तान में खाने की कमी से साल के आखिर तक मर जाएंगे 10 लाख बच्चे

 


रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, WHO ने कहा है कि अफगानिस्तान में साल के अंत तक भोजन की बेहद कमी होने की संभावना है, जिसके चलते कम से कम 32 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाएंगे।

अफगानिस्तान में सत्ता पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से पैदा हुए संकट और विकराल होता जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने अफगान नागरिकों को विदेशी सहायता नहीं मिलने के कारण बहुत बड़ा आर्थिक संकट पैदा होने का अंदेशा जताया है। साथ ही इस संकट के बीच सूखे से जूझ रहे अफगानिस्तान में हालात नहीं सुधरने को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी दी है। WHO ने कहा है कि इस साल के अंत तक 10 लाख बच्चे सूखे के कारण पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से मौत का शिकार हो सकते हैं।

Friday, November 12, 2021

वसीम रिजवी की गिरफ्तारी को लेकर लोगों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

बहराइच : जरवल(बहराइच) नगर जरवल अहमद शाह नगर मैं  मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी द्वारा पैगंबर मोहम्मदﷺके की शान में आपत्तिजनक टिप्पणी की जिससे गुस्साए लोगों ने वसीम रिजवी के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए।अजीमुद्दीन के नेतृत्व में लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।तकिया मस्जिद इमाम मौलाना शाहआलम ने कहा की मरदूद वसीम रिजवी जो निहायत बदतमीज बत्तहजीब किस्म का आदमी है, हम हर कुछ बर्दाश्त कर सकते हैं लेकिन गुस्ताख ए रसूल को बर्दाश्त हरगिज़ नहीं किया जाएगा। आज उसने जो अल्फाज अदा किए हैं वह घोर निंदनीय हैं जिसकी हम निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि इस मरदूद को सख्त से सख्त सजा दी जाए।समाजसेवी अजीमुद्दीन ने कहा इससे पहले भी यह कुरान की आयतों को लेकर टिप्पणी की थी 

आजभारत जिसे सबसे बड़े धर्म निरपेक्ष राष्ट्र और गंगा जमुना तहज़ीब के लिए दुनिया जानती है उसकी आबोहवा खराब करने के लिये वसीम रिजवी जैसे इस्लाम के दुश्मन नफरत फैलाना शुरू कर दिये है।कहा है कि नबी ﷺ के सदके हमारी गर्दनें हमारी जान कुर्बान हैं मगर अब बर्दाश्त की हद पार हो गई है। हम सरकार से उन नफरत के बीज बोने वालों की गिरफ्तारी और फांसी की मांग करते हैं।प्रदेश सरकार ने इनको शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष नहीं बनाया गया जिसको लेकर बौखलाए वसीम रिजवी ने कुछ लोगों से मिलकर ही चुनाव से पहले प्रदेश में दंगा कराने की नियत से पैगंबर हजरत मोहम्मद सा0 पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली पुस्तक भी प्रकाशित की जिस के कवर पेज पर चित्रकारी अशोभनीय ढंग से प्रकाशित किया गया है।पुस्तक में मनगढ़ंत और तथ्यहीन बातें करके लोगों में क्रोधित कर और कई जगहों पर दंगे भड़काने की भरपूर साजिश रची है,ऐसी अशोभनीय भाषा का प्रयोग आज तक भारत में किसी भी धर्म आस्था समुदाय के लिए पूर्व में नहीं किया गया। जिसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।मौजूद सभासद शरीफ अहमद,समाजसेवी कमाल अहमद,सभासद फैजान अहमद,मुफीद अहमद(छोटू)मो0 शरीफ,डॉ जीशान अहमद,फरमान अहमद,शादाब पहलवान ,मुफीद अहमद,लाइक अहमद, मोहम्मद इलियास, एवं हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।जिसको लेकर जरवल पुलिस प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए थाना जरवल रोड पुलिस बल एवं पीएससी के जवान मौजूद रहे।



Team next media


दैनिक जागरण की मच्छर मार पत्रकारिता!

कानपुर : चाक चौबंद व्यवस्था में परिंदा भी पर नहीं मार सकता वाली कहावत दैनिक जागरण वालों ने लिटरली ले ली है.

ये मुख्यमंत्री की लिफ्ट में मच्छर घुसने से इतने आश्चर्यचकित हैं कि ख़बर बना रहे हैं.

किसी टकले के सर से बड़े-बड़े बाल टूटकर गिरने लग जाये तो दो कालम की न्यूज समझ भी आती है.

लेकिन मच्छर घुसने पर खबर?

क्या मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में मच्छरदानी भी होती है?

दैनिक जागरण लिख रहा कि चाक चौबंद व्यवस्था के बावजूद सीएम की लिफ्ट में मच्छर घुस गया था.

महापौर के हाथों मच्छर मसला गया और इस प्रकार मच्छर दो कॉलम की न्यूज को प्राप्त हुआ.

आश्चर्यजनक है कि दैनिक जागरण ने मच्छर का पोस्टमार्टम करवाने की मांग अभी तक जनहित में क्यों नहीं करी?

डेंगू वाला मच्छर हुआ तो?

मैं तो कहता हूं “ठांय-ठांय पुलिस” को मच्छरों के इनकाउंटर के लिए लगाना चाहिए.

News ref.. दीपांकर- भड़ास4मीडिया

ब्लाक स्तरीय खेल प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गोण्डा : शिक्षा क्षेत्र झंझरी के कमपोजिट विद्यालय दुल्लापुर में ब्लाक स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार को हुआ। आधा दर्जन से अधिक खेल प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ के प्रान्तीय कोषाध्यक्ष सुरेश सिंह व विशिष्ट अतिथि वीर विक्रम सिंह रहे। टेबुल टेनिस, हैण्ड बाल, वालीबॉल में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोकलपुर प्रथम व पू मा वि कपूरपुर द्वितीय रहा। कबड्डी में पू मा वि बेहडा चौबे प्रथम व पूरेतिवारी द्वितीय रहा। खो-खो प्रतियोगिता में केशवपुर पहाडवा प्रथम व ठोरहंस द्वितीय रहा। बालक वर्ग के हाकी प्रतियोगिता में नौबरा प्रथम व केशवपुर पहाडवा द्वितीय रहा। वहीं हाकी बालिका वर्ग में बेहडाचौबे प्रथम व फिरोजपुर तरहर द्वितीय रहा। जिला व्यायाम शिक्षक संजय सिंह ने बताया कि ब्लाक स्तरीय खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमें 26, 27 व 28 नवम्बर को जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल होगी। ओमशंकर यादव, तेजेन्द्र द्विवेदी, अफजाल अहमद, अतुल श्रीवास्तव, जगदीश ओझा ने निर्णायक की भूमिका अदा की।

 



ट्रक से टकराई स्कार्पियो 10 लोग घायल

गोण्डा 12 नवंबर : गोण्डा अयोध्या हाइवे पर पेरीपोखर के पास शुक्रवार  सुबह 8 बजे स्कार्पियो और ट्रक में आमने सामने टक्कर हो गई। स्कार्पियो में सवार दस लोग घायल हो गए।पुलिस ने घायलों को निजी वाहन से इलाज के लिए  जिला अस्पताल में भर्ती कराया  है। दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। स्कार्पियो में सवार कौड़िया थाना क्षेत्र के मिश्ररन पुरवा पूरे बदल गांव निवासी राज बाबू पुत्र चंद्रभान,सच्चिदानंद पुत्र बसन्त लाल, विनीत कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद, लाल जीत पुत्र बैज नाथ,प्रदीप कुमार पुत्र विन्देश्वरी प्रसाद, अजित कुमार पुत्र सत्य नारायण, उदय नारायण पुत्र सतीश , राकेश कुमार पुत्र राम बदल और स्कार्पियो चालक रमेश कुमार पुत्र छबि लाल वनगांव कटरा बाजार निवासी घायल हो गए। सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे चौकी प्रभारी तिवारी बाजार धर्मराज ने बताया कि स्कार्पियो में दस लोग सवार थे।उन्होंने कहा कि घायलों में उदय नारायण और राकेश कुमार की हालत गंभीर है।हाईवे पर दुर्घटना से कुछ समय के लिए घटना स्थल के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गयी। चौकी प्रभारी व हमराही गिर्जेश यादव, सतीश कुमार के घण्टों मसक्कत के बाद हाईवे पर आवागमन बहाल हुआ।

Thursday, November 11, 2021

अबकी विधानसभा चुनाव में व्यापारी होंगे गेम चेंजर: संजय गुप्ता

कैट एवं आदर्श व्यापार मंडल की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय

 व्यापारी तैयार करेंगे अपना मांग पत्र, जो राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र में व्यापारियों की सभी मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा, उसी राजनीतिक दल को विधानसभा चुनाव में वोट करेंगे व्यापारी

 विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगाए जाने के लिए प्रदेश भर में होंगे मुखर आंदोलन

जाति धर्म से ऊपर उठकर व्यापारी बनकर वोट देने की जागरूकता अभियान को और तेज करेगा कैट एवं आदर्श व्यापार मंडल

प्रदेशभर में  आयोजित होंगे व्यापारी सम्मेलन

अबकी विधानसभा चुनाव में व्यापारी होंगे गेम चेंजर: संजय गुप्ता

 व्यापारियों को नजरअंदाज किया जाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : संजय गुप्ता 



लखनऊ ,11 नवंबर, कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एवं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल की संयुक्त प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक गोमती नगर स्थित होटल D corbiz  में हुई
  बैठक में व्यापारियों ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए कार्यसमिति की बैठक में प्रयागराज ,कानपुर, वाराणसी ,झांसी, लखनऊ सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया
 प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए कैट के चेयरमैन एवं उत्तर प्रदेशआदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि व्यापारी समाज अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुखर होकर अपनी आवाज उठाएगा उन्होंने बताया बैठक में निर्णय हुआ कि संगठन व्यापारियों की समस्याओं के मुद्दे एकत्रित करके 15 दिन में अपना मांग पत्र तैयार करेगा तथा सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को संगठन द्वारा मांग पत्र सौंपा जाएगा जो भी राजनीतिक दल व्यापारियों की सभी मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करते हुए उस पर सरकार बनने के बाद पूरी तरह अमल करने का वायदा करेगा उसी राजनीतिक दल को व्यापारी आगामी विधानसभा चुनाव में वोट करेगा तथा उसी दल को जिताने के लिए संगठन अपनी ताकत झोकेगा व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने कहा संगठन द्वारा व्यापारियों को जाति धर्म की सोच से ऊपर उठकर वोट करने हेतु जागरूक करने का अभियान और मजबूती से प्रदेश भर में चलाया जाएगा तथा प्रदेश भर में व्यापारी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे बैठक में कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की प्रदेश इकाई का पुनर्गठन भी किया गया तथा राजधानी लखनऊ में कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स का प्रदेश कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया बैठक में कैट के राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा, कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल, कैट वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विभु अग्रवाल,  उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद अफजल, नगर अध्यक्ष हरजिनदर सिंह ,ट्रांस गोमती प्रभारी मनीष पांडे, ट्रांस गोमती अध्यक्ष  अनिरुद्ध निगम ,महिला इकाई  अध्यक्ष श्रीमती अनिला अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्रीमती रीमा अग्रवाल, प्रवीण मिश्रा ,सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी शामिल रहे !

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स्कूल में मनाया गया राष्ट्रीय शिक्षा दिवस

गोण्डा : झंझरी के अन्नूर इण्टर कालेज जमुनियाबाग में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। भारत सरकार के पहले शिक्षा मन्त्री, महान स्वतन्त्रता सेनानी, कवि, लेखक और पत्रकार मौलाना अबुल कलाम आजाद 11 नवम्बर 1888 को पैदा हुए थे। उनके जन्म दिन को पूरे देश में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाता है। 

अन्नूर कालेज में प्रधानाचार्य अफजाल अहमद ने मौलाना आजाद ने चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद कई भाषाओं अरबी, अंग्रेजी, फारसी, ऊर्दू, हिन्दी, परशियन व बंगाली के प्रकांड विद्वान थे। वे 1923 और 1940 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद आजादी के बाद देश के बटवारे के सख्त खिलाफ थे। प्रधानाचार्य ने बताया कि मौलाना आजाद ने गांधी जी के साथ असहयोग आन्दोलन, खिलाफत आन्दोलन, भारत छोड़ो आन्दोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आजादी के बाद उन्हें देश का शिक्षा मन्त्री बनाया गया। श्री आजाद  14 वर्ष के बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा, बालिका शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, कृषि शिक्षा, तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए हमेशा वकालत की। वे शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार मानते थे। उन्होंने ने केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री रहते हुए साहित्य एकेडमी, संगीत एकेडमी, ललित कला एकेडमी, भारतीय संस्कृति परिषद व विश्व विद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 1992 में मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया है। 

इस दौरान मोहम्मद अहमद, पंकज सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना इरशाद, त्रिभुवन, सकीना बानो, जावेद अहमद रहे।



Wednesday, November 10, 2021

वसीम रिज़वी मुर्दाबाद नारे के साथ ठाकुरगंज के शिया मस्जिद में एहतिजाज

लखनऊ : आज एक एहतेजाजी जलसा मस्जिद बी-मिसरी अली कालोनी में हुआ | जिसका आग़ाज़ तिलावत-ए-कलाम पाक से किया गया, जिसमें क़ुरान मजीद और नबी-ए-पाक स०व० की शान में ग़ुस्ताख़ी करने वालों की भरपूर मज़म्मत की गई, ख़ासकर मलऊन वसीम रुश्दी पर अपने ग़मों व ग़ुस्से का इज़हार किया गया और हुक़ूमत से उसके ख़िलाफ़ उचित कार्यवाही करते हुए वसीम को गिरफ्तार करने की मांग की गई |

इस एहतेजाजी जलसे में कसीर तादाद में मर्द और औरतों ने शिरकत की | इस जलसे में आए हुए धर्मगुरुओं ने क़ुरान और रसूल स०व० की अज़मत और उनकी शान को बयान करते हुए ख़िताब किया कि जब अरब में लड़कियों को ज़िन्दा दफ्न कर दिया जाता था, नौकर के साथ जानवरों से भी बदतर सुलूक होता था, काले गोरों, अरब और ग़ैर अरब में फर्क किया जाता था, उस वक़्त रसूल स०व० ने बेटियों को इज़्ज़त बख़्शी, जायदाद में हिस्सा दिलाया, बिलाल जो काले अफ्रीकन ग़ुलाम थे, उन्हें पहला मुअज़्ज़िन बनाकर दुनियाँ के लिए मिसाल क़ायम की | क़ुरान जो अल्लाह की किताब है, जिसका जवाब आजतक कोई ना ला सका और ना ला पाएगा और जिसकी हिफाज़त की ज़िम्मेदारी भी ख़ुद अल्लाह ने ली है, लिहाज़ा इसे कभी मिटाया नहीं जा सकता | क़ुरान हर इंसान को बराबरी का दरजा देती है, ये किताब सिर्फ इंसानों के हुक़ूक़ की बात नहीं करती बल्कि जानवरों और पेड़ पौधों के हुक़ूक़ की भी बात करती है और हर इंसान को पढ़ने और समझने की दावत देती है | रसूल-ए-पाक जो सबके लिए रहमत बन कर आए, उनके बारे में पढ़े और सही जानकारी ली जाए तभी उनकी शख़्सियत को समझा जा सकता है कि जिस ह्यूमन राइट्स और औरतों के हुक़ूक़ की बात आज दुनियाँ करती है, उसे 1400 साल पहले हुज़ूर स०व० ने कहीं बढ़कर दुनियाँ को उपदेश दिए थे |

आज दुनियाँ में हर तरफ शिक्षा और ज्ञान पर बल इसलिए दिया जाता है क्योंकि हर समाज की सबसे बड़ी समस्या अशिक्षा और अज्ञानता है और नबी-ए-पाक स०व० का पहला उपदेश ही पढ़ो (शिक्षा) से शुरू होता है |

इस एहतेजाजी जलसे को ख़िताब करने वालों में मौलाना सैय्यद रज़ा इमाम रिज़वी ज़रग़ाम साहब, मौलाना कल्बे आबिद ख़ान साहब, मौलाना अख़्तर अब्बास जौन साहब, मौलाना हैदर अब्बास रिज़वी साहब, मौलाना हसनैन बाक़री साहब, मौलाना मोहम्मद अली साहब, मौलाना नज़र हसन आबिदी साहब, मौलाना इम्तियाज़ साहब के अलावा दीगर लोग शामिल थे, जिन्होंने इस जलसे में अपने-अपने ख़यालात पेश किए!


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Tuesday, November 9, 2021

मैं पिछले 2 साल से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का मांग रहा हूं : शिवपाल यादव

 

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के लिए राजनीतिक दलों ने गठबंधनों का एलान करना शुरू कर दिया है. ज्यादातर पार्टियों ने अबतक में यह तय कर लिया है कि उन्हें किस पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरना है. ऐसे में मुलायम सिंह यादव के परिकर को लेकर चर्चा जोरों पर है. माना जा रहा है कि चुनाव से पहले अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Yadav) साथ आ सकते हैं. हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई औपचारिक एलान नहीं हुआ है.


प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (Pragatisheel Samajwadi Party) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने कानपुर में कहा कि मैं पिछले 2 साल से यह (समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन) मांग रहा हूं. अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छा होगा. इससे पहले शिवपाल ने कहा था कि अगर अखिलेश उन्हें सम्मानजनक सीटें देते हैं तो वे समाजवादी पार्टी में विलय के लिए तैयार हैं.

मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...