Thursday, May 21, 2020

ठाकुरगंज मे 7 दिन पूर्व गुम हुए अयान की मिली लाश


लखनऊ। सात दिन पूर्व घर से लापता हुए ठाकुरगंज के मुफ्ती गंज निवासी 11 वर्षीय मासूम अयान रिज़वी को ठाकुरगंज पुलिस पुलिस ज़िन्दा तो नही बरामद कर पाई लेकिन गुमशुदगी के सातवें दिन पुलिस ने उसकी लाश ज़रूर बरामद कर ली है । मासूम अयान को उसके घर आने जाने वाले इलेक्ट्रिशियन ने मार कर महताब बाग मे बने एक अर्ध निर्मित मकान मे उसकी लाश को छुपा दिया था । हत्या आरोपी का मृतक के घर मे आना जाना था पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। अयान की गुमशुदगी की रिपोर्ट ठाकुरगंज थाने मे दर्ज थी और पुलिस उसे ढूढने की बात भी कह रही थी लेकिन आज उसकी लाश ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के महताब बाग मे ही मिलने से पुलिस की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लग रहे है। 7 दिन पूर्व गुम हुए अयान की लाश राज्य मंत्री मोहसिन रजा के मकान से कुछ दूर पर बने एक अर्ध निर्मित मकान से बरामद हुई है। 15 मई को अयान अपने घर से टियूशन पढ़ने के लिए गया था वापस नही लौटा अयान के पिता मोहम्मद वकील का पहले ही देहान्त हो चुका है अयान अपनी माॅ नजमा का एकलौता पुत्र था बच्चे की लाश मिलने की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र मे कोहराम मच गया । सात दिन पूरानी लाश देख कर अयान की माॅ नजमा गश खा कर गिर पड़ी । गुमशुदगी के मुकदमे की जाॅच के दौरान पुलिस को सुनारो वाली गली मुफ्तीगंज ठाकुरगंज के रहने वाले रिंकू उर्फ समीहुल हसन पर शक हुआ तो पुलिस ने उससे पूछताछ करना शुरू कर दी पहले तो समीहुल हसन पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन रिंकू की बातो से पुलिस को उस पर शक हुआ और पुलिस ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो वो टूट गया उसने अयान की गला दबा कर हत्या किए जाने की बात पुलिस के सामने कुबूल करते हुए महताब बाग मे बने अर्ध निर्मित मकान से उसका शव बरामद करवा दिया। । गुमशुदगी के मुकदमे की विवेचना कर रहे ठाकुरगंज थाने के एसएसआई मुसाहिब हुसैन ने बताया कि अयान की हत्या करने वाले समीहुल का कहना है कि जब वो अयान के घर आता था तो अयान उसे परेशान करता था 15 मई को समीहुल अयान को पतंग दिलाने के बहाने घर के बाहर से ही लेकर गया था और उसे महताब बाग ले जाकर उसने अयान का गला दबा कर हत्या कर दी । पुलिस ने अयान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । हालाकि अयान की हत्या की वजह पुलिस जो बता रही है वो गले उतरने वाली वजह नही है ये तो जाॅच मे ही पता चलेगा कि समीहुल का मासूम अयान से क्या बैर था उसने अयान की हत्या सिर्फ अयान की शरारतो से तंग आकर की या फिर हत्या के पीछे राज़ कुछ और है। एडीसीपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि अयान की गुमशुदगी के बाद जाॅच के दौरान सीसीटीवी फुटेज मे समीहुल हसन अयान को ले जाते देखा गया था उन्होने बताया कि जाॅच के दौरान कल एक फुटेज और मिली उसमे भी समीहुल अयान को ले जाते दिखाई दिया था सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही समीहुल पर शक गहराया तो उससे पूछताछ मे ये खुलासा हुआ कि समीहुल ने ही अयान की हत्या की है। विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि समीहुल का पिछले दो वर्षो से अयान के घर आना जाना था उन्होने बताया कि अयान को समीहुल का उसके घर आना जाना पसन्द नही था वो समीहुल को मना करता था इसी से नाराज़ होकर समीहुल 15 तारीख को अयान को बहाने से ले जाकर उसकी हत्या कर दी। बेगमात रायल फैमिली आफ अवध की अध्यक्ष प्रिन्सेस फरहाना मालिकी ने अयान की हत्या की घटना को ठाकुरगंज पुलिस की लापरवाही बताया है उन्होने कहा कि पुलिस अगर 15 तारीख को ही सक्रिय हो जाती तो शायद अयान की जान बच जाती ।


Reporter@Kaneez fatima


छह करोड़ किसानों के लिए प्रधानमंत्री ने जारी किए 12 हजार करोड़ रुपये


बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना (पीएमकेएसवाई) के साथ पंजीकरण नहीं कराने वाले राज्यों की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस तरह की ओछी राजनीति से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है. प्रधानमंत्री ने तुमकुरू में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं नए साल में उम्मीद करता हूं कि जो राज्य किसान सम्मान योजना से नहीं जुड़े हैं, इस साल उन्हें जरूर जुड़ जाना चाहिए.’’ इस कार्यक्रम में उन्होंने एक साथ देश के छह करोड़ किसानों के खाते में 12 हजार करोड़ रुपये जमा करवाए!


उन्होंने इस अवसर पर चुनिंदा किसानों को कृषि कर्मण पुरस्कार भी दिए और चयनित किसानों को मछली पालन से जुड़े उपकरण वितरित किए. मोदी ने कहा कि पीएमकेएसवाई लागू करने में राज्य सरकारों की दलगत सोच से गरीब किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. मोदी ने कहा, ‘‘ऐसी राजनीति से किसान कभी मजबूत नहीं हो पाएंगे. हमारी सरकार ने आपकी (किसानों की) जरूरतें, आवश्यकताएं और आपकी आकांक्षाओं को समझा है और इसके अनुसार इन योजनाओं को लागू करने का प्रयास किया.’


प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कृषि को टुकड़ों में नहीं देखती बल्कि इसे संपूर्णता में देखती है. उन्होंने कहा उनकी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि समूची राशि गरीब लाभार्थियों तक पहुंचे. पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देश में एक वो दौर भी था जब गरीब के लिए एक रुपये भेजा जाता था तो सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे. बाकी के 85 पैसे बिचौलिए मार जाते थे. आज जितने भेजे जा रहे हैं, उतने पूरे के पूरे सीधे गरीब के खाते में पहुंच रहे हैं.


Report _Zaheer abbas


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अम्फान ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा में मचाई भारी तबाही, कम से कम 9 लोगों की मौत, राहत और बचाव का अभियान शुरू

कोलकाता- भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में दशकों के सबसे बड़े साइक्लोन अम्फान ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल में भारी तबाही मचाई है। अब तक कम से कम 9 लोगों की जान ले चुका है तो हजारों की संख्या में पेड़, खंभे जड़ से उखाड़ दिए। हजारों कच्चे मकान ध्वस्त हो गए। किसी की छत उड़ गई तो किसा का घर जमीन में मिल गया। तूफान में कमजोरी के बाद अब राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है। 



हालांकि, अब यह तूफान कमजोर हो चुका है और यह उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ चुका है। पिछले छह घंटे में इसकी रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह गई है। अगले कुछ घंटों में यह पूरी तरह थम जाएगा। हालांकि, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, 24 परगना, मिदनापुर में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश भी हो रही है। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता और ओडिसा में राहत बचाव कार्य शुरू किया गया है। सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है। तूफान से पहले पश्चिम बंगाल में 5 लाख से अधिक लोगों को तटीय इलाकों से निकाला गया तो ओडिशा में डेढ़ लाख लोगों को निकाला गया।


देश में कोरोना के मामले 1 लाख 12 हजार पार, 3435 मौते


नई दिल्ली, 21 मई। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा रहा है और आज लगातार दूसरे दिन कोरोना का बड़ा उछाल सामने आया है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से 5,609 नए मामले सामने आए हैं और करीब 132 लोगों की मौतें हुई हैं। गुरुवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर करीब 112359 हो गए हैं और कोविड-19 से अब तक 3435 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के कुल 112359 केसों में 58802 एक्टिव केस हैं, वहीं 45299 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है या फिर वह ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस से अब तक सर्वाधिक 1390 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 39297 हो गई है।


Wednesday, May 20, 2020

भीड़-भाड़ वाली जगह जाने से करे परहेज़, सादगी से मनाए ईद - अहसन मियां


बरेली: दरगाह ए आला के सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से हुक़ूमत हिन्द की जानिब से मुल्क में चौथा लॉकडॉवन शुरू हो चुका है जो 31 मई तक रहेगा।इसी लॉकडॉवन में अलविदा व ईद उल फितर का त्यौहार होगा । पिछले काफी वक्त से पाँच वक़्त की फ़र्ज़ नमाज़ व नमाज़ ए जुमा मस्जिदों में सामूहिक रूप से अदा नही हो पा रही है।


   दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने सज्जादानशीन के बयान की जानकारी देते हुए बताया कि ईद उल फितर की नमाज़ वाजिब है । लॉकडाउन के दौरान ईद की नमाज घरों में नहीं पढ़ सकते इसलिए कि जो शरई हुक्म नमाज़ ए जुमा में है वही हुक्म ईद उल फितर की नमाज़ में।नमाज ए ईद वाजिब होने की शर्तों में से एक शर्त ये भी है हुकूमत की जानिब से किसी तरह की कोई बंदिश न हो जबकि इस वक्त पांच लोगो के अलावा पाँच वक़्त की नमाज़ और जुमा की नमाज पढ़ना कानूनन मना है।ऐसी सूरत में ईद की नमाज हम लोगों पर वाजिब ही नहीं। इसी बिना पर जो शख्स इमाम के साथ ईद की नमाज नहीं अदा कर सका उसके जिम्मे ईद की कज़ा भी नहीं है और अगर जुमा की नमाज नहीं पढ़ सका तो जुमा के बदले जोहर तो अदा कर सकता है इसलिए अलविदा के दिन मुसलमान घरों में जोहर नमाज़ अदा करें।वहीं नमाज ए ईद वाजिब है इसलिए इसकी कज़ा मुमकिन नही है।तो जिन लोगों को नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मिले वो लोग ब जमात अदा कर ले बाकि लोग इसके बदले घरों में चार रकात नमाज ए चाश्त पढ़ ले तो बेहतर है।ये उनकी नफिल नमाज़ होगी।ये नमाज़े ईद नही और न उसे ईद की क़ज़ा समझे।लेकिन ईद के दिन नमाज ए ईद के पहले पढ़ना मकरूह है, इसलिए शहर में जब कहीं नमाज ए ईद हो जाये तो उसके बाद ही चाश्त की नमाज पढ़ें।
मुफ़्ती अहसन मियां ने आगे कहा कि इस बीमारी की वजह से पूरी दुनिया में लाखों लोग मर गए कितने ही लोग मौत और ज़िंदगी से जूझ रहे है। करोड़ो लोगों के सामने दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है ऐसे में हमें ईद की खुशियां मनाना कैसे गवारा होगा। ईद उल फितर मुहब्बत का पैगाम देता है ईद पर खरीददारी की जगह उस रकम से आर्थिक (माली ) तंगी के शिकार गरीब रिश्तेदार, दोस्त, बेसहारों, बेवाओं और अपने यहाँ काम करने वालो की मदद कर दे।नए नए कपड़े पहनने से परहेज़ करें।जब फ़र्ज़ नमाज़ बजमात नही ईद की वाजिब नमाज़ अदा नही तो फिर ईद की खुशियां कैसी।


Reporter - Vikas Verma


Tuesday, May 19, 2020

तंज़ीमुल मकातिब के मौलाना समेत तीन की सड़क दुर्घटना में मौत


अज़मगढ़ - लखनऊ के गोलागंज में स्थित शिया समाज के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान / व मदरसा तंज़ीमुल मकातिब से अपने घर जा रहे  छात्रों की गाड़ी अज़मगढ़ के अतरौलिया के पास ट्रक से टकराई ! गाड़ी में सवार मौलाना मोहम्मद अली मुहम्मदी समेत तीन की घटनास्थल पर हुई मौत। गाड़ी का ड्राइवर और एक अन्य छात्र गम्भीर रूप से घायल हैं जिन्हें इलाज के लिये ज़िला अस्पताल अज़मगढ़ में भर्ती कराया गया है । सभी छात्र जनपद मऊ के कोपागंज निवासी थे और वे अपने घर जा रहे थे ।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लाशों को पंचनामा कर पोस्ट मार्टम के लिये भेज दिया है ।


रिपोर्टर - ज़ीशान अली 


Monday, May 18, 2020

गृह मंत्रालय ने जारी किया लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाइन


आज नई गाइडलाइन जारी की गई आज देश में Lockdown 4 लागू हुआ है उसको लेकर देश में आज नई गाइडलाइन जारी की गई है इस नई गाइडलाइन में शक्ति से नियम लागू होंगे कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी जोन में एक राज्य से दूसरे राज्यों में आपसी सहमति से बसें जा पाएंगी. रेड और ऑरेंज जोन के अंदर कंटेनमेंट और बफर जोन बनाए जाएंगे. जिलाधिकारी तय कर सकेंगे. कंटेनमेंट जोन में जरूरी सुविधाएं जारी रहेंगी. मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के अलावा बाकी लोगों का आना जाना बंद रहेगा. कंटेनमेंट जोन में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, घर घर सर्विलांस जैसे तरीकों से निगरानी रखी जाएगी. रात 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोगों के मूवमेंट पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी.


देशभर में लागू हुए Lockdown 4.0 में मेट्रो सेवा को कोई इजाजत नहीं मिलेगी।
होटल रेस्टोरेंट्स सब बंद रहेंगे, धार्मिक स्थलों पर किसी भी तरह की कोई छूट नहीं दी जाएगी
गृह मंत्रालय ने लगभग 4 की नई गाइडलाइन जारी करते हुए बताया है कि हॉटस्पॉट इलाकों पर ज्यादा सख्ती बरती जाएगी
घरेलू अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को किसी भी तरह की कोई इजाजत नहीं मिलेगी।
14 दिन तक बढ़ाया गया है लॉक डाउन जिसमें मेट्रो सेवाओं को भी कोई इलाज नहीं दी गई है स्कूल कॉलेज भी बंद रहेंगे यह गाइडलाइन लॉक डाउन फॉर की नईगाइडलाइन है
शाम को 7:00 बजे के बाद घर से निकलने पर बैन, पास होगा या कोई जरूरी काम होगा तभी बाहर निकल सकते हैं
65 साल के ऊपर और 10 साल के बच्चे या प्रेग्नेंट (pregnant) महिलाएं घर से बाहर ना निकले
स्कूल कॉलेज एजुकेशन ट्रेनिंग कोचिंग सेंटर पूरी तरह से बंद रखे जाएंगे
सभी सिनेमा हॉल शॉपिंग मॉल्स जिम और स्विमिंग पूल्स को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
सभी सामाजिक राजनैतिक स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट कल्चर से जुड़ी कार्यों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और स्टेडियम खुलेंगे लेकिन कोई दर्शक नहीं होगा।
शाम 7 बजे के बाद लागू होगा नाइट कर्फ्यू
आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल जरूरी
ग्रीन जोन में जहां पर कुछ ऑफिस को छूट दी गई है वहां के कर्मचारियों को आरोप सेतु एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा।
सरकार के द्वारा lockdown 4 सरकार ने आदेश दिया है कि दी गई छूट जो ऑफिस खुले रहेंगे वहां के कर्मचारियों को आरोग सेतु एप डाउनलोड करना जरूरी होगा।


गृह मंत्रालय द्वारा जारी हुई नई गाइडलाइन में ज्यादा सख्ती बरतते हुए बताया गया है कि शाम को 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। इसके साथ साथ धारा 144 लागू रहेगी।


रिपोर्टर - प्रभात नागेन्द्र त्रिवेदी


संदेश देकर लोगों को लगातार जागरूक कर रहे देश के छात्र


कानपूर! लॉकडाउन 4 के दौरान जहां सभी लोग इस कोरोना जैसी जानलेवा महामारी से झूझ रहे है वही कुछ विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया के विजय गोयल ने हमे बताया कि हमारे यूनिवर्सिटी के कुछ  मैनेजमेंट के छात्रों द्वारा एक संदेश दिया गया जिसमें उन्होंने सभी से घर पे रहने तथा सोशल डिस्टेन्स के पालन करने की अपील की है साथ ही विजय गोयल ने ये भी बताया है कि सभी छात्र अपने अपने घरों से ज़ूम के जरिये अपनी रेगुलर क्लासेज ले रहे है, कोरोना में देश को संदेश देने वाले छात्रों में  मुख्य रूप से कानपुर से आशीष शुक्ल, प्रयागराज के धनंजय शुक्ल, वारणशी से दीपक राय, गोया से चंदर, अथर्व और जमेशदपुर से शिवेंदु शेखर मौजूद थे।
 जिस पर कानपुर के आशीष शुक्ला ने  बताया की सभी छात्रों को ऐसे ही तरह तरह से लोगों को लगातार जागरूक करते रहना चाहिए क्योंकि युवाओं पर देश का भविष्य टिका हुआ है और सरकार के सभी नियमों का पूर्णतया पालन करना चाहिए।


रिपोर्टर - नागेंद्र त्रिवेदी 


लुधियाना में आज से खुल सकेंगे सैलून ऑटो चलने पर छूट


लुधियाना- कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया है। लॉकडाउन-चार में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकि इलाके में गतिविधियों की इजाजत दे दी गई है। लुधियाना में प्रशासन की तरफ से  इस संबंध में नए आदेश जारी कर दिए गए हैं।  लॉकडाउन-4 के बीच शहर में चहल पहल बढ़ गई है। 


लुधियाना के डीसी प्रदीप अग्रवाल की तरफ से जारी किए गए नए आदेशों के तहत महानगर  में ऑटो चलाने की परमिशन दी गई है। सैलून की दुकानें भी खुल सकेंगी। सैलून संचालकों को सेहत विभाग विभाग की तरफ से जारी हिदायतों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन की तरफ से जारी किए नए आदेशों के तहत रिक्शा और टैक्सी भी चल सकेंगी। इस दौरान दुकानों में कोरोना वायरस से बचाव की सावधानियां बरतनी जरूरी है। दुकानों पर शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए 6 फुट की दूरी यकीनी ही बनानी होगी। घर से बाहर जाते समय सबके लिए मास्क पहनना जरूरी होगा और सार्वजनिक जगह पर थूकने की भी मनाही होगी। दस साल से नीचे एवं 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के घर से बाहर निकलने पर मनाही रहेगी।


लुधियाना में कोई कंटेनमेंट जोन नहीं 


31 मई तक लागू रहने वाले इन आदेशों में कहा गया कि अभी लुधियाना में कोई कंटेनमेंट जोन नहीं है। अगर भविष्य में हुआ तो यह छूट वहां लागू नहीं होंगी।


शाम सात से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू


प्रशासन के नए आदेश के तहत शात सात बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। जिले में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टीट्यूट बंद ही रहेंगे। होटल, रेस्टोरेंट आदि पर भी पाबंदी रहेगी। सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्विमिंग पूल, थिएटर, बार आदि भी बंद रहेंगे। सभी सामाजिक राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक और धार्मक समागम पर भी रोक जारी रहेगी। सभी धार्मक स्थल आम जनता के लिए बंद रहेंगे और धार्मक भीड़ पर भी पाबंदी रहेगी।


रिपोर्टर - प्रभात नागेन्द्र त्रिवेदी


Sunday, May 17, 2020

Lucknow police breaking


लखनऊ। बॉर्डर की सीमाएं सील होने के आदेशों के बाद लखनऊ की वजीरगंज पुलिस पूरी तरह सड़को पर  मुस्तैद। लखनऊ CP के अदेशो का पूरी तरह पालन करने वाले थाना प्रभारी वजीरगंज दीपक दुबे उतरे सड़को पर। वजीरगंज इंस्पेक्टर दीपक दुबे लॉक डाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए खुद देर रात उतरे सड़कों पर और चलाया चेकिंग अभियान।


इंस्पेक्टर दीपक दुबे ने भारी पुलिस टीम के साथ डालीगंज चौराहे पर चलाया चेकिंग अभियान। इस अभियान में लॉक डाउन का उल्लंघन करने वाले लोगो पर दीपक दुबे का चला हंटर । इंस्पेक्टर दीपक दुबे ने बिना वजह घरों से बाहर घूम ने वाले लोगो के वाहनों को किया सीज- घरों में रहने के लिए लोगों से किया आग्रह।


रिपोर्टर - शादाब आलम


कोरोना संक्रमण से ठीक होकर लौटे पार्षद पति ने दिखाया भौकाल


कानपुर के थाना बाबूपुरवा के अंतर्गत बेगमपुरवा वार्ड 102 के पार्षद पति ने लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ा रेड जोन में निकाला जुलूस,पार्षद का टशन न पड़ जाए लोगो की जान पर भारी।


पार्षद पति ने कोरोना संक्रमण जैसी महामारी का मजाक बनाते  हुए रेड जोन जैसे इलाके में बीमारी से सही होने के बाद भांगड़ा,ढोल और भीड़  के साथ की घर पर वापसी। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को ताक पर रखकर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई पूर्णतया धज्जियां।


रिपोर्टर - प्रभात नागेन्द्र त्रिवेदी


राष्ट्रीय आपदा के समय सेनानी की भांति डटे रहने वाले व्यापारियों की सरकार ने अनदेखी की - संजय गुप्ता


लखनऊ 17 मई। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा अपने आर्थिक पैकेज में व्यापारियों को कोई महत्व नही दिए जाने तथा व्यापारियों के लिए किसी भी प्रकार की कोई भी राहत न दिए जाने से देशभर के व्यापारियों में नाराजगी, निराशा एवं आक्रोश व्याप्त हो गया है
 उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष एवं कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) संजय गुप्ता ने कहा इस राष्ट्रीय आपदा के समय देश के व्यापारियों ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया लेकिन केंद्र सरकार ने व्यापारियों के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया ,अपने राहत पैकेज में देश के व्यापारियों की घनघोर उपेक्षा की, व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने कहा देश का व्यापारी अगर मजबूत नहीं होगा तो अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी उन्होंने कहा व्यापारियों को अपने लिए राहत पैकेज में राहत की उम्मीद थी किंतु वित्त मंत्री ने पूरी तरह से व्यापारियों की अनदेखी की यह उचित नहीं है उन्होंने कहा प्रधानमंत्री एक ओर तो देश के व्यापारियों की तारीफ करते हैं दूसरी ओर व्यापारियों के हितों के लिए  इस संकट के समय सरकार ने किसी भी प्रकार  का आर्थिक पैकेज में राहत देने का काम नहीं किया है।


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20 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को यूपी सरकार के इस फैसले से मिलेगी बड़ी राहत

यूपी सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए काफी काम कर रही है। दूसरे प्रदेश में फंसे अपने मजदूरों को वहां से लॉकडाउन में लाने का सबसे पहला श्रेय यूपी की योगी सरकार को ही जाता है। योगी आदित्यनाथ के निर्णय के बाद ही दूसरे प्रदेशों के सीएम भी एक्टिव हुए और अपने मजदूरों को वापस लाने का फैसला लिया। इसी तरह कोटो में फंसे यूपी के बच्चे को वापस लाने की बात हो या पैदल घर जा रहे मजदूर। सबके लिए योगी सरकार ने तेजी से फैसले लिए। अब योगी सरकार का एक और निर्णय प्रवासी मजदूरों को राहत देगा। सरकार ने ऐसा प्रस्ताव बनाने को कहा है जिससे जिन प्रवासी मजदूररों के पास मकान नहीं है उन्हें बहुत ही कम पैसे में किराये का मकान मुहैया कराया जाए।  



प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार के निर्देश पर आवास बंधु के निदेशक ने प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों से किराए के मकानों के निर्माण का प्रस्ताव देने को कहा है। पूर्व में निर्मित व खाली पड़े मकान भी मामूली किराए पर गरीबों को दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने तीन दिन पहले गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (एआरएचसी) योजना लांच की थी। इसमें गरीबों, मजदूरों व बेसहारों को बेहद कम किराए पर सरकारी व निजी एजेंसियों की ओर से मकान उपलब्ध कराने की बात कही गई है। केंद्र ने प्रदेशों को इस पर तत्काल काम शुरू करने को कहा है। यूपी ने इसके लिए सबसे तेज पहल की है।


यूपी आने के लिए 18 लाख ने पंजीकरण कराया
राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले प्रवासी मजदूरों को रखने के लिए आश्रय स्थलों की संख्या में और इजाफा कराने का विचार कर रही है। प्रदेश में मौजूदा समय 15720 आश्रय स्थल हैं और इनमें 1335364 को रखा जा सकता है। मौजूदा समय इनमें 180596 लोगों को रखा गया है। राहत आयुक्त कंट्रोल रूम के मुताबिक गैर प्रदेश से आने वालों में अब तक करीब 18 लाख प्रवासियों ने पंजीकरण कराया है। यूपी की आबादी 23 करोड़ के करीब है। सरकार यह मानकर चल रही है कि इतनी बढ़ी आबादी में कम से कम 20 से 30 लाख के आसपास लोग गैर राज्यों में नौकरी करने गए होंगे। इनमें से बहुत से ऐसे प्रवासी कामगार व श्रमिक होंगे जो ऑनलाइन पंजीकरण कराने की स्थिति में नहीं होंगे। ऐसे लोग पैदल या फिर सड़क मार्ग से अपने घरों की ओर निकल रहे हैं। इसलिए जरूरत के आधार पर आश्रय स्थल बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।


गांव लौटे 39% प्रवासी मजदूरों को मिला मनरेगा में रोज़गार।


कोरोना महामारी के इस दौर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीवनयापन में मनरेगा संजीवनी बना है। कल-कारखाने बंद होने के बाद गांवों में लौट रहे बेरोजगार हो चुके मजदूरों को तत्काल रोजी-रोटी मनरेगा से दी जा रही है। गांवों में लौटे ऐसे 38.94 फीसदी प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार से जोड़ दिया गया है। शुक्रवार तक राज्य में आए 603140 प्रवासी मजदूरों में से 234865 मजदूर मनरेगा में काम करने लगे थे।  ग्राम्य विकास विभाग के मनरेगा सेल के आंकड़े बताते हैं कि 15 मई शुक्रवार तक राज्य की 36005 ग्राम पंचायतों में प्रवासी मजदूरों को भी मनरेगा के कामों में लगा दिया गया था।


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मनरेगा के लिए और 40 हजार करोड़ रुपए का आवंटन - वित्त मंत्री


दिल्ली। कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की पांचवी किस्त का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐलान कर रही हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज 7 ऐसे कदमों की घोषणा की जाएगी। मनरेगा, स्वास्थ्य, कोविड में बिजनेस,कंपनी ऐक्ट को गैर आपराधिक बनाना, ईज ऑफ डूइंग बिजनस, पब्लिक एंटरप्राइजेज, राज्य सरकार और उनके संसाधनों से जुड़े ऐलान किए जाएंगे।


मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का आवंटन बढ़ाया गया
गांव जा रहे प्रवासी मजदूरों को काम मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों में काम की कमी ना आए और आमदनी का साधन मिले इसके लिए 40 हजार करोड़ रुपए का अधिक आवंटन किया जा रहा है। इससे 300 करोड़ व्यक्ति कार्यदिवस उत्पन्न होंगे।


मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...