Saturday, May 9, 2020

आपत्ति जनक स्थिति में महिला संग सिपाही रंगेहाथ पकड़ाया, पेड़ से बांध कर जमकर की पिटाई

गोरखपुर। जिले के गीडा क्षेत्र के उत्तरी कोलिया गांव में शुक्रवार की रात में घर में घुसे एक सिपाही को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। उसे पेड़ में बांधकर जमकर पीटा। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिपाही को मुक्‍त कराया। बताया जा रहा है कि नौसढ़ चौकी पर तैनाती के दौरान से ही सिपाही कोलिया गांव में रहने वाली एक महिला के घर आता-जाता रहा है। वह वसूली करने में भी आगे है। यही कारण है कि वसूली के मामले में मार्च में एसएसपी ने उसे निलंबित कर दिया था।


बाद में वह बहाल हो गया और शुक्रवार की शाम छह बजे के करीब सिपाही बाइक से महिला के घर पहुंचा। महिला का पति बाहर रहता है। रात में करीब साढ़े आठ बजे के करीब महिला के देवर ने सिपाही को देखा तो वह घर के कमरे में महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में था। महिला का देवर काफी दिनों से सिपाही को रंगेहाथ पकड़ने की तैयारी में लगा हुआ था। जब उसने महिला के साथ कमरे में देखा तो वह कमरे के पास पहुंचा और बाहर से कमरा बंद कर दिया।



उसके बाद उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसके शोर पर गांव के लोग मौके पर जुट गए। उसने सभी को पूरी जानकारी दी। उसके बाद गांव के लोगों ने कमरा खोला। कमरा खोलने पर ग्रामीणों ने देखा कि सिपाही चारपाई के नीचे छिपा था।


माफ़ी साहेब।


कोई देखे या ना देखे ऊपर वाला सब देखता है।।
                      है ना साहेब??


                        बोतल 🤪


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CM योगी ने कहा प्रदेश लौट रहे हर प्रवासी की जांच हो रही है।

लखनऊ, 9 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन की समीक्षा बैठक में कहा कि आने वाले हर प्रवासी के स्वास्थ्य की जांच उस जिले के क्वारंटीन सेंटर पर अनिवार्य रूप से हो रही है। स्वस्थ लोगों को उनके घर इस हिदायत के साथ भेजा जा रहा है कि वे घर पर होम क्वारंटीन के मानकों का अनुपालन करेंगे। संदिग्ध को पूरी जांच के लिए सेंटर में ही आइसोलेट कर दिया जा रहा है। घर जाने वाले हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये और तय मात्रा में खाद्यान्न भी दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में सभी प्रवासी कामगारों व श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। इनकी प्रदेश में सकुशल वापसी और प्रदेश में रह रहे दूसरे राज्यों के कामगारों की उनके राज्यों में वापसी के लिए बेहतर संवाद को आगे बढ़ाया जाए। राज्य सरकार सभी प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों से ऐसे प्रवासियों की सूची प्राप्त की जा रही है ताकि कोई भी अवैध रूप से प्रदेश में न आने पाए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभिन्न राज्यों से वापस आ रहे प्रवासी कामगारों की जनपदवार सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। उत्तर प्रदेश में विभिन्न राज्यों से प्रवासी श्रमिकों को लेकर सर्वाधिक ट्रेनें पहुंचीं हैं। रेल यात्रा के पश्चात प्रवासियों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की बसों का प्रयोग किया जाए।


Friday, May 8, 2020

राजस्थान में वायरस संक्रमण के 64 नये मामले

जयपुर, 8 मई। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से शुक्रवार को एक और व्यक्ति की मौत हो गई जिससे राज्य में इस महामारी से मरने वालों की संख्या 100 हो गयी है। इस बीच 64 नये मामले आने से राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 3491 हो गयी है।



अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि अजमेर में एक और संक्रमित की मौत हुई है। इससे राज्य में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 100 हो गयी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।


इस बीच राज्य में शुक्रवार दोपहर दो बजे तक कोरोना वायरस संक्रमण के 64 नये मामले आए जिनमें जयपुर में 26, जोधपुर व अजमेर में नौ—नौ, कोटा में आठ,पाली में पांच व उदयपुर,अलवर, झालावाड़ में दो-दो नये रोगी शामिल हैं। इससे राज्य में अब तक मिले कुल संक्रमितों की संख्या 3491 हो गयी है।


राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।


मस्जिद के इमामों ने की लाकडाउन के पालन व गरीबों के मदद करने की अपील


गोण्डा 8,मई। स्थानीय मस्जिद के इमामों ने लोगों से लाकडाउन के पालन करने, बाजार में भीड़ न लगाने व इस वर्ष ईद के मौके पर मार्केटिंग न करने की अपील लोगों से की है।
मसजियों के इमाम का लोग ऐहतेराम करते हैं और उम्मीद की जाती है कि उनकी बात लोग जरुर मानेंगे। कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरे देश में लाक डाउन से देश व प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होचुकी है। लाकडाउन के असफल होने से जिन्दगी का खतरा बढ़ाएगा। इसलिए खोरहंसा क्षेत्र के मस्जिदों के इमामों ने लोगों से लाकडाउन के पूरी तरह से पालन करने की अपील लोगों से की है ।उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि इस वर्ष ईद को भी सादगी मनाया जाए। बाजार में भीड़ भाड़ न बढ़े और लाकडाउन के लिए  प्रशासन के द्वारा दिया गया निर्देश न टूटे इसलिए इस साल मार्केटिंग न किया जाए। उन्होंने कहा कि अपने घर की औरतों को बाजार जाने से रोके। बाजार में भीड़ बढाना हम सबको भारी पडसकता है।वे सभी इमाम मानते हैं कि एक  तरफ जहां लाकडाउन के चलते लोग खाने के लिए परेशान हैं। ईद के मौके पर आपको खरीद दारी करना बिल्कुल मुनासिब नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आपका एक भी पडोसी भूंखा सोरहा है तो आपको भरपेट खाना खाने का भी हक नहीं है।वह आपका पड़ोसी चाहे जिस धर्म, वर्ग, जाति या सम्प्रदाय का हो। इस तरह के गमगीन माहौल में लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद की जानी चाहिए। लोगों जागरुक करने वाले इस मुहिम में खोरहंसा जामा मस्जिद के इमाम हाफिज जमील, छोटी मस्जिद के इमाम हाफिज हारुन, नियाजी मोहल्ला के इमाम हाफिज रिजवान, नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना अख्तर रजा, जमुनियाबाग व मुगलजोत मस्जिद के इमाम शामिल रहे।


दर्दनाक: औरंगाबाद में मालगाड़ी ने मजदूरों को कुचला, 15 की मौत


मुंबई , 8 मई। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां रेल की पटरी पर प्रवासी मजदूरों को एक मालगाड़ी ने रौंद दिया। औरंगाबाद के जालना रेलवे लाइन के पास ये हादसा हुआ है, जिसमें 15 मजदूरों की मौत हो गई है जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। ये हादसा औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे के करीब हुआ है। ये सभी प्रवासी मजदूर अपने घर छत्तीसगढ़ पैदल जा रहे थे, जिस दौरान ये हादसा हुआ। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन औ रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।


दक्षिण सेंट्रल रेलवे की चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर का कहना है कि औरंगाबाद में कर्माड के पास एक हादसा हुआ है, जहां मालगाड़ी का एक खाली डब्बा कुछ लोगों के ऊपर चल गया है. आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद है।


बता दें कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार ने मार्च महीने के अंतिम दिनों में लॉकडाउन का ऐलान किया था। इसके बाद लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर विभिन्न राज्यों में जहां-तहां फंस गए थे। इसके बाद कई मजदूर पैदल ही घर के लिए निकल गए। हालांकि, तीसरे चरण का लॉकडाउन घोषित होने के बाद केंद्र सरकार ने मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। रेलवे अभी तक एक लाख से भी ज्यादा मजदूरों को उनके घर तक पहुंचा चुकी है।


तिहाड़ जेल में हिंदू कैदियों ने रोजे रखे।

दिल्ली। तिहाड़ जेल के बाहर बेशक हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए हो, लेकिन मुकद्दस रमजान माह में जेल में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली है। यहां मुस्लिम कैदियों के साथ-साथ हिंदू कैदियों ने भी रोजे रखे हुए हैं। तिहाड़ के अलावा रोहिणी और मंडोली जेल में रोजे रखने वाले कैदियों की संख्या 2450 है।



गत 25 अप्रैल से रमजान शुरू हुए तो 30 तारीख तक रोजे रखने वाले कैदियों की संख्या कम थी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे रोजेदारों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती चली गई। तिहाड़ के नौ जेलों में लगभग दो हजार कैदी हैं जो रोजे रख रहे हैं जबकि रोहिणी और मंडोली जेल में इनकी संख्या 450 बताई गई है। जेल अधिकारियेां का कहना है कि तीनों जेलों के 2450 कैदी रोजा रख रहे हैं। इनमें से 124 कैदी हिंदू हैं जो प्रतिदिन रोजा रख रहे हैं। इनमें विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदी दोनों ही शामिल हैं।


रोजेदार कैदियों के रोजा खोलने के लिए सभी 16 जेलों की कैंटीन के अलावा अन्य स्थानों पर व्यवस्था कराई गई है। रोजा खोलने के लिए खजूर, फलों और मिठाई का भी पूरा इंतजाम है। रोजा खोलने के बाद शाम को इनके लिए विशेष खाना भी तैयार किया जाता है। रोजा रखने वाले कैदियों में अनेक ने अभी से ही ईद पर नए कपड़े सिलवाने की तैयारी शुरू कर दी है। रोजेदार कैदी अपनी-अपनी जेलों में कपड़े सिलाई करने वाले दर्जियों के पास कपड़े तैयार कराने के लिए जा रहे हैं।


उम्मीद की किरण : कोरोना के इलाज में असरदार नजर आ रही ये दवा


दिल्ली। कोरोना वायरस की दवा और वैक्सीन की खोज के बीच एक उम्मीद की किरण जगी है। कोरोना की वैक्सीन के लिए भारत में फेवीपिरवीर दवा का क्लिनिकल ट्रायल होगा। फेवीपिरवीर दवा चीन और जापान जैसे पूर्वी एशियाई देशों में इन्फ्लूएंजा के मरीजों को दी जाती है। CSIR के डायरेक्‍टर जनरल शेखर मांडे ने फेवीपिरवीर दवा के क्लिनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है।


दुनिया भर के डॉक्टर कोरोना के इलाज के लिए वैक्सीन और दवा ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। इजराइल से लेकर इटली तक के वैज्ञानिक और शोधकर्ता हर दिन कोरोना के संभावित इलाज और लक्षण के बारे में नई-नई जानकारी दे रहे हैं। ऐसे में भारत में फेवीपिरवीर दवा के क्लिनिकल ट्रायल पर लोगों की नजर रहेगी।


फेवीपिरवीर क्या है?



फेवीपिरवीर, एविगन ब्रांड के तहत बेचा जाता है। यह एक एंटीवायरल दवा है जिसका उपयोग जापान और चीन में इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया जाता है। कई अन्य वायरल संक्रमणों के इलाज के लिए भी इस पर स्टडी की जा रही है।


यह दवा मुख्य रूप से जापान की टोयामा केमिकल (फ्यूजीफिल्‍म समूह) बनाती है। जापान ने पहली बार 2014 में इसे दवा के रूप में इस्तेमाल करने को मंजूरी दी थी. 2016 में फ्यूजीफिल्‍म ने इसका लाइसेंस चीन की एक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी को दिया और 2019 में यह एक जेनेरिक दवा बन गई।फरवरी 2020 में चीन में कोरोना के इलाज के लिए फेवीपिरवीर पर स्टडी की जा रही थी। 80 लोगों पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि अन्य दवा के मुकाबले यह दवा वायरल को तेजी से कम करती है। इसके अलावा 91 फीसदी लोगों के सीटी स्कैन में भी सुधार देखा गया। हालांकि कुछ मरीजों में दवा के साइड इफेक्ट्स भी पाए गए।


चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी झांग शिनमिन ने भी कहा था कि फेवीपिरवीर दवा के वुहान और शेन्झेन में 340 मरीजों पर अच्छे परिणाम मिले हैं. झांग ने कहा था, 'ये दवा बहुत सुरक्षित है और मरीजों के उपचार में साफ तौर पर बहुत प्रभावी है।


बता दें कि 2016 में, जापान सरकार ने इबोला वायरस के प्रकोप का मुकाबला करने के लिए गिनी में आपातकालीन सहायता के रूप में फेवीपिरवीर दवा की आपूर्ति की थी। जापान में Covid-19 के मरीजों को पूरी तरह से फेवीपिरवीर दवा पर रखने के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है क्योंकि ये मुख्यतौर पर फ्लू के लिए बनाई गई है।


Thursday, May 7, 2020

शराब कोरोना वायरस का टीका नहीं हैः शिवसेना


मुंबई, 7 मई। शिवसेना ने मुंबई की शराब की दुकानों के बाहर इस हफ्ते भारी भीड़ लगने पर बृहस्पतिवार को नाखुशी जताई और कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि शराब कोरोना वायरस का टीका नहीं है। शिवसेना के " मुखपत्र" सामना में छपे एक संपादकीय में कहा गया है कि शराब बिक्री के माध्यम से 65 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने के लिए "65,000 कोरोना वायरस संक्रमण मामलों को खरीदना" उचित नहीं है।


लेख में कहा गया है कि लोगों ने शराब की दुकानों पर जमा होने के दौरान एक दूसरे से दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया। महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को ऐलान किया था कि कोरोना वायरस के गैर निषिद्ध जोनो में शराब की दुकानों से गली-मोहल्लों की दुकानें खुलेंगी। मगर सोमवार और मंगलवार को शराब की दुकानों के बाहर लंबी लंबी कतारें देखी गईं।


मुंबई के नगर निकाय के आयुक्त ने मंगलवार रात एक आदेश जारी करके शहर में शराब की दुकानों समेत सभी गैर जरूरी सामान की दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया। शिवसेना ने कहा, " शराब की दुकानों के खुलने पर उनकी (लोगों की) खुशी अल्पकालिक थी।


प्रशासन को शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देना पड़ा। अकेले मुंबई में, दो दिनों में शराब बिक्री के माध्यम से 65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लेकिन मंगलवार को शहर में कोविड-19 के एक दिन में सबसे ज्यादा 635 मामले आए और करीब 30 लोगों की मौत हुई। "उसने कहा कि शराब की दुकान खोलने के दुष्प्रभाव 24 घंटे में दिख गए।


मराठी दैनिक ने कहा, " 65 करोड़ रुपये के राजस्व के लिए हम कोरोना वायरस संक्रमण के 65,000 मामले खरीदना वहन नहीं कर सकते हैं... लोगों को समझना चाहिए कि शराब कोविड-19 का टीका नहीं है।" संपादकीय में कहा गया है कि शराब की दुकाने खोलने की वजह से प्रशासन और पुलिस पर अतिरिक्त दबाव आ गया, जहां एक-दूसरे से दूरी बनाने के नियम का पालन नहीं किया गया।


शराब की बिक्री पर यूपी सरकार को हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश मे शराब की बिक्री शुरू करने के योगी सरकार के फैसले पर सरकार के जवाब मांगा है। अदालत में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को 12 मई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश जारी किया है। इस मामले में अब 12 मई को अगली सुनवाई होगी।प्रदेश में शराब की बिक्री लॉकडाउन के दौरान शुरू करने के सरकार के फैसले के खिलाफ अधिवक्ता सुनील चौधरी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने सरकार से जवाब मांगा है। 


उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले तीन हजार के पार, अबतक 61 की हुई मौत


लखनऊ, 07 मई । उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या 3059 है, जिनमें से सक्रिय मामलों की संख्या 1868 है। प्रदेश में अबतक इस वायरस की चपेट में आने से 61 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के सक्रिय संक्रमण के कुल 1868 मामले हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से 61 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई है।


अधिकारी ने बताया कि राज्य के कुल 67 जिलों से संक्रमण के 3059 मामले सामने आए हैं। प्रसाद ने बताया कि पृथक वार्ड में 1929 लोगों रखा गया है जबकि पृथक-वास केंद्र में 10797 लोग रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि अब राज्य के सभी जिलों के अस्पतालों में कोविड-19 के लिए समर्पित वेंटिलेटर उपलब्ध हो गए हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में इस समय कुल 1300 समर्पित वेंटिलेटर हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमित लोगों में 75.16 प्रतिशत पुरुष और 24.84 प्रतिशत महिलाएं हैं।


प्रसाद ने जनता से अनुरोध किया कि राज्य में प्रवासी श्रमिक आ रहे हैं और उन सब का स्वास्थ्य परीक्षण करके 21 दिन तक उन्हें उनके घर में पृथक—वास में रखा जायेगा और इसकी निगरानी के लिए गांव में ग्राम निगरानी समिति और शहरों में मोहल्ला निगरानी समिति बनाई गई है जिस पर यह दारोमदार होगा कि प्रदेश में संक्रमण ना फैलने पाए।


पूर्णिमा पर याद किये गये गौतमबुद्ध


गोण्डा, 7 मई। लाकडाउन के चलते एक परिवार ने घर पर ही दैहिक दूरी का पालन करते हुए बैसाख की पूणिमा पर गौतमबुद्ध को याद किया। शिक्षक घनश्याम मौर्या ने गौतमबुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण किया ।अपने परिवार वालों को बुद्ध जी के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।बैसाख की पूर्णिमा को गौतमबुद्ध लुम्बनी में पैदा हुए थे। उन्होंने बताया कि एक राजकुमार होते हुए सिद्धार्थ ने लोगों के जीवन से दुख तकलीफ को दूर करने के लिए राजसत्ता छोड़ दी। लोगों को कल्याण के मार्ग पर लेजाने के लिए जीवन की सारी खुशी को छोड़ कर सन्यासी हो गमे।उन्होंने बताया कि गौतम बुद्ध दूसरों के तकलीफ को देखकर परेशान होजाते थे। बुद्ध ने शताब्दियों पहले कहा था संसार दुख का महासागर है।उन्होंने कहा था कि लोगों के जीवन से दुख - दर्द को खत्म करके जरुरत है। राधेश्याम मौर्या, माया देवी, शिवश्याम मौर्या, मन्जू देवी, उषा मौर्या, आशुतोष, गुडिया रहीं।


बुद्ध पूर्णिमा समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी होंगे शामिल, कोरोना वॉरियर्स को करेंगे संबोधित


दिल्ली: असाधारण समय असाधारण कदमों की मांग करता है. इसलिए इस साल सोशल डिस्टैंसिंग को ध्यान में रखते हुए बुद्ध पूर्णिमा समारोह वर्चुअल आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह बुद्ध पूर्णिमा समारोह में शामिल होंगे और अपना प्रमुख संबोधन देंगे. दुनिया में कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कारण बुद्ध पूर्णिमा समारोह एक वर्चुअल वेसाक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. यह आयोजन कोविड-19 के पीड़ितों और फंट्रलाइन वारियर्स, जैसे मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर और पुलिसकर्मी व अन्य के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है।



संस्कृति मंत्रालय, एक वैश्विक बौद्ध अंब्रेला संगठन इंटरनेशनल बौद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन (आईबीसी) के साथ मिलकर एक वर्चुअल प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा है, जिसमें दुनिया भर के बौद्ध संघों के सभी शीर्ष प्रमुख हिस्सा लेंगे. इस मौके पर होने वाली प्रार्थना समारोह की लाइव स्ट्रीमिंग बौद्ध धर्म से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों से होगी. इन स्थलों में नेपाल में लुंबिनी गार्डन, बोधगया में महाबोधि मंदिर, सारनाथ में मूलगंध कुटी विहार, कुशीनगर में परिनिर्वाण स्तूप, श्रीलंका में पवित्र और ऐतिहासिक अनुराधापुरा स्तूप तथा अन्य लोकप्रिय बौद्धस्थल शामिल हैं।


वर्चुअल आयोजन सुबह 6.30 बजे शुरू होगा और शाम 7.45 बजे तक चलेगा. मोदी का 10 मिनट का कीनोट एड्रेस सुबह 8.05 बजे शुरू होगा. उसके पहले संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री किरेन रिजिजू आयोजन में हिस्सा लेंगे. वेसाक बुद्ध पूर्णिमा को तिहरे धन्य दिवस यानी तथागत गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में माना जाता है. लेकिन ऐसे समय में जब पूरी दुनिया घातक महामारी के कारण घरों में बंद है और घर से ही काम करने के लिए मजबूर है, इस तरह के पवित्र आयोजन को भी सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया है।


तेल की कीमतों को लेकर राहुल और प्रियंका ने केंद्र से पूछा- किसके लिए सूटकेस में इकट्ठा हो रहा पैसा?


नई दिल्ली: पूरे विश्व में कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर है। दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन (Lockdown) लगा हुआ है जिसके सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां भी बंद हैं।इन सब का सीधा असर कच्चे तेल के दामों पर भी पड़ा है। मांग कम होने की वजह से कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है लेकिन इसका फायदा देश की जनता को नहीं मिलेगा। भारत सरकार ने तेल के उत्पाद शुल्क में आज रात से बढ़ोतरी की है।अब इस मामले को लेकर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।


पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी(Rahul Gandi) और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी(Priyanka Gandhi) ने केंद्र सरकार से तेल के उत्पादन शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर कई सवाल किए। प्रियंका गांधी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कच्चे तेल के दामों में गिरावट का फायदा देश की जनता को नहीं देना चाहती बल्कि बार बार उत्पादन शुल्क बढ़ा कर अपने सुटकेस भर रही है।वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी सरकार से सवाल पूछा कि देश की जनता इस समय परेशान है तो फिर उसे कम कीमतों का फायदा क्यों नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘कोरोना वायरस से जारी लड़ाई हमारे करोड़ों भाइयों और बहनों के लिए गंभीर आर्थिक कठिनाई का कारण बन रही है। इस समय, कीमतें कम करने के बजाय, पेट्रोल और डीजल पर 10-13 ₹ प्रति लीटर कर बढ़ाने का सरकार का निर्णय अनुचित है।


राहुल गांधी ने ट्वीट के माध्यम से केंद्र सरकार को अपने निर्णय को वापस लेने के लिए भी कहा. आपको बता दें कि इससे पहले भी प्रियंका गांधी ने कई बार केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए हैं. हाल ही में उन्होंने पीएम केयर्स फंड को लेकर भी केंद्र की मंशा पर सवाल उठाए थे।


मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...