Thursday, May 28, 2020

नेहरु के आखिरी कुछ दिन


अपने निधन के ठीक पांच दिन पूर्व जवाहरलाल नेहरु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी| लम्बे सार्वजानिक जीवन की अंतिम (22 मई 1964) थी| उस शुक्रवार को उनकी काबीना के सूचना, प्रसारण एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. सत्यनारायण सिन्हा काफी आकुल थे| प्रधान मंत्री का स्वास्थ्य क्लांत था| फालिज का अंदेशा था| सभागार में जमा करीब दो सौ संवाददाता कई प्रश्न पूछने को उतावले थे| पहला प्रश्न कश्मीर पर था| प्रधान मंत्री ने ऐलान किया कि जेल से रिहा किये गए शेख मोहम्मद अब्दुल्ला “परसों इस्लामबाद जा रहे हैं| मार्शल मोहम्मद अयूब खान से वार्ता करेंगे|” फिर कुछ अन्य विषयों पर भी सवाल हुए| उनमें अंतिम था कि : “पण्डित जी, आपने रिटायरमेंट के बारे में क्या सोचा है?” उत्तर सधा हुआ था : “जब भी यह प्रश्न पूछा जाता है, मैं रिटायरमेंट की सोचने लगता हूँ !” अगला जुड़ा हुआ प्रश्न था: “आराम करने कहीं पहाड़ पर जा रहे हैं क्या ?” नेहरु का जवाब था: “कल देहरादून जाऊंगा|” मगर गढ़वाल हिमालय से वे शीघ्र दिल्ली लौट आये| फिर 27 मई की प्रातः 4:30 बजे उनके ह्रदय की महाधमनी (Aorta) फट गई| कठिनाई से सांस लेते रहे| अपरान्ह 1:20 बजे, बुधवार 27 मई, वे चल बसे|


 


नास्तिक नेहरु अंतिम महीनों में आस्था और अनास्था के दरम्यान डोल रहे थे| अतः सत्यनारायण बाबू जो अपनी फितरतों के लिए विख्यात थे, पिछले साल भर से प्रधान मंत्री के दिल में प्राच्य विज्ञान के प्रति लगाव सर्जा रहे थे| आयुर्वेद को नेहरु भरोसेमंद नहीं मानते थे | मगर तब सेवन करने लगे थे| हालाँकि शीर्षासन बंद कर दिया था|


 


नेहरू की ज्योतिष में रूचि पैदा करने में सत्यनारायण बाबू कई संयोगों के कारण सफल हुए| पहला इत्तिफाक था मौलाना अबुल कलाम आजाद की अकस्मात् मौत का| हिन्दुस्तान टाइम्स के संपादक रहे दुर्गा दास की किताब “इंडिया फ्रॉम कर्जन टू नेहरू एण्ड आफ्टर” (रूपा प्रकाशन 1981, पृष्ठ 375) में मौलाना आजाद की मृत्यु का उल्लेख है| सत्यनारायण बाबू ने नेहरु से कहा था कि एक भविष्यवक्ता ने उनके स्नानागार में गिरने के बाद मौलाना का निधन निकट बताया है| नेहरु ने उन्हें झिड़का कि “विधान बाबू (डॉ. विधानचन्द्र राय, पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री) ने मौलाना की जांच की और बताया कि वे खतरे से बाहर हैं|” पर आजाद चौथे दिन जन्नतनशीन हो गये| सत्यनारायण बाबू की विनय पर कि नेहरु की जन्मकुंडली ज्योतिषी को दिखा दी जाय, प्रधान मंत्री ने डांट लगायी| पर गुलजारीलाल नंदा के आग्रह पर नेहरु राजी हो गये| ज्योतिषी ने बताया कि चीन भारत पर हमला करेगा| दूसरा पूर्वानुमान था कि प्रधान मंत्री का कोई इष्ट मित्र उन्हें धोखा देगा| वीके कृष्ण मेनन, रक्षा मंत्री, लगातार पाकिस्तान द्वारा हमले की आशंका जता रहे थे| चीन के प्रति आश्वस्त थे| दोनों भविष्यवाणियाँ सच हुईं| जब मई 1964 को नेहरु भुवनेश्वर की यात्रा से लौट आये थे तो एक पण्डित ने कालकाजी मन्दिर (दिल्ली) में महामृत्युंजय पाठ कराया था| रोज शाम तीन मूर्ति भवन आकर पुजारीजन नेहरु के माथे पर लाल तिलक लगाते थे| हालाँकि निश्चयात्मक तरीके से बता दिया गया था कि नेहरु जी मई का अंत नहीं देख पाएंगे| नेहरु के साथ 1925 से आजीवन परिचित रहे दुर्गा दास ने लिखा (पृष्ठ 376) कि नेहरु का भविष्य वक्ताओं की ओर आखिरी दिनों में आकृष्ट होना उन्हें खुद अचंभित करता था|


 


 यहाँ मेरे अपने अनुभव का भी जिक्र मैं कर दूं| नेहरू सच्चे सोशलिस्टों की भांति अनीश्वरवादी और भौतिकवादी रहे| लखनऊ के दैनिक “नेशनल हेराल्ड” के चेयरमैन होने के नाते वे यदा कदा संपादक (मेरे पिता स्व. के. रामा राव) के निवास (दीक्षित बिल्डिंग, नजरबाग) पर आया करते थे| (अब वह सड़क “के. रामा राव मार्ग” कहलाती है|) नेहरु का बच्चों से अतीव स्नेह रहा था| वे चाचा कहलाते थे| इसी सिलसिले में बम्बई की घटना बता दूं| अपने जीवन में आल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC ) के अंतिम अधिवेशन में शामिल होने महाराष्ट्र की राजधानी नेहरु आये| उत्तर मुंबई के दक्षिण भारतीय-बहुल माटुंगा में षड्मुखानन्द सभागार में 14 मई 1964 के दिन अधिवेशन था| समीप के ब्राह्मणवाडा रोड पर मैं रहता था| टाइम्स ऑफ़ इंडिया के चीफ रिपोर्टर वी. नागभूषण राव ने मुझे एक रपट तैयार करने को कहा| तब उत्तर प्रदेश तथा पंजाब के भूभाग को काट कर नया हिंदीभाषी राज्य हरियाणा प्रस्तावित था| मुझे उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं का अभिमत संकलित करना था| तभी पं. कमलापति त्रिपाठी, हेमवती नंदन बहुगुणा, बाबू बनारसी दास, चरण सिंह आदि से साक्षात्कार हुआ।


 


भव्य मंच के समीप मैं मंडराता रहा| हमेशा की भांति मसनद को टेककर पद्मासन में बैठने के बजाय, नेहरु एक कुर्सी पर विराजे थे| थके, पस्त दिख रहे थे| तभी एक बालक उनके पास ऑटोग्राफ के लिए आया| किसी नेता का पुत्र था| नेहरु ने उस बालक को न छुआ, न चूमा, न आशीर्वाद दिया| शुष्क रहे| मैंने साथियों से चर्चा की कि “14 नवम्बर (बाल दिवस) वाले चाचा नेहरु” अब निश्शेष लग रहे हैं| भुवनेश्वर में हुए पक्षाघात का प्रभाव दिख रहा था| बस तेरहवें दिन वे चले गए|


 


 बुधवार, 27 मई 1964, अविस्मर्णीय रही| हम तीन पत्रकार साथी मुंबई में एक टैक्सी से गेटवे ऑफ़ इंडिया जा रहे थे| साप्ताहिक अवकाश का दिन था| दोपहर का समय था| एलिफेंटा तक समुन्दरी सैर का इरादा था| दादाभाई नवरोजी रोड पर से हम गुजरे| फ्लोरा फाउंटेन के पास मैंने देखा पीटीआई ऑफिस की बालकोनी पर तिरंगा आधा झुका था| तत्काल मैंने टैक्सी घुमवाई| वापस दफ्तर (टाइम्स ऑफ़ इंडिया) आये| लोकसभा में कुछ देर पूर्व ही वित्त मंत्री सी. सुब्रह्मण्यम ने रुंधे गले से प्रधान मंत्री के निधन की सूचना दी थी| चीफ रिपोर्टर ने काम सौंपा कि मुम्बई में बसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख नागरिकों का संदेशा मुझे संकलित करना है | पण्डित राममनोहर त्रिपाठी ने बड़ी मदद की| वे नवभारत टाइम्स के प्रिय समाचार स्रोत थे| महाराष्ट्र कांग्रेस काबीना में मंत्री रह चुके थे| तभी धर्मयुग के संपादक डॉ. धर्मवीर भारती ने अपने साप्ताहिक में विशेष श्रद्धांजलि लेख मुझसे लिखवाया था|


 


उस दौर में कई पत्रकार साथियों ने बताया कि डॉ. राममनोहर लोहिया ने नेहरु के निधन पर कोई शोक संवेदना नहीं व्यक्त की| यह भ्रामक है, असत्य है| लोहिया मई 1964 में जैक्सन नगर (मिसीसिपी प्रदेश, दक्षिणी अमेरिका) के एक रेस्तरां में अश्वेतों पर लगे प्रवेश निषेध का विरोध करने पर गिरफ्तार किये गए थे| अमरीकी जेल में थे | इस वारदात पर राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने डॉ. लोहिया से क्षमा याचना भी की थी| पर लोहिया ने अपील की कि समतामूलक लोकतंत्र में इस नस्लभेद पर स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी (स्वतंत्रता की देवी) से राष्ट्रपति क्षमा याचना करें| भारत वापस आने पर डॉ. लोहिया ने नेहरु की मृत्यु पर हार्दिक शोक व्यक्त किया| उनके शब्द थे : “यदि बापू मेरा सपना थे, तो जवाहरलाल मेरी अभिलाषा|” पत्रकारों ने विस्तृत (नमकीन) संदेशा माँगा तो लोहिया ने कहा कि छः माह तक वे नेहरु पर कुछ नहीं बोलेंगे| पर प्रेस की जिद पर लोहिया बोले : “नेहरु ने अपनी संपत्ति अपने परिवार को दे दी| भस्म देश को दिया|” नेहरु ने वसीयत में लिखा था कि उनका शव दहन हो और राख आसमान से भारत के खेतों में बिखराया जाय|” आनंद भवन पुत्री को दे दिया|


Report @ के. विक्रम राव ✍🏻


 


दुश्मनी छोड़ दोस्ती पर आया चीन, राजदूत ने कहा ‘हाथी और ड्रैगन’ एक साथ कर सकते हैं डांस


नई दिल्ली/बीजिंग: सीमा विवाद पर भारत के कड़े तेवर देखकर चीन के मिजाज में एकदम से नरमी आ गई है. चीन अब चाहता है कि दोनों देश मतभेदों को ज्यादा अहमियत न देते हुए बातचीत से समाधान तलाशें. भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग (Sun Weidong) ने कहा कि ‘ड्रैगन और हाथी’ का एकसाथ नाचना, भारत और चीन के लिए एकमात्र सही विकल्प है. युवा नेताओं के साथ ज़ूम पर बातचीत करते हुए चीनी राजदूत ने कहा, चीनी ‘ड्रैगन’ और भारतीय ‘हाथी’ एक साथ नाच सकते हैं और यही दोनों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि चीन और भारत साथ मिलकर COVID-19 के खिलाफ लड़ रहे हैं और हमारे लिए ये भी महत्वपूर्ण टास्क है कि हम अपने रिश्तों को मजबूत रखें.  हमारे युवाओं को ये अहसास होना चाहिए कि दोनों देशों चीन और भारत के बीच रिश्ते एक दूसरे के लिए नए अवसरों को खोलेंगे और हम एक दूसरे के लिए खतरा नहीं हैं.  


 


चीनी राजदूत ने कहा है कि भारत और चीन एक दूसरे के दुश्मन नहीं, बल्कि एक दूसरे के लिए अवसर हैं. भारत और चीन दोनों ही मिलकर कोरोना वायरस (Corona virus) से लड़ रहे हैं. दोनों देशों के बीच जो मतभेद हैं. उनका असर संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए. दोनों देशों को बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाना चाहिए.



चीन के मिजाज में यह बदलाव भारत के कड़े रुख और अमेरिका द्वारा मध्‍यस्‍थता की पेशकश के बाद आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में मध्यस्थता करने की पेशकश की और कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध के दौरान तनाव कम करने के लिए ‘तैयार, इच्छुक और सक्षम’ हैं. ट्रंप ने पहले कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच भी मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन नई दिल्ली ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. भारत का कहना है कि द्विपक्षीय संबंधों में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है.


 


अचानक आया अमेरिकी प्रस्ताव


 


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार सुबह ट्वीट किया, ‘हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि अमेरिका उनके इस समय जोर पकड़ रहे सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम है. धन्यवाद’. ट्रंप के इस अनपेक्षित प्रस्ताव से एक सप्ताह पहले एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक ने चीन पर भारत के साथ सीमा पर संघर्ष में शामिल होने का आरोप लगाया था, ताकि यथास्थिति को बदला जा सके. दक्षिण एशिया के लिए शीर्ष अमेरिकी राजनयिक एलिस जी वेल्स ने भारत को चीन के आक्रामक रुख का विरोध करने के लिए भी प्रोत्साहित किया था. उन्होंने सेवानिवृत्त होने से कुछ दिन पहले 20 मई को अटलांटिक काउंसिल में कहा था कि अगर आप दक्षिण चीन सागर की तरफ देखें तो यहां चीन के परिचालन का एक तरीका है और यह सतत उग्रता है तथा यथास्थिति को बदलने, नियमों को बदलने की लगातार कोशिश है. चीन ने अगले दिन वेल्स के बयान को बेतुका कहकर खारिज कर दिया था.  


 


गौरतलब है कि करीब 3,500 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) भारत और चीन के बीच वस्तुत: सीमा है. एलएसी पर लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में अनेक क्षेत्रों में भारत और चीन दोनों की सेनाओं ने हाल ही में सैन्य निर्माण किये हैं. जिसे लेकर दोनों आमने-सामने हैं. लेकिन चीन ने बुधवार को एक तरह से सुलह वाले अंदाज में कहा कि भारत के साथ सीमा पर हालात कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण में हैं तथा दोनों देशों के पास संवाद और परामर्श के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने के लिए उचित प्रणालियां और संचार माध्यम हैं.


 


*भारतीय सेना के कमांडरों की बैठक शुरू*


 


इस बीच सीमा पर तनातनी के मद्देनजर भारतीय सेना के कमांडरों का सम्मेलन बुधवार को नई दिल्ली में शुरू हो गया है, जहां सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के संबंध में गहन चर्चा की जाएगी. पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ तनाव से पहले इस सम्मेलन की योजना बनाई गई थी. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं. भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल के शीर्ष कमांडर बैठक में भाग ले रहे हैं. इस बैठक में लद्दाख में चीन के कारण उपजे हालात सहित सभी सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी.


 


आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों के लिए होता है, जिसमें शीर्ष स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं. यह अप्रैल 2020 के लिए निर्धारित था, मगर कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गया था. इसे अब दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. सम्मेलन का पहला चरण बुधवार को शुरू हुआ और 29 मई, 2020 तक जारी रहेगा. इसके बाद दूसरा चरण जून 2020 के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा.


 


भारतीय सेना का शीर्ष स्तर का नेतृत्व मौजूदा उभरती सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-मंथन करेगा और भारतीय सेना के लिए भविष्य के पाठ्यक्रम को निर्धारित किया जाएगा. इसमें सेना कमांडरों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित कॉलेजिएट प्रणाली के माध्यम से निर्णय लिया जाता है. साउथ ब्लॉक में शुरू पहले चरण के सम्मेलन दौरान, परिचालन और प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित विभिन्न पहलुओं जिसमें रसद और मानव संसाधन से संबंधित अध्ययन शामिल हैं, पर चर्चा की जाएगी. इसमें चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ उभरती स्थिति भी शामिल है.


Wednesday, May 27, 2020

कोविड-19 के कारण भारत में 18,000 लोगों की हो सकती है मौत : एक्सपर्ट


नई दिल्ली, 27 मई। भारत में जुलाई माह की शुरुआत में कोविड-19 के मामले चरम पर पहुंचने की आशंका है और इस वैश्विक महामारी के कारण भारत में 18,000 लोग जान गंवा सकते हैं। एक महामारी एवं लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने यह कहा है। सेंटर फॉर कंट्रोल ऑफ क्रॉनिक कंडिशन्स (सीसीसीसी) के निदेशक प्रो डी. प्रभाकरण ने कहा कि देश में यह महामारी बढ़ने की दिशा में है।


प्रभाकरण ब्रिटेन में लंदन स्कूल ऑफ हाइजिन ऐंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में महामारी विज्ञान विभाग में प्रोफेसर भी हैं। महामारी विशेषज्ञ ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के सर्वाधिक मामले जुलाई में सामने आ सकते हैं। उन्होंने बुधवार को बताया कि यह विभिन्न शोधों के आधार पर और अन्य देशों में इस महामारी के बढ़ने और घटने का आकलन पर आधारित है।


उन्होंने कहा कि हमारे यहां चार से छह लाख मामले संक्रमण के हो सकते हैं और औसत मृत्यु दर तीन फीसदी रह सकती है, जो (भारत में कोविड-19 के कारण मौत) करीब 12,000-18,000 होगी। प्रभाकरण ने कहा कि सीमित डेटा को देखने पर ऐसा लगता है कि यहां मृत्युदर कम है लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है, यह तो महामारी के खत्म होने पर ही पता चल पाएगा।


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हैल्थ, हैदराबाद में निदेशक प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति ने कहा कि दक्षिण एशिया क्षेत्र में मृत्युदर सबसे कम श्रीलंका में है जो प्रति दस लाख पर 0.4 है। भारत, सिंगापुर, पाकिस्तान, बांग्लादेश और मलेशिया में प्रति दस लाख की आबादी पर मृत्युदर एक सी कम है। हां, यह कहना मुश्किल है कि इन देशों में मृत्युदर कम क्यों है। उनके मुताबिक ऐसा हो सकता है कि इन देशों ने महामारी की शुरुआत में सामुदायिक लॉकडाउन शुरू कर दिया था जो मृत्युदर कम होने की वजह हो सकती है। जबकि यूरोप और अमेरिका ने ऐसे कदम देर से उठाए।


 


प्रो. मूर्ति ने बताया कि दुनियाभर और भारत के रूझानों को देखें तो पता चलता है कि 60 वर्ष और अधिक आयु के लोगों में मृत्युदर सबसे ज्यादा है। भारत में कोविड-19 के कारण जिन लोगों की मौत हुई उनमें से 50 फीसदी की उम्र 60 वर्ष या अधिक थी।


श्रमिक ट्रेनों के चार यात्रियों की मौत


बलिया-कानपुर  27 मई : श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के चार यात्रियों की मौत हुई है। मडगाव से प्रवासियों को लेकर दरभंगा (बिहार) जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार एक बीमारी यात्री की बलिया के अस्पताल में बुधवार को मौत हो गई। वहीं बलिया में ही सूरत-हाजीपुर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में एक अन्य श्रमिक मृत मिला। कानपुर में झांसी-गोरखपुर श्रमिक ट्रेन में दो यात्री मृत मिले।


 


मडगाव से प्रवासियों को लेकर दरभंगा (बिहार) जा रही श्रमिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के एक बीमार यात्री की बुधवार को बलिया में मौत हो गई।


 


अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव के अनुसार मडगाव से प्रवासियों को लेकर दरभंगा (बिहार) जा रही श्रमिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार देर शाम बलिया पहुँची। इस ट्रेन से नेपाल के जनकपुर के थाना दुभी के रहने वाले शोभरन कुमार (28) सफर कर रहे थे। उसकी तबीयत खराब थी और रेलवे के डॉक्टर ने उसकी जांच की और हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आज बुधवार को उसकी मौत हो गई।


 


इसके पूर्व सूरत हाजीपुर श्रमिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में मंगलवार शाम एक यात्री बलिया में मृत मिला था। मृतक के पास से मिले परिचय पत्र के जरिये उसकी पहचान भूषण सिंह (58) निवासी जिला सारण, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


 


इस बीच कानपुर में झांसी-गोरखपुर श्रमिक ट्रेन में दो प्रवासी यात्री मृत पाये गये।


 


कानपुर सेंट्रल रेलवे पुलिस के थानाध्यक्ष राम मनोहर राय ने बताया कि मृतकों से एक की पहचान राम अवध चौहान (45) निवासी आजमगढ़ के रूप में हुई है जबकि दूसरे की पहचान अभी तक नहीं हो पायी है।


 


उन्होंने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिये गये हैं तथा कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये नमूने ले लिये गये हैं।


वायुसेना ने एलसीए तेजस को शामिल किया

 


कोयंबटूर (तमिलनाडु), 27 मई। भारतीय वायुसेना ने बुधवार को पहला हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस एफओसी (फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस) मानक शामिल किया और शहर के बाहरी हिस्से सुलूर में स्थित वायुसेना केंद्र में 18 वीं स्क्वाड्रन ‘‘फ्लाइंग बुलेट्स‘‘ का संचालन किया।



तेजस एमके-1 को शामिल करने के मौके पर अंतर-धार्मिक प्रार्थना भी हुई। यह विमान बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटिड (एचएएल) ने बनाया है। इसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर माधवन ने विमान के कागजात वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया को सौंपे।


तेजस को शामिल करने के दौरान नारियल भी तोड़ा गया।


भदौरिया ने पहले एलसीए तेजस एमके-1 एफओसी की चाबी ग्रुप कैप्टन मनीष तोलानी को सौंपी जो सुलूर के वायु सेना स्टेशन में नंबर 18 स्क्वाड्रन के कमांडिंग अधिकारी है।


 


इससे पहले, भदौरिया ने इनिशियल क्लीयरेंस ऑपरेशन (आईओसी) विमान उड़ाया जो वायुसेना की 45वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है।


 


तेजस चौथी पीढ़ी का एक स्वदेशी टेललेस कंपाउंड डेल्टा विंग विमान है। 45वीं स्क्वाड्रन के बाद 18वीं स्कवाड्रन दूसरी टुकड़ी है जिसके पास स्वदेश निर्मित तेजस विमान है।


 


यह फ्लाई-बाय-वायर विमान नियंत्रण प्रणाली, इंटीग्रेटेड डिजिटल एवियोनिक्स, मल्टीमॉड रडार से लैस है और इसकी संरचना कंपोजिट मैटेरियल से बनी है।


 


यह चौथी पीढ़ी के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान के समूह में ‘‘सबसे हल्का और छोटा’’ विमान भी है।1965 में गठित 18वीं स्क्वाड्रन पहले मिग 27 विमान उड़ाती थी।


इस स्क्वाड्रन ने पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में ‘‘सक्रिय रूप से भाग’’ लिया था।


सुलूर में इस साल एक अप्रैल को इस स्क्वाड्रन का ‘‘पुनर्गठन’’ किया गया।


 


अपने संबोधन में भदौरिया ने उद्योग से भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।


 


नए संस्करण की डिजाइनिंग और निर्माण में शामिल वैज्ञानिकों और अन्य लोगों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि तेजस का यह मॉडल अब दुनिया में इस वर्ग में सबसे अच्छा है।


 


वायुसेना प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति की वजह से यह विमान मिलने में देरी हुई। अब वायुसैनिकों की जिम्मेदारी है कि वह इसका इस्तेमाल करें।


 


उन्होंने कहा कि वायुसेना को 83 एलसीए की जरूरत है।


 


माधवन ने कहा कि एचएएल अगले 36 महीनों में 16 तेजस एफओसी की आपूर्ति वायुसेना को करेगा।


 


उन्होंने बताया कि वायुसेना ने 20 आईओसी मानक विमान और 20 एफओसी मानक विमान का ऑर्डर दिया था।


 


इस बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने बुधवार को सुलूर वायुसेना स्टेशन पर एक सीट वाला हल्का तेजस विमान उड़ाया।


 


अधिकारियों ने बताया कि तेजस विमान विकसित करने वाली टीम में शामिल रहे भदौरिया ने विमान उड़ाया, जो वायुसेना की 45वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है।


 


तेजस को वैमानिकी विकास एजेंसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है। जेट का जीवनकाल किसी भी अन्य फ्रंट-लाइन लड़ाकू विमान की तरह न्यूनतम 30 वर्ष होगा।


उत्तर प्रदेश- 24 घंटे में कोरोना के 277 नए मामले, अब तक 178 की मौत


लखनऊ,27 मई । उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 277 नए मामले हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6823 हो गई है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में कोविड 19 के 2790 एक्टिव पेशेंट हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।


Report @ Zeba Mirza


इटावा: बेटी की शादी के लिए जा रहे थे परिजन, ट्रक की चपेट में आने से बोलेरो बोलेरो सवार मां और दो बेटों की मौत, पांच गंभीर


इटावा। जिले के हाईवे पर हादसो का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को तड़के बकेवर के पास नेश्नल हाईवे पर बड़ा हादसा हो गया, ट्रक में बोलेरो टकराने से मां व दो बेटों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घायलों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। बोलेरो सवार बेटी की शादी के लिए छत्तीसगढ़ से कासगंज जा रहे थे। मूलरूप से कासगंज के धरना निनावा गांव के रहने वाले राजाराम राजपूत छत्तीसगढ़ के राजनाद मे परिवार के साथ रहते हैं और कपड़े की फेरी लगाने का काम करते है। लॉकडाउन के चलते वह परिवार के साथ राजनाद में थे। 12 जून को पुत्री आरती की शादी होनी है। इसके चलते राजाराम परिवार के साथ बोलेरो से कासगंज अपने गांव के लिए जा रहे थे। 


    बुधवार को तड़के सवा तीन बजे बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम परसुपुरा के सामने नेशनल हाईवे पर बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर ट्रक में जा टकराई। मूलरूप से कासगंज के धरना निनावा गांव के रहने वाले राजाराम राजपूत छत्तीसगढ़ के राजनाद मे परिवार के साथ रहते हैं और कपड़े की फेरी लगाने का काम करते है। लॉकडाउन के चलते वह परिवार के साथ राजनाद में थे। 12 जून को पुत्री आरती की शादी होनी है। इसके चलते राजाराम परिवार के साथ बोलेरो से कासगंज अपने गांव के लिए जा रहे थे। बुधवार की भोर पहर करीब सवा तीन बजे बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम परसुपुरा के सामने नेशनल हाईवे पर बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर ट्रक में जा टकराई। हादसे में बोलेरो सवार राजाराम की 45 वर्षीय पत्नी रेखा, 18 वर्षीय पुत्र पंकज और 13 वर्षीय पुत्र बंटी की मौके पर मौत हो गई, वहीं राजाराम, दो पुत्रियां व चालक सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी तो थाना प्रभारी निरीक्षक बचन सिंह पुलिस फोर्स लेकर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया और क्रेन बुलाकर बोलेरो को हाईवे से किनारे कराया। पुलिस के अनुसार राजाराम 25 साल से छत्तीसगढ़ में रहकर कारोबार कर रहा है, बेटी की शादी के लिए गांव जा रहा था। प्रथम दृष्टया बोलेरो की ब्रेक फेल होने से हादसा होने की बात सामने आई है।


कोरोना: देश में संक्रमितों की संख्या 1.5 लाख के पार, आज भी 6 हज़ार से अधिक केस सामने आए, अब तक 4337 की मौत


राज्यों से कोरोना वायरस के 6,000 से ज्यादा मामले आने के साथ ही बुधवार को संक्रमित लोगों की संख्या 1.5 लाख से ज्यादा हो गई है. सरकार ने कहा है कि संक्रमण से ठीक होने की दर भी अब 42 प्रतिशत से अधिक हो गई है. वहीं, देशभर में मृतकों की संख्या भी बढ़कर 4,337 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 64,000 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी मिल चुकी है और 83,000 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है. सुबह के अपडेट में मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे से 24 घंटे में संक्रमण के 6,387 मामले और 170 मौतों के साथ देशभर में संक्रमण के कुल मामले 1,51,767 हो गए हैं और कुल 4,337 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘अब तक करीब 42.45 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं.’’


राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन में सबसे अधिक 792 नए मामले सामने आने से संक्रमित लोगों की संख्या 15,257 हो गयी . दिल्ली में मृतकों की संख्या 303 हो चुकी है. तमिलनाडु में भी एक दिन में सर्वाधिक 817 नए मामले सामने आए. इसमें ऐसे लोग भी हैं जो दूसरे राज्यों से लौटे हैं. राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 18,545 हो गई. संक्रमण से छह और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 133 हो गई. महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, ओडिशा, कर्नाटक, केरल और आंध्रप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से नए मामले सामने आए. केरल में 40 लोगों में संक्रमण की पुष्टि के बाद कोविड-19 के मामले 1,000 से ज्यादा हो चुके हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 445 लोगों का उपचार चल रहा है जबकि 1.7 लाख लोग निगरानी में हैं . राज्य में 552 लोग संक्रमण से ठीक हो गए हैं और छह लोगों की मौत हुई है! 


Tuesday, May 26, 2020

गाजीपुर में सात और लोगो की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव, जिले में एक्टिव मरीजो की संख्या पहुंची 80


गाजीपुर। कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या ने आज जिले में फिर हलचल मचा दिया है। इस संदर्भ में कोरोना प्रभारी डा. स्‍वतंत्र कुमार ने पूर्वांचल न्‍यूज डॉट काम को बताया कि मंगलवार को जो लैब से रिपोर्ट आई है, उसमें कुल सात कोरोना पॉजिटिव मिले है। जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या 91 हो गयी है जिसमें से 11 लोग स्‍वस्‍थ हो गये है।


अब एक्टिव केसो की संख्‍या 80 हो गयी है। उन्‍होने बताया कि अभी तक जिले से 2249 लोगो का स्‍वेब लैब में टेस्‍ट के लिए भेजा गया था, जिसमें से 1915 लोगो की रिपोर्ट आ गयी है। 338 लोगो की रिपोर्ट लैब में पेंडिंग है।


जिलाधिकारी डॉ ब्रह्म देव राम तिवारी ने किया क्वारन्टीन स्थलों का निरीक्षण


कानपुर, मंगलवार 26 मई 2020 । जिलाधिकारी डॉ0 ब्रह्म देव राम तिवारी महोदय ने आज तहसील बिल्हौर के कोरोंटिन स्थलों का निरीक्षण करने बिल्हौर पहुचे।


 


सबसे पहले राम सहाय इंटर कॉलेज शिवराजपुर पहुंचे जहां पर 11 लोगों को कोरोंटिन के लिए रोका गया है ।जो अन्य जनपदों से आए हैं पास के ही गाँव के रहने वाले है जिन्हें यहाँ रोका गया है। जिलाधिकारी महोदय ने कर्नाटक से आए प्रवासी मजदूर से किसी प्रकार की कोई समस्या तो नही हो रही है के विषय मे जानकारी की तो राजू ने बताया कि कोई समस्या नही है


 


समय से खाना पानी व अन्य वस्तुवे मिल रही है। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी को मौसमी फल भी दिए जाएं यह सुनिश्चित किया जाए। तथा कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार सभी का मेडिकल चेकअप हो यह भी सुनिश्चित किया जाये। गांवों में निगरानी समितियां एक्टिव रहें तथा गांव में आने वाले लोगों की जानकारी कर उनको कोरोंटिन कराया जाये। निरीक्षण के दौरान बिल्हौर विधायक भगवती प्रसाद सागर, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी बिल्हौर साईं तेजा उपस्थित रहे।


Report @ प्रभात नागेन्द्र त्रिवेदी


लाकडाउन ने फींका किया ईद के सेवईं की मिठास

 


Gonda : एक महीना रोजे के बाद मनाया जानेवाला प्रेम व भाई चारे का प्रतीक ईद- उल- फित्र का त्योहार लाकडाउन के कारण फीका रहा। लोगों अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा की। इस बार की ईद में न तो कोई किसी से गले मिला और न ही किसी के घर सेवई खाने व ईद की मुबारक बाद देने गया। सबसे ज्यादा तकतीफ इस ईद में नन्हें मुन्ने बच्चों को हुई। व्यवसायी कययूम शेख, पुत्तन भाई, सगीर, परवेज अहमद, छोटू ने बताया कि लाकडाउन ने ईद के सेंवई की मिठास को ही खत्म करदिया। उन सभी लोगों ने कोरोना वायरस को देश से खत्म करने के लिए इस तरह की कई ईद की खुशियों को वलिदान करने की बात कही।



छावनी में तब्दील रहा पूरा बाजार


सोमवार ईद के सुबह से ही खोरहंसा बाजार, पूरेतिवारी, जमुनियाबाग बाजार, तकिया छावनी में तब्दील रहा। सीओ सदर लक्ष्मी कांत गौतम भारी पुलिस बल के साथ अगुवाई करते हुए सभी बाजार व गांव के मस्जिद, ईदगाह पर भ्रमण करते रहे। लोगों को घरों में ही रहकर ईद की नमाज अदा करने की हिदायत देते रहे। उन्होंने सोसलमीडिया के माध्यम से एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने की अपील भी की। कोतवाल देहात राजेश सिंह, चौकी प्रभारी योगेश सिंह, बब्बन यादव, चन्द्रशेखर, महिला आरक्षी विनीता यादव, अर्चना! 


Covid-19 : भारत और इजरायल ने मिलाए हाथ, मिलकर करेंगे रिसर्च


कोरोना वायरस संकट से बाहर निकलने के लिए कई स्तरों पर मिलकर काम कर रहे भारत और इजराइल ने त्वरित जांच की ठोस तकनीक हासिल करने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों देश कोविड-19 रेपिड टेस्टिंग के लिए साथ में मिलकर रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए काम करेंगे। इससे जुड़े अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है और उन्हें उम्मीद है कि वे एक ऐसा टेस्ट करने में सक्षम होंगे जो लोगों को सुरक्षित रूप से फिर से सामान्य जीवन जीने की राह देगा।


 


भारत सरकार और इजरायल सरकार के बीच इस समझौते की घोषणा करते हुए भारत स्थित इजराइल दूतावास ने सोमवार को अपने ट्वीट में कहा, संयुक्त रिसर्च एंड डिवलपमेंट के मुद्दे पर दो देशों के बीच चर्चा हुई। यह भारत और इजराइल के बीच व्यापक वैज्ञानिक सहयोग के लिए इजरायली प्रधानमंत्री और भारतीय प्रधानमंत्री के विजन का हिस्सा है।


खास बात यह है कि रैपिड टेस्टिंग के लिए होने वाली रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए दोनों देशों के प्राथमिक रक्षा अनुसंधान संगठन को शामिल किया गया है। इसमें डिफेंस रिसर्च एंड डिवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च जैसे भारतीय संस्थान शामिल हैं। ये इजरायल के डिफेंस रिसर्च एंड डिवलपमेंट के साथ काम करेंगे।


पूरी तरह फेल हो गया लॉकडाउन : राहुल गांधी


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां वायरस तेजी से बढ़ रहा है और हम लॉकडाउन को हटा रहे हैं। लॉकडाउन का उद्देश्य विफल हो गया है। भारत एक असफल लॉकडाउन के परिणाम का सामना कर रहा है। 


बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश और दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में लॉकडाउन और अलग-अलग तरह की पाबंदियां लागू हैं, मगर अब तक इसकी रफ्तार में कमी देखने को नहीं मिल रही है। भारत में कोरोना वायरस का कहर तेज गति से और बढ़ता ही जा रहा है और इसके पॉजिटिव मामलों की संख्या 1 लाख 45 हजार के करीब हो गई है।


अब तक देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या 145380 पहुंची है, जिनमें से 4167 लोगों की मौत हुई है और 60490 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं विश्व स्तर की बात करें तो दुनियाभर में कोरोना वायरस के मरीजों की सख्या 55 लाख पार कर चुकी है। 


 


भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 6,535 नए केस सामने आए हैं और करीब 146 लोगों की मौतें हुई हैं। मंगलवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर करीब 1,45,380 हो गए हैं और कोविड-19 से अब तक 4167 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के कुल 1,45,380 केसों में 80,722 एक्टिव केस हैं, वहीं 60,490 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है या फिर वह ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस से अब तक सर्वाधिक 1695 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। महाराष्ट्र में कोरोना ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। यहां कोविड-19 के कुल 52667 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जो किसी भी राज्य से कई गुना अधिक है। इनमें से 15786 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इस राज्य में अब तक सबसे अधिक 1695 लोगों की जान जा चुकी है।


Monday, May 25, 2020

UP के कई हिस्से लू की चपेट में




लखनऊ, 25 मई :  उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच कई हिस्से लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि गर्मी से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है और अगले दो तीन दिन तक भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है।विभाग ने बताया कि वाराणसी, फैजाबाद और लखनऊ मंडलों में दिन का तापमान काफी बढ़ गया । इलाहाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बरेली और मेरठ मंडलों में यह सामान्य से अधिक रह।


सबसे अधिक 46 . 3 प्रतिशत तापमान इलाहाबाद में दर्ज किया गया।


मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे में कई हिस्सों में लू चलना जारी रहेगी । पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 मई को कहीं कहीं बारिश हो सकती है ।


मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...