बरेली। मोहम्मद असलम एवं मोहम्मद मुबस्सिर के मकान पर महफ़िले गौसुलवरा का रूहानी और खुशनुमा आयोजन हुआ। महफ़िल में हज़रत गौस-ए-आज़म दस्तगीर रहमतुल्लाहि अलैह की ज़िंदगी, उनकी इल्मी व रूहानी बुलंदी और इंसानियत के लिए उनकी तालीम पर रोशनी डाली गई।
महफ़िल में वक्ताओं ने कहा कि गौसे पाक की ज़िंदगी हमें नेकी, ख़िदमत, सब्र, तौबा, मोहब्बत और इंसानियत का रास्ता दिखाती है। उनकी तालीम का असल मकसद अपने किरदार को बेहतर बनाकर समाज में भलाई और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
महफ़िल के समापन पर ख़ुसूसी दुआ की गई। दुआ में अल्लाह तआला से पूरे मुल्क में मोहब्बत, अमनो-अमान, भाईचारा और आपसी सद्भाव कायम रखने की इल्तिजा की गई। साथ ही प्यारे हिंदुस्तान की तरक्की, खुशहाली और सलामती तथा हर घर में सुकून, बरकत और खुशियों के लिए दुआ मांगी गई।।
महफ़िल ने यह पैग़ाम दिया कि मज़हब की खूबसूरती इंसानियत की ख़िदमत और मोहब्बत बाँटने मे है
महफिल मे प्रमुख रूप से नफीस अहमद सोनू मोहम्मद जैद लखनवी ओर कई लोग उपस्थित रहे!!
रिपोर्ट: सुहैल अहमद वारसी
(नेक्स्ट मीडिया)
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