Sunday, July 5, 2020

पुलिस क्लब परिसर में वृक्षारोपण


बाराबंकी - दिनांक 05.06.2020! पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ0 अरविन्द चतुर्वेदी द्वारा पुलिस क्लब परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आर0एस0 गौतम, क्षेत्राधिकारी लाइन श्री राजेश यादव, प्रतिसार निरीक्षक रिजर्व पुलिस लाइन्स श्री राजकुमार मिश्रा उपस्थित रहे।




देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा 'पत्रकार वेलफेयर स्कीम' में 05 मार्च 2019 से हुआ संशोधन


केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए 'पत्रकार वेलफेयर स्कीम' में संशोधन कर दिया है। यह देशभर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए इस स्कीम को 01फरवरी 2013 में लागू किया गया था। अब इसमें 05 मार्च 2019 से संशोधन किया गया है, जिसका फायदा सभी जर्नलिस्ट्स ले सकेंगे।


यदि किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर वह विकलांग हो जाता है, तो इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार उसके आश्रितों को 5 लाख रुपए की सहायता देगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।



इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है, जिसके संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। वहीं, विभाग के सचिव अध्यक्ष, प्रधान महानिदेशक, एएस एंड एएफ, संयुक्त सचिव समिति के सदस्य हैं। वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य संयोजक हैं।


 


इस समिति का काम होगा कि ये पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करे तथा उसके मुताबिक आर्थिक सहायता देने का फैसला ले। इस योजना के तहत एक अच्छी बात यह है कि इसमें केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है।


 


यह योजना पत्रकारों से संबंधित 1955 के एक अधिनियम "Working Journalists and other Newspaper Employes (Condition of service) And Miscellaneous Provision Act 1955" के तहत पत्रकार की श्रेणी में आने वाले देशभर के जर्नलिस्ट्स पर लागू किया गया है।


 


*वेब और टीवी जर्नलिस्ट्स को भी होगा लाभ*


अब इस योजना का लाभ टेलीविजन और वेब जर्नलिस्ट्स भी ले सकेंगे। न्यूज पेपर्स के बाद टेलीविजन जगत में क्रांति आई और टीवी न्यूज चैनल्स की शुरुआत हुई, वहीं, अब वेब जर्नलिज्म का जमाना आ गया है और वेब पर भी पत्रकारिता की जा रही है।


इसके साथ ही सभी न्यूज पेपर्स के एडिटर, सब एडिटर, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो जर्नलिस्ट, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी स्कीम के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ लेने की शर्त यह है कि कम से कम 5 साल तक पत्रकार के रूप में सेवाएं दी गई हों। स्कीम के तहत यह जानकारी भी दी गई है कि एक से पांच लाख की सहायता किन परिस्थितियों में पीड़ित पत्रकार या उनके परिजनों को दी जाएगी।


अधिक जानकारी के लिए - महानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, 'ए' विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली -110001 से भी संपर्क किया जा सकता है।


जिन पत्रकारों या उनके परिजनों को सहायता चाहिए, वे विहित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं। तीन पृष्ठों के इस फॉर्म का नमूना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पत्र सूचना ब्यूरो) PIB की वेबसाइट pib.nic.in से डाउनलोड कर सकते है।


केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की "Journalists Welfare Scheme" "पत्रकार कल्याण योजना" की समिति में NUJ(I) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती सर्जना शर्मा जी तथा NUJ(I) से जुड़े रहे श्री संतोष ठाकुर जी,


श्री उमेश्वर कुमार जी एवं श्री गणेश विष्ट जी सहित 4 सदस्य नामित किये गए है।


पत्रकार कल्याण योजना से लाभान्वित कराने के लिए यह सदस्यगण सहायक साबित होंगे।


 


स्कूल फीस माफी को लेकर हस्ताक्षर अभियान के साथ पैदल मार्च किया अभिभावकों ने


कानपुर : घंटाघर चौराहे पर उ.प्र. अभिभावक संघ परिवार के तत्वावधान मे फीस माफी की मांगो को लेकर हस्ताक्षर अभियान एवं पैदलमार्च का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी संख्या मे अभिभावकों ने भाग लिया।


अभिभावको की मांगे थी


1- तीन महीने अप्रैल-जून तक की फीस माफ हो।


2- जब तक स्कूल आन लाइन पढ़ाते है तो फीसें भी आनलाइन के ही आधार पर बदले।


3- कक्षा 5 तक की आनलाइन पढ़ाई बंद हो।


4- आज ये जो प्राइवेट स्कूलों पर हमरी निर्भरता है वो सरकारी स्कूलों के न होने के कारण है सरकार अपने सीबीएससी स्कूल खोले।


5- एनसीइआरटी के पाठ्यक्रम को सख्ती से सभी स्कूलों पर लागू किया जाए।


उत्तर प्रदेश अभिभावक संघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा(निडर) ने बताया लाकडाउन के बाद अभिभावक आर्थिक रूप से टूट चुके है अभिभावकों ने सरकार के हर निर्देशों का पालन किया चाहे वो काम बंद करने का हो या गरीबों की मदद को लेकर हो। अभिभावकों ने सरकार से न तो फ्री का राशन लिआ और न ही अपनी ईएमआई माफ करने की अपील करी आज भी हम सिर्फ इतना चाहते है कि तीन महीने की फीसें माफ करी जांए और जबतक स्कूल नंही खुलते तब तक आनलाइन पढ़ाई के अनुसार फीसें तय हो हम तय फीस देने को तैयार है। कार्यक्रम मे मुख्यरूप से विनीत कपूर, विकास बाजपेई, मनीष शर्मा (पुर्व पार्षद) राजीव शुक्ला अरूण तिवारी रमाशंकर दिवेदी, तृप्ती तिवारी, देवेश दिवेदी उपस्थित थे।


रिपोर्टर - प्रभात त्रिवेदी


औरैया मिली विकास दुबे की लास्ट लोकेशन, MP भागने की आशंका


  1. बिकरू फायरिंग कांड की होगी मजिस्ट्रेट जांच! 

  2. विकास की कॉल डिटेल में 24 पुलिस वालों के नाम! 

  3. विकास दुबे से जुड़े सभी मुकदमों की समीक्षा! 



कुख्यात अपराधी विकास दुबे की तलाश में यूपी पुलिस ने दिन रात एक कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे की अंतिम लोकेशन उत्तर प्रदेश के औरैया में मिली है. औरेया मध्य प्रदेश से सटा हुआ है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि विकास दुबे एमपी की ओर भाग सकता है.


अब जब यूपी पुलिस ने इस वारदात की जांच शुरू की है तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. विकास की कॉल डिटेल में कुल 24 पुलिसवालों के नाम सामने आए हैं. सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे के साथ चौबेपुर थाने का एक दारोगा और दो सिपाहियों के लगातार संपर्क में रहने के साक्ष्य मिले हैं. शिवराजपुर थाने के भी कुछ सिपाही विकास दुबे के लगातार संपर्क में थे.


ADM करेंगे जांच


इस बीच यूपी पुलिस ने बिकरू गांव एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. इस केस की जांच ADM करेंगे.


विकास दुबे के पुराने मुकदमों की समीक्षा शुरू


यूपी पुलिस के 8 जवानों और अफसरों की हत्या की वजह बनने वाले विकास दुबे के पूरी कुंडली अब यूपी पुलिस खंगाल रही है. पुलिस ने विकास दुबे के सभी पुराने मुकदमों की समीक्षा शुरू कर दी है. इसकी सीधी निगरानी पुलिस मुख्यालय कर रहा है! 


इस बीच एक नई जानकारी ये सामने आई कि इस साल मार्च महीने में एसटीएफ ने पुलिस मुख्यालय में 25 दुर्दांत अपराधियों की एक सूची भेजी थी, हैरान करने वाली बात ये है कि इस लिस्ट में विकास दुबे का नाम नहीं था! 


जम्मू-कश्मीर के करगिल में सुबह-सुबह 4.7 की तीव्रता का भूकंप


श्रीनगर, 05 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के करगिल में आज तड़के 4.7 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए। आज सुबह 3:37 बजे आए भूकंप से लोगों में दहशत का माहौल है। हाल के दिनों में कई बार जम्म-कश्मीर की घरती हिली है। हालांकि अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।


इससे पहले 30 जून को जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर 4.0 की तीव्रता से सुबह आठ बजकर 59 मिनट पर धरती हिली थी। भूकंप का केंद्र कटरा से 84 किलोमीटर दूर था।


Saturday, July 4, 2020

विकास दुबे की लग्जरी कारों से लेकर आलीशान 'किले' तक सब मिनटों में खत्म

कानपुर, 04 जुलाई। आठ पुलिस वालों को जान से मारने के मुख्य आरोपी और 50 हजार इनामी विकास दुबे के कानपुर स्थित आलीशान घर को मिनटों में जमींदोज कर दिया। घर में खड़ी लग्जरी कारों को भी तोड़ दिया है। 


बिकरू गांव के शातिर बदमाश विकास दुबे ने पुराने घर को बंकर बना रखा था। नया घर बन जाने के कारण पुराना घर करीब एक फुट गड्डे में चला गया है।सुरक्षित करने के लिए पुराने घर में भी तीन ओर से दरवाजे लगे हैं। यदि कोई एक दरवाजे पर खटखटाए तो दूसरे दरवाजे से सुरक्षित निकला जा सकता है। इसी घर में गोला बारूद जमा था। छतों से हथियारबंद बदमाशों इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।  पुराने घर में दाखिल होने के तीन दरवाजे हैं। दो दरवाजे नए घर की ओर खुलते हैं और एक गांव की ओर। नए घर से दाखिल होने वाले गेट के पास ही एक लकड़ी की संदूक में  खाना रखा था। प्लेट में रोटी और चावल बिखरा हुआ था। अनुमान लगाया जा रहा है कि विकास के यहां कैंप किए लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी।


Friday, July 3, 2020

सीएम योगी का ऐलान- शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी देंगे


कानपुर,03 जुलाई! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों के परजिनों के लिए एक-एक करोड़ रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि प्रत्येक परिवार से एक-एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही साथ असाधारण पेंशन की व्यवस्था भी की जाएगी। हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने गई पुलिस पर हुई फायरिंग में आठ जवानों की शहादत के बाद मुख्यमंत्री योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या घटना स्थल पर पहुंचे हैं। यहां पर डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत तमाम आला पुलिस अफसर मौके पर मौजूद हैं।


कानपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले सीएम योगी ने शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने सभी के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। सीएम योगी और डिप्टी सीएम घायल पुलिसकर्मियों को देखने के लिए अस्पताल भी पहुंचे और उनका हाल जाना। सीएम ने कहा कि हमारे 8 जवानों की मौत हुई है और दो बदमाश भी मारे गए हैं। हमारे पुलिसकर्मियों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा! 


नहीं रहीं डांस की मल्लिका सरोज खान, 71 की उम्र में हार्ट अटैक से निधन


नई दिल्ली। मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान अब हमारे बीच नहीं रहीं। शुक्रवार सुबह 2 बजे मुंबई के बांद्रा स्थित गुरु नानक अस्पताल में उनका निधन हो गया है। सरोज ख़ान की तबीयत कुछ समय पहले भी खराब हुई थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिसके बाद उन्हें गुरु नानक अस्पताल में भर्त करवाया गया था।हालांकि वो जल्दी ठीक होकर वापस घर आ गई थीं। लेकिन शुक्रवार को उनकी तबीयत अचानक फिर ख़राब हुई और कार्डियक अरेस्ट की वजह से सरोज ख़ान ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार ने सरोज ख़ान का को आज ही सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया है। परिवार वालों ने उन्हें मलाड के कब्रिस्तान में दफ़नाया। अब तीन दिन बाद प्रार्थना सभा का आयोजन करवाया जाएगा।


 


आपको बता दें कि फ़िल्म इंडस्ट्री में डांस का जलावा दिखाने वाली सरोज ख़ान का असली नाम निर्मला नागपाल था। वह भारत-पाक विभाजन के बाद भारत आई थीं। उन्होंने महज 3 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार अपना काम शुरू कर दिया था। सरोज ने अपने डांस टीचर सोहनलाल से ही शादी की थी। वहीं, अगर करियर की बात करें, तो सरोज ने आखिरी बार कलंक फ़िल्म बतौर कोरियोग्राफार काम किया था। इसके अलावा उन्होंने गोविंदा और माधुरी दीक्षित जैसे बेहतरनी डांसर को अपने कला से नवाज है। 


सरोज खान के जाने से उनकी फेवरेट स्टूडेंड माधुरी दीक्षित को सदमा लगा है। माधुरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं बिखर गई हूं। माधुरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मैं अपनी दोस्त और गुरु, सरोज खान के जाने से बिखर गई हूं। मेरे डांस में मुझे पूरे पोटेंशियल तक पहुंचाने में मदद करने के लिए मैं उनके काम की हमेशा आभारी रहूंगी। दुनिया ने एक अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्ति को खो दिया है। मैं आपको याद करूंगी। उनके परिवार के प्रति मेरी सच्ची संवेदना’।


Thursday, July 2, 2020

बाबरी विध्वंस केस: सीबीआई अदालत में उमा भारती ने खुद को बताया निर्दोष


File photo 


लखनऊ,02 जुलाई। लखनऊ वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में गुरुवार को विशेष सीबीआई अदालत में पेश हुईं।  वह इस मामले में अदालत में बयान दर्ज कराने वाली 19वीं आरोपी हैं। उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस. के. यादव की अदालत में दिए गए अपने बयान में कहा कि 1992 में केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उनपर बाबरी विध्वंस का आरोप मढ़ा था। वह बिल्कुल निर्दोष हैं।



 


उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने बाबरी विध्वंस मामले में अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सभी को राजनीतिक दबाव में गलत तरीके से फंसाया गया।


 


उमा भारती ने इस मामले में सीबीआई द्वारा पेश किए गए सबूतों पर कहा कि यह सब राजनीतिक दुश्मनी की वजह से किया गया है।  हालांकि अदालत के बाहर आकर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राम मंदिर अभियान से जुड़कर वह खुद को गौरवान्वित महसूस करती हैं।


उन्होंने कहा, ''मैं तो राम भक्त हूं और राम भक्ति के भाव की वजह से मैंने इस पूर्ण अभियान में भाग लिया। इसके लिए मैं हमेशा खुद को गौरवशाली मानती हूं।


 


 भारती ने अदालत में दिए गए बयान पर संवाददाताओं को कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा, "मैं भारत के कानून को वेदों की तरह मानती हूं। अदालत एक मंदिर है और उसमें बैठे हुए न्यायाधीश को मैं भगवान की तरह मानती हूं। उनके सामने मैंने जो बातें कहीं हैं, उनपर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकती क्योंकि सारी बातों पर फैसले आने बाकी हैं। मैंने अदालत में जो भी कहा, उसके बारे में मैं आपको कुछ नहीं बताऊंगी।"


 उन्होंने कहा, "लेकिन मैं यह जरूर कहूंगी कि यह 500 साल तक चली लंबी लड़ाई है। शायद ही संसार का कोई अभियान ऐसा रहा हो जिसने पांच शताब्दियां पार की हों और उन पांचों शताब्दियों में वह लगातार बढ़ता ही गया हो। अंत में उच्चतम न्यायालय का जो निर्णय आया है, उसे भारतवासियों ने जिस प्रकार स्वीकार किया उससे भारत की छवि दुनिया में बहुत उज्ज्वल हुई है।"


भारती ने कहा, "क्योंकि भारत के बारे में यह माना जाता था कि यहां धार्मिक विभाजन मौजूद रहता है लेकिन उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भारत ने जिस तरह एकजुट होकर उसे स्वीकार किया, उससे एक गौरवशाली परंपरा कायम हुई है।"


  विशेष सीबीआई अदालत 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में आरोपी 32 लोगों के बयान दर्ज कर रही है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार विशेष अदालत इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी करने के लिए रोजाना काम कर रही है।


  इस मामले में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी का बयान दर्ज होना अभी बाकी है। उनके वकीलों ने अदालत को बताया है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज कराना चाहते हैं। 


आकाशीय बिजली गिरने से बलिया में पांच लोगों की मौत, 12 लोग झुलसे


बलिया, 02 जुलाई! उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य झुलस गए।     जिले के दोकटी थाना क्षेत्र के 'बाबू का शिवपुर गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर एक सेवानिवृत्त सैनिक समेत दो व्यक्तियों की मौत हो गई।


दोकटी थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली की चपेट में आकर खेत में काम कर रहे सेवानिवृत्त सैनिक बाबूलाल सिंह (70) और निर्मल वर्मा (43) की मौत हो गई। इससे पहले बुधवार को सिकंदरपुर और भीमपुरा क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य झुलस गए। 


 


पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के महथापार गांव में बुधवार शाम आकाशीय बिजली की चपेट में आकर खेत में काम कर रहे 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें सिकंदरपुर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां सविता (35) और शीला (19) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


उधर, बुधवार को ही भीमपुरा थाना क्षेत्र के रामपुर मड़ई गांव में किसान रामसरीखा राजभर (28) की भी आसमानी बिजली की चपेट में आने से खेत में ही मौत हो गई। इसके अलावा खेजुरी थाना क्षेत्र के हथौज गांव में बुधवार को धान की रोपाई कर रहीं तीन लड़कियों समेत चार लोग खराब मौसम के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर झुलस गए सभी को मनियर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज तो बच्चे की हुई मौत, अब NHRC ने भेजा यूपी सरकार को नोटिस


लखनऊ, 02 जुलाई। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में बुखार और गर्दन में सूजन से पीड़ित एक साल के बच्चे का इलाज करने से डॉक्टरों ने कथित रूप से इनकार कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस घटना पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।


आयोग ने एक बयान में कहा कि हाल के दिनों में डॉक्टर की लापरवाही या इलाज से इनकार करने के कारण मरीज की मौत का यह पहला मामला नहीं है। बयान के अनुसार, 'राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया में आयी उन खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया है कि बुखार और गर्दन में सूजन से पीड़ित बच्चे का कन्नौज, जिला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा इलाज करने से मना करने के कारण उसकी मौत हो गई।


आयोग का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करके चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने साथ ही पूछा है कि लापरवाही करने वाले डॉक्टरों, संबंधित अस्पताल के अधिकारियों, मृतक के परिवार को दी गई राहत आदि के बारे में बताएं।


दूल्‍हे की बजाए उसके दोस्‍त से शादी करने पर अड़ गई दुल्‍हन, जानिए फिर क्‍या हुआ


संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव में द्वार पूजा शुरू होते ही हंगामा हो गया। वजह यह कि दुल्‍हन ने दूल्‍हे को घर के अंदर से देखा और उससे शादी करने से इन्‍कार कर दिया। दुल्‍हन ने दूल्‍हे के साथ खड़े उसके दोस्‍त की ओर इशारा कर कहा कि वह उससे शादी करेगी। वह अपनी इस बात पर अड़ गई।  


दुल्हन की जिद के चलते द्वारपूजा की रस्‍में रुक गईं। दोनों पक्ष लड़की के अड़ियल रुख के आगे असहाय नजर आए। परिवारीजनों ने दुल्हन को समझाने-बुझाने काफी प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच मामला जगदीशपुर पुलिस चौकी तक पहुंच गया। चौकी इंचार्ज चतुर्भुज पांडेय ने मौके पर पहुंचकर दुल्‍हन को समझाने की कोशिश की। इस बीच दुल्हन ने आरोप लगाया कि उसकी शादी की बात दूल्‍हे से नहीं बल्कि उसके साथ आए युवक से तय हुई थी। वह जिस लड़के से फोन पर बात करती थी वह भी दूल्हे के साथ आया युवक ही था, ऐसा वह समझती थी।


लोगों के काफी समझाने के बाद लड़की दूल्हे के साथ शादी को तैयार हुई। दो बजे रात को द्वारपूजा रस्‍में पूरी की गईं। इसके बाद शादी हो पाई। इस सम्‍बन्‍ध में चौकी इंचार्ज चतुर्भुज पांडेय का कहना है कि वधू पक्ष को कुछ भ्रम हो गया था। बातचीत के बाद वह भ्रम दूर हो गया। अब कोई दिक्‍कत नहीं है।


स्वच्छता के प्रति लोगों को किया जागरुक


Gonda - स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति की ओर से शहर के मोहल्लों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जारहा है। समिति की जिला समन्वयक मीनाक्षी सिंह ने लोगों को स्वच्छता के लाभ समझाया। उन्होंने कहा कि अज्ञानता से बीमारियां अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में ध्यान देना चाहिए कि आप के घर के आसपास गन्दा पानी इकट्ठा न हो। इससे बीमारी वाले मच्छर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने शरीर और परिवार के सदस्यों के साथ ही साथ अपने आस पास के परिवेश को भी स्वच्छ रखना चाहिए। सैय्यद महमूद अली, आजम अली, सफाई नायक शकील अहमद, गौस मोहम्मद, शमीम, मोहनिस, कासिम रजा, जमाल अहमद रहे।


Wednesday, July 1, 2020

सुशांत की विसरा रिपोर्ट में खुलासा / बॉडी में न कोई केमिकल था, न ही जहर मिला; मौत से पहले जोर-जबरदस्ती के निशान भी नहीं मिले


मुंबई. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम विसरा रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उनकी मौत में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नहीं थी। यह पूरी तरह से एक आत्महत्या का मामला है।विसरा रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत के शरीर में किसी भी तरह का संदिग्ध केमिकल या जहर नहीं पाया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा को मुंबई के जेजे अस्पताल में एनालिसिस के लिए भेजा गया था।


नहीं मिले किसी भी संघर्ष के साक्ष्य


विसरा रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत की मौत से पहले किसी भी तरह के संघर्ष के संकेत नहीं मिले हैं। उनके नाखूनों से भी कुछ नहीं मिला है। सुशांत की फाइनल पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट पिछले हफ्ते आई थी। इसमें बताया गया था कि सुशांत की मौत फांसी की वजह से दम घुटने से हुई थी।इस रिपोर्ट में मौत की वजह एस्फिक्सिया बताई गई थी। यानी शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने की वजह से मौत हुई है।


14 जून को पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्टआई थी


सुशांत की एक प्राइमरी रिपोर्ट 14 जून को पोस्टमॉर्टम होने के बाद सामने आई थी। यह रिपोर्ट तीन डॉक्टरों की निगरानी में बनी थी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट के लिए उनके ऑर्गन्स जेजे अस्पताल भेजे गए थे। इसमें सामने आया कि सुशांत की मौत फांसी लगाने की वजह से ही हुई थी।


मेयर के करीबी को ‘खास कुर्सी’.... सवालों में BJP

यह खबर है.....सत्ता के रसूख, प्रशासनिक हनक और पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने की.....जी हां....मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की पावर का अ...