Tuesday, June 2, 2026

इतना आसान नहीं है सावरकर हो जाना- कवि राजपाल सिंह

लखनऊ। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर माय होम इंडिया द्वारा आयोजित "स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026" का भव्य आयोजन गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के विविध आयामों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर प्रख्यात कवि एवं लेखक राजपाल सिंह की ओजस्वी काव्य प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से स्वातंत्र्यवीर सावरकर के त्याग, तपस्या और राष्ट्रसमर्पण को जीवंत कर दिया। उनकी पंक्तियां 

"तिल-तिलकर तपना और सोए राष्ट्र को जगाना,

इतना आसान नहीं है सावरकर हो जाना।"

ने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया।

अपने काव्य पाठ में उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा, सांस्कृतिक अस्मिता और समाज की चुनौतियों पर भी मुखर स्वर में विचार व्यक्त किए। उनकी पंक्तियां

"वक्त आ गया सुनो हिन्दुओ, जीना है तो लड़ना सीखो,

पर उपस्थित श्रोताओं ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मबल का अनुपम उदाहरण है। विशिष्ट अतिथि एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने युवाओं से सावरकर के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. (डॉ.) सतीश द्विवेदी ने सावरकर को भारतीय राष्ट्रचेतना का प्रखर प्रवक्ता बताया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं माय होम इंडिया के संस्थापक श्री सुनील देवधर ने कहा कि सावरकर के विचार आज भी भारत की राष्ट्रीय अस्मिता को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री श्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा हमें सावरकर के जीवन से मिलती है।


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