नई दिल्ली: देश में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों की संख्या शनिवार को 60,000 के आंकड़े को पार कर गई जबकि महामारी के कारण मरने वालों की संख्या 2,000 के करीब पहुंच गई। राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के सामने आ रहे मामलों और वैश्विक स्तर पर लॉकडाउन में ढील देने वाली अर्थव्यवस्थाओं में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने सरकारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 की जांच बढ़कर प्रतिदिन लगभग 95,000 हो गई है, जबकि 332 सरकारी और 121 निजी प्रयोगशालाओं में अब तक कुल 15 लाख 25 हजार 631 जांच की जा चुकी हैं।
कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। केरल और पूर्वोत्तर समेत कुछ छोटे राज्यों में संक्रमण के मामले या तो नहीं हैं या इनकी संख्या इकाई में है। देश में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर शनिवार को 1,981 हो गई और संक्रमितों की संख्या 59,662 पर पहुंच गई। शनिवार की सुबह पिछले 24 घंटों में इस वायरस के कारण 95 लोगों की मौत हुई है और 3,320 नए मामले सामने आए है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 39,834 लोगों का उपचार चल रहा है जबकि 17,846 लोग स्वस्थ हो गए हैं और एक मरीज विदेश चला गया है।
दुनिया में क्या है कोरोना का अपडेट
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार और असम समेत कई अन्य जगहों से शनिवार को संक्रमण के नए मामले सामने आए। दिसंबर में चीन में मामले सामने आने के बाद से वैश्विक स्तर पर दुनिया में करीब 40 लाख लोग अबतक इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं जबकि करीब 2.75 लाख लोगों की जान जा चुकी है। थोड़ी राहत की बात यह है कि इस बीमारी से दुनिया भर में करीब 13 लाख लोग ठीक भी हो चुके हैं। इनमें से दो लाख अमेरिका में और 1.4 लाख जर्मनी के हैं। जर्मनी और दक्षिण कोरिया उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी व्यापक जांच और संपर्कों की पहचान के जरिये बड़ी संख्या में संभावित मौतों को टाला है। लेकिन शनिवार को चिंता के बादल दोनों देशों में तब फिर मंडराने लगे जब बंद में कई छूट दिये जाने के बाद वहां संक्रमण के फिर से पांव पसारने का जोखिम बढ़ गया। भारत में भी 25 मार्च से लागू राष्ट्रव्यापी बंद के तीसरे चरण में कुछ ढील दी गई है। बंद के फिलहाल 17 मई को खत्म होने की उम्मीद है।
कोविड-19 का टीका विकसित करने के लिए आईसीएमआर कर रही भारत बायोटेक के साथ काम
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) कोविड-19 का पूर्ण स्वदेशी टीका विकसित करने के लिए भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) के साथ मिलकर काम कर रही है। एक बयान में बताया गया कि टीके का विकास आईसीएमआर के पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में अलग किए गए वायरस के ‘उप-प्रकार’ का इस्तेमाल कर किया जएगा। इसने कहा कि ‘उप-प्रकार’ को एनआईवी से सफलतापूर्वक बीबीआईएल भेज दिया गया है। स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई ने बयान में कहा, ‘‘दो साझेदारों के बीच टीके के विकास पर काम शुरू हो चुका है. आईसीएमआर-एनआईवी टीके के विकास के लिए बीबीआईएल को सतत मदद उपलब्ध कराएगा।"
(रिपोर्ट- आज़ाद अंसारी)
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