Gonda - अनलाक 1 सोमवार से लागू होने से शर्तों के साथ मस्जिदों में नमाज अदा करने की इजाजत प्रशासन ने दी है। जिससे मस्जिदों में रौनक वापस आगयी।पांच नमाजियों के साथ जमाज अदा करने की इजाजत हुई है। मस्जिद के वजूखाने, तौलिए, टोपी के इस्तेमाल न करने की बात कही गयी है। नमाजियों को अपने घर से वजू करके आने होंगे।नमाज पढने के लिए मुसलला नमाजियों को घर से लाना होगा। जूता - चप्पल अलग पाली थीन में रखना होगा। नमाज के दौरान सोसल डिसटेंसिंग का पूरा ख्याल रखना होगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लाक डाउन शुरु होने के बाद से ही मस्जिदों में पांच पांच लोगों को ही नमाज पढने की इजाजत है।
नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना अख्तर रजा ने बताया कि पहले से अब कोरोना के मरीज ज्यादा जिले में निकल रहे हैं। इसलिए जरुरी है कि पहले से ज्यादा बीमारी से बचाव किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सोसल डिसटेंसिंग के दिशा निर्देशों को गम्भीरता से पालन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौर में इससे सबको बचना पहली जरुरत है। बीमारी से खुद बचना और दूसरों को बचाना सबसे बड़ी इबादत है। मौलाना इरसाद व मौलाना मुजक्किर हुसैन ने कहा कि सरकार ने लाकडाउन में ढिलाई जरुर दी है पर बीमारी से बचाव के साथ कैसे इबादत भी हो यह सब हम लोगों को ही तैय करना है। उन्होंने कहा सोसल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए पांच लोगों के साथ ही मस्जिद में फर्ज नमाज अदा की जाए। शेष सननत व नफली नमाज अपने घर पर ही अदा किया जाए।
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