लखनऊ, 13 मई। अज़ादारी का मरकज़ कहा जाने वाला शहर लखनऊ जहां 19 रमजान व 21 रमजान के जुलूसों में अली अली की सदाओ से गूंज उठता था वहीं आज शहर ख़ामोश रहेगा क्योंकि कोरोना वायरस पूरे शहर को अपने आग़ोश में लिए हुए हैं।
कोरोना वायरस का कहेर पूरी दुनिया के साथ-साथ शहरे लखनऊ पर भी है जिसकी वजह से जुलूस नहीं निकाले जा सकते हैं ऐसे में शायरे अहेलेबैत जनाब शरर नक़वी साहब का यह कलाम लोगों के दिलों पर समा गया और हजारों आंखों से आंसू बहने लगे। इस कलाम को नौहें के अंदाज़ में शबी हैदर साहब ने अपनी पुरदर्द आवाज में पढ़ा है...
"अली से कहतें हैं अहेले आज़ा ये रो-रो कर
के एक फूल भी इस साल हम चढ़ा ना सके
इमाम आपका ताबूत हम उठा ना सकें
इमाम आपका ताबूत हम उठा ना सकें"
https://youtu.be/xUAuLYEIKSg
शरर साहब ने नेक्स्ट मीडिया को बताया कि कोरोना वायरस की वजह से कोई भी धार्मिक कार्यक्रम या जुलूस नहीं निकाले जा सकते हैं इसी को मद्देनजर रखते हुए हालाते हाज़रा पर यह नौंहा कहा और यूट्यूब पर शबी अब्बास साहब की आवाज में रिलीज किया गया ताकि जायरीन अपने मौला पर गिरिया व ज़ारी कर सके और पुरसा दे सके। शरर नक़वी साहब ने यह भी कहा कि नौंहा लिखने के फौरन बाद उन्होंने मौला अली (अ० स०) का वास्ता देकर अल्लाह से दुआ की कोरोना वायरस भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया से निस्तो - नाबूद हो जाए और हम उम्मीद करते हैं कि इंशाल्लाह जल्द से जल्द कोरोना वायरस ख़्तम हो जाएगा।
(रिपोर्टर - ज़हीर अब्बास)
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