गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि कोरोना वायरस के कारण जो पाबंदियां लगाई गई हैं उन्हें हटाने के बारे में फ़ैसला राज्य के गवर्नर का होना चाहिए और संघीय सरकार इस मामले में केवल दिशानिर्देश जारी कर सकती है !लेकिन इसके बाद शुक्रवार को जिस वक्त न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे उस वक्त अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके ख़िलाफ़ एक के बाद एक ट्वीट कर लगातार उन पर हमले कर रहे थे !
मामला तब और भी बढ़ गया जब कूमो ने आरोप लगाया कि संघीय सरकार लॉकडाउन हटाने के लिए ज़रूरी आर्थिक मदद नहीं दे रही और ऐसे में बिना ज़रूरी मदद के राज्य सरकारें आगे कदम नहीं बढ़ा सकेंगी !
एंड्रू कूमो पर आरोप लगाते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया, "गवर्नर कूमो को शिकायत करने में कम समय लगाना चाहिए जबकि अपने काम को अधिक समय देना चाहिए. घर से निकलिए और काम कीजिए. हमने न्यूयॉर्क के अस्पतालों में हज़ारों बेड की व्यवस्था की है, बड़ी संख्या में आपको वेन्टिलेटर्स दिए हैं."
"हमने न्यूयॉर्क को किसी भी अन्य राज्य की तुलना में कहीं अधिक पैसा, मदद और उपकरण दिए हैं. इन महान लोगों ने कभी भी काम नहीं किया है. यहां से आने वाले आंकड़े ठीक नहीं हैं."
ट्र्ंप ने एक और ट्वीट किया, "कूमो ने 40 हज़ार वेन्टिलेटर्स की मांग की थी. हमने उन्हें कुछ संख्या में वेन्टिलेटर्स दिए थे लेकिन वो पर्याप्त थे. राज्य को पहले ही अपने पास इन्हें स्टॉक कर रखना चाहिए था."
ट्रंप के ट्वीट के बाद डेमोक्रेट नेता कूमो ने आरोप लगाया कि "अगर ट्रंप घर बैठे टीवी देख रहे हैं, तो उन्हें उठकर काम पर जाना चाहिए."
कूमो ने आरोप लगाया है कि राज्य में लॉकडाउन हटाने और आम जनजीवन फिर से शुरु करने के लिए जो ज़रूरी आर्थिक मदद चाहिए वो संघीय सरकार नहीं दे रही है. ट्रंप को ये उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि बिना ज़रूरी आर्थिक मदद के राज्य सरकारें इस मामले में आगे कदम बढ़ा सकेंगी.
उनका कहना है कि गुरुवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने इस विषय में कोई घोषणा नहीं की कि राज्य कैसे लॉकडाउन की स्थिति से बाहर निकलें. वो कहते हैं, "उन्होंने कहा कि यह राज्यों पर निर्भर है और वो खुद कुछ नहीं कर रहे. लेकिन पहले भी ये राज्य के गवर्नरों पर ही निर्भर था."
अधिकांश कानूनी विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि राज्यों में काम करने का अधिकार गवर्नर को है न कि संघीय सरकार को !
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