फैसले में यह भी कहा गया है कि मदीना में पैगम्बर मोहम्मद की मस्जिद की यात्रा पर भी रोक रहेगी। अधिकारियों ने विषाणु से प्रभावित देशों से टूरिस्ट वीजा पर सऊदी आने वाले लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। यह घोषणा सऊदी अरब में महामारी के संभावित प्रसार को लेकर उसकी चिंता दर्शाती है।


पश्चिम एशिया में महामारी का केंद्र और इससे सबसे अधिक प्रभावित देश ईरान है जहां इस विषाणु के 245 पुष्ट मामलों में से 26 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता किनोश जहांपौर ने बृहस्पतिवार (27 फरवरी) को संवाददाता सम्मेलन में मृतकों की संख्या के बारे में बताया। तेल बहुल छोटे से देश कुवैत में भी विषाणु से संक्रमण के मामलों में अचानक इजाफा हुआ है और इससे संक्रमित लोगों की संख्या बृहस्पतिवार (27 फरवरी) को 26 से बढ़कर 43 हो गई है। पीड़ित सभी लोग हाल में ईरान से यात्रा कर लौटे थे।


बहरहाल सऊदी अरब में महामारी के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की घोषणा करते हुए बयान दिया, ''सऊदी अरब इस विषाणु के प्रसार पर रोक के उपाय के तहत सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अपना सहयोग करेगा और वह अपने नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की यात्रा से पहले एहतियात बरतें।"


मंत्रालय ने कहा, ''हम लोग परवरदिगार से पूरी इंसानियत को इस नुकसान से बख्शने की दुआ मांगते हैं।" बहरीन में बृहस्पतिवार सुबह विषाणु से संक्रमण के 33 मामलों की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने इराक और लेबनान से आने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है। उसने दुबई और संयुक्त अरब अमीरात में शारजाह से आने वाली उड़ानों पर भी प्रतिबंध में 48 घंटे का इजाफा किया है।


ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा कि शहरों को बंद करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने स्वीकारा कि ईरान में विषाणु पर नियंत्रण पाने में ''एक, दो या तीन हफ्ते लग सकते हैं।" इस बीच इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को राजधानी बगदाद में कोरोना वायरस के पहले मामले की घोषणा की, जिससे देश में इससे संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इन सभी का संबंध ईरान से है