फिर देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा कानपुर, रेड जोन में पहुंचा, एक्यूआई 360
कानपुर की हवा शनिवार को फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। इससे कानपुर देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शीर्ष पर पहुंच गया। शहर को रेड जोन में पहुंचाने के लिए धूल-धुआं और अलाव के जलने से निकलने वाली गैसों को जिम्मेदार माना जा रहा है !
बुधवार को बारिश हुई थी और इसके बाद शहर रेड जोन से बाहर आ गया था। फिर भी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कणों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक थी। जैसे ही पानी और तेज हवा का असर कम हुआ वैसे ही शहर की फिजा प्रभावित होने लगी। धूल-धुएं के कण तेजी से बढ़ गए। नाइट्रोजन से सम्बंधित गैसें भी खतरनाक स्तर पार कर गईं।
शनिवार को दिन में तेज धूप खिली थी। इसके बावजूद धूल-धुएं के कणों की संख्या अधिकतम 428 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गई। इसका औसत 197.32 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। रात के समय धूल-धुआं अधिक रहा।
नाइट्रोजन डाईऑक्साइड की मात्रा बढ़ी
नाइट्रोजन डाईऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 128.9 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। इसका औसत भी 63 से अधिक रहा। नाइट्रिक ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 155.3 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। सल्फर डाईऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 108.6 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। केवल ओजोन की मात्रा 42.9 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड की मात्रा अधिक रहने का असर सीधे एक्यूआई पर पड़ा।
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