पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक के कुछ दिनों बाद ही पेंटागन ने 26 जुलाई को इस बात का ऐलान किया कि विदेश विभाग ने एफ-16 की 24 घंटे मॉनिटरिंग के के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।


गुरुवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा- “दिल्ली में हमने इस मामले को अमेरिकी राजदूत के सामने उठाया है। इसके साथ ही, हमारे राजदूत ने वाशिंगटन में भी इसे अमेरिकी सरकार क सामने उठाया। हमने पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य सहायता को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की है।