GONDA - शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद अब 6से 14 साल के बच्चों को शिक्षा मिलना उनका अधिकार है। स्कूल और शिक्षकों के होने के बावजूद विद्यालय तक पहुंचने के लिए किसी भी तरफ से रास्ता न होने के कारण बच्चों की पढाई प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापिका ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को देदी है। बच्चों ने खुद जिले के आला अधिकारियों से विद्यालय तक रास्ता मुहैय्या कराने की अपील की है। झंझरी के जमदरा ग्राम पंचायत में एक ही कैम्पस में राजकीय बालिका विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र व ग्राम सचिवालय बना हुआ है। इनके तीन दिशा में खेत और दिशा में जमदरा गांव बसा हुआ है। सभी शिक्षण संस्थाओं में कुल 435 बच्चे नामांकित हैं।
विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचने के लिए किसी भी तरफ से कोई रास्ता नहीं है। किसानों के खेत और गांव वालों के दरवाजे से होकर अभी तक शिक्षक व बच्चे आया जाया करते थे। खेतों में फसल होने से बच्चों को परेशानी तो होती थी पर किसी तरह छात्र स्कूल पहुंचते। अध्यापकों ने बताया कि गांव के किसी ने अपने दरवाजे से होकर आने जाने से मना किया तो दूसरे ने अपने खेत से होकर बच्चों को जाने से रोक दिया। विद्यालय के बच्चों ने जिम्मेदारों से स्कूल तक रास्ता मुहैय्या कराने की अपील की है। जूनियर हाईस्कूल जमदरा की प्रधानाध्यापिका विमला पाण्डेय ने बीईओ जैनेन्द्र कुमार व बीएसए मनिराम सिंह को रास्ते के अभाव में होने वाली समस्या के बारे में जानकारी देदी है। लेखपाल रंगी लाल ने बताया कि स्कूल के लिए कागजात में कोई रास्ता नहीं है।एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव ने कहा कि यह मामला संज्ञान में नहीं है। स्कूल के बच्चों के लिए रास्ता न होना गम्भीर समस्या है।
No comments:
Post a Comment