Thursday, September 26, 2024

आक्रोश मार्च में उमड़ा जन सैलाब, लोगो मे दिखा भारी गुस्सा

लखनऊ  :  NMOPS के आह्वान पर देश के विभिन्न राज्यो में आक्रोश मार्च निकाला गया। पूरे देश मे आक्रोश मार्च में रेलवे, डिफेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, PWD सफाई कर्मी समेत कई विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। जिला मुख्यालयो में जो जन सैलाब उमड़ा उर उसमें एनपीएस/ यूपीएस के प्रति गुस्से का इजहार था, शिक्षक कर्मचारियों में भारी आक्रोश था कि हमारे भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। सभी लगातार नारे लग रहे थे एनपीएस यूपीएस वापस करो, पुरानी पेंशन बहाल करो, शिक्षक कर्मचारी एकता जिंदाबाद अर्द्धसैनिक बलो की पुरानी पेंशन बहाल की जाए। इस आक्रोश मार्च की सबसे बड़ी खासियत महिलाओं की भारी संख्या में उपस्थित रही। कई तो अपने परिवार के साथ शामिल हुए क्योंकि वह कहते हैं कि जो यह लड़ाई है कि पूरे परिवार की सुरक्षा का है  हम सभी किसान, मजदूर, दुकानदार के बच्चे सरकारी नौकरियों में आते हैं निम्न और मध्य वर्ग का सबसे बड़ा सहारा सरकारी नौकरी और उसकी सामाजिक सुरक्षा है और सरकार पूंजीपतियों के चक्कर में इस वर्ग के साथ अन्याय कर रही हैं। उनके साथ छल किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली ,पंजाब,हिमाचल,तमिलनाडु, राजस्थान, उड़ीसा ,हरियाणा झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, अरुणाचल, लद्दाख, कर्नाटक , आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना व असम सहित देश के प्रत्येक कोने में आक्रोश मार्च सफल रहा। इस सफल प्रदर्शन में तमाम केंद्रीय संगठन और प्रदेश के संगठनों सहित रक्षाक्षेत्र व रेलवे की प्रमुख भूमिका रही।

          उ0प्र0 में अटेवा/NMOPS के बैनर तले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर NPS/UPS के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदेश के शिक्षकों व कर्मचारियों ने तख्तियों पर  NPS धोखा है तो UPS महाधोखा है, नो एन0पी0एस0 नो यू0पी0एस ओनली ओ0पी0एस0, स्लोगनों के माध्यम से मोदी सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की और सरकार से NPS व UPS समाप्त करने की मांग की। जिलों- जिलों में भारी संख्या में शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे इससे अंदाजा लगाया सकता है कि  यूपीएससी /यूपीएस को लेकर के कर्मचारी कितने गुस्से में है।

        NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार *बन्धु* के नेतृत्व लखनऊ में आक्रोश मार्च निकाला गया। उ0 प्र0 की राजधानी लखनऊ में बी0 एन0 सिंह की प्रतिमा से प्रारंभ होकर आक्रोश मार्च शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। जिसमें प्रदेश के विभिन्न संगठनो के नेतागणों और शिक्षक कर्मचरियों ने  भाग लिया।

       इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष विजय कुमार *बन्धु* ने कहा कि  पुरानी पेंशन ही कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है। तत्कालीन सरकार ने NPS लाकर कर्मचारियों व शिक्षकों को धोखा दिया था । वर्तमान सरकार ने तो UPS लाकर कर्मचारियों को महाधोखा दिया है। इसलिए सरकार हूबहू पुरानी पेंशन बहाल करे। अटेवा/NMOPS का  संघर्ष पुरानी पेंशन की बहाली तक जारी रहेगा क्योंकि यह हमारा संवैधानिक हक है और हम इसे लेकर रहेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक के पूर्व महामंत्री डॉ0राजेन्द्र वर्मा व ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशन शिक्षक व कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है वह इसे लेकर रहेगा।राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार व  उ० प्र लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम मूरत यादव ने कहा कि देश के 90 लाख कर्मचारियों के लिये UPS लाकर उनका भविष्य अंधकारमय कर दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ0मनोज पांडेय व नर्सेज संघ की अध्यक्ष लता सचान ने कहा देश के नेता 4-4 पेंशन लेते हैं लेकिन शिक्षकों व कर्मचारियों को एक भी पेंशन देने को तैयार नहीं। रेलवे से राघवेन्द्र सिंह एव राकेश वर्मा तथा डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता श्रवण सचान ने कहा कि आज देश व प्रदेश का पूरा कर्मचारी अटेवा के साथ है। उ0प्र0जल संस्थान के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र यादव एवं पी० एस० पी० एस० ए० के विनय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार निजीकरण समाप्त करे।अटेवा के महामंत्री डॉ0नीरजपति त्रिपाठी व विशिष्ट बी0टी0सी0 एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि सरकार हठधर्मिता त्याग कर पुरानी पेंशन बहाल करें अन्यथा जिस प्रकार लोकसभा के चुनावों में कर्मचारियों व शिक्षकों ने वोट फ़ॉर OPS की ताकत दिखाई है उसी प्रकार देश के कई राज्यों में होने वाले चुनावों में भी कर्मचारी अपनी ताकत दिखायेगा। मिनिस्ट्रीयल एसो ऑफ सर्किल ऑफिसेज के प्रदेश अध्यक्ष पवन गौतम महामंत्री अमित कुमार, अनुसचिवीय अधिष्ठान संघ के सुनील मिश्रा, योगेश वर्मा, के जी एम० यू० से शैलेन्द सिंह रावत, आक्रोश मार्च में स्वास्थ्य, सिंचाई, रेलवे, लोक निर्माण, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय समेत विभिन्न कर्मचारी व शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए। 

आक्रोश मार्च में प्रमुख रूप से डॉ0 रमेश चंद्र त्रिपाठी,  विक्रमादित्य मौर्य, नरेंद्र कुमार , रजत प्रहरी, प्रेमचंद, पंकज गुप्ता, दयाशंकर, राकेश कुमार, सुनील वर्मा, जिला महामंत्री विजय कुमार विश्वास, नरेंद्र कुमार श्री राम यादव, धीरेन्द्र, सुरेश प्रसाद, प्रदीप कुमार, मीना कुशवाहा, रमेरा कुमार, विवेक कुमार,  संगीता, डॉ0 वीना स्वामी, डा० इमरान, अजय सरोज, ए० पी० यादव,  डॉ0 अब्दुल रहीम सचिन पाण्डेय, समेत कई कर्मचारी नेता व पदाधिकारीगण मौजूद रहे।


Report: Zaheer Abbas 

Wednesday, September 18, 2024

मौलाना सय्यद नज़र हसन आबिदी का इंतकाल -समाज ने खोया एक नेक और बाअख़लाक़ रहनुमा

लखनऊ : मौलाना सैयद नज़र हसन आबिदी साहब का इंतकाल हो गया है। मौलाना साहब 52 साल के थे और अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो हमेशा उनकी याद दिलाती रहेगी। उनका मूल निवास साहोसावं, बिहार में था, जहां उनके माँ- वालिद फजले हसन साहब  ज़ोहर बाद होने वाली मिश्री की बगिया कब्रिस्तान में शिरकत के लिए आ रहे है ।


मौलाना सय्यद नज़र हसन आबिदी एक इल्म-ओ-तालीम के अलमबरदार थे, जिन्होंने अपनी तालीम जावादिया कॉलेज, बनारस से हासिल की और फिर सुलतानुल मदरसा में इस्लामी तालीम को मुकम्मल किया।

 इसके बाद वह पेशे इमामत से जुड़ गए मद्रास  में और लखनऊ की अमीनाबाद मस्जिद के पेश इमाम रहे,नमाज अली कॉलोनी की मस्जिद में 17  साल तक बतौर इमाम नमाज़ पढ़ाई। 

मौलाना साहब का मस्जिद से यह जुड़ाव न सिर्फ इबादतगुज़ारों के लिए एक रूहानी ताक़त था, बल्कि उन्होंने मजलिसों में भी अपने इल्मी और दीन-ओ-तकरीरी हुनर से लोगों के दिलों को रोशन किया।


मौलाना साहब के दो बेटे और एक बेटी हैं:


1. मोहम्मद हम्माद, जिन्होंने बी.टेक (कंप्यूटर साइंस) में तालीम हासिल की है।

2. अली जवाद, जो बी.एससी आई ई.टी मद्रास से पढ़ाई कर रहे है उनकी एक  बेटी है जो 12  में पढ़ रही है,


 मौलाना साहब की शरीक-ए-हयात भी अरसे से बीमार चल रही हैं, और इस मुश्किल घड़ी में परिवार के लिए सब्र का इम्तेहान है।


इखलास और इंसानियत की मिसाल


मौलाना सय्यद नज़र हसन आबिदी साहब की शख्सियत हमेशा से इखलास, मोहब्बत और इंसानियत की मिसाल रही है। वह बेहतरीन जाकिर थे, जो मजलिसों में अहलेबैत का पैग़ाम और शोहदा-ए-कर्बला का मकसद बयान करते थे। उनकी तकरीरें न सिर्फ इल्म की गहराइयों में डूबी होती थीं, बल्कि उसमें एक ऐसी दिलकशी होती थी, जो लोगों के दिलों पर गहरा असर डालती थी। उन्होंने हमेशा अपने मजलिसों में इंसानियत, खिदमत और इस्लामी तालीमात पर जोर दिया।


मौलाना साहब की जिंदगी का हर पहलू इखलास और सादगी से भरा हुआ था। वह न सिर्फ एक आलिम-ए-दीन थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जो हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनकी शख्सियत एक रहनुमा की तरह थी, जिनसे लोग रूहानी और इल्मी फायदा उठाते थे। उनके अच्छे अखलाक, मोहब्बत और खूलूस का बेहतरीन मयार हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।


शिया कॉलेज के लेक्चरर सैयद नज़र सिब्तेन रिज़वी ताज़ियत पेश करते हुए कहते है मौलाना सय्यद नज़र हसन आबिदी साहब का इंतकाल उनके परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 


उनके जाने से जो खला पैदा हुआ है, उसे भर पाना बेहद मुश्किल होगा। समाज ने एक ऐसे नेक इंसान, बेहतरीन आलिम और बाअखलाक़ शख्सियत को खो दिया, जिसने अपनी पूरी जिंदगी इंसानियत की खिदमत, दीन की तालीम और अहलेबैत के पैग़ाम को फैलाने में गुज़ारी।


मौलाना साहब के बेटों मोहम्मद हम्माद और अली जवाद के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है, लेकिन उनके वालिद की तालीम और रहनुमाई उनके लिए हमेशा एक रास्ता दिखाने वाली मशाल रहेगी। हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह मौलाना सय्यद नज़र हसन आबिदी साहब को जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए और उनके परिवार को इस मुश्किल घड़ी में सब्र-ए-जमील अता करे।

Thursday, September 12, 2024

समीक्षा बैठक कर परखा निपुण लक्ष्य की हकीकत, दिया सख्त निर्देश

  


गोण्डा। डायट दर्जीकुंआ पर बेसिक शिक्षा के निपुण लक्ष्य की हकीकत जानने के लिए समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। डायट प्राचार्य हिफज़ुर्रहमान के निर्देशन पर संस्थान में   खंड शिक्षा अधिकारियों, डायट प्रवक्ता, डायट मेंटर्स, एसआरजी व एआरपी की मासिक समीक्षा बैठक की गई | एजेंडा बिंदुओं के अनुसार विकास खंड स्तर पर चार दिवसीय एफ.एल.एन प्रशिक्षण की समीक्षा, शिक्षक संकुल की बैठक की समीक्षा मेंटर कैडर द्वारा शत प्रतिशत मेंटरिंग, एवं खंड शिक्षा अधिकारी एवं एआरपी एकेडमिक बैठक, खंड शिक्षा अधिकारीएवं हेड मास्टर्स की ब्लॉक स्तरीय बैठक, निपुण लक्ष्य ऐप पर किये जा रहे आकलन, वार्षिक निपुण कार्य योजना, शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की गई | एवं निर्देश दिए गए कि निपुण लक्ष्य ऐप पर आकलन अवश्य किया जाए जिससे कि निपुण बच्चों की संख्या और अनिपुण   बच्चों की संख्या निर्धारित हो सके |बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि सभी लोग मिल कर टीम भावना से काम करें जिससे ससमय निपुण लक्ष्य को पूरा किया जा सके। 

 डायट प्राचार्य ने विद्यालय को निपुण बनाने के लिए सभी की प्रतिबद्धता एवं उत्तरदायित्व निर्धारण की बात करते हुए  खंड शिक्षा अधिकारी एवं डायट मेंटर को निर्देशित किया कि अक्टूबर माह में होने वाले निपुण आकलन की सारणीबद्ध तैयारी की जाए जिससे की अपेक्षित परिणाम मिल सके | 

   डायट प्रवक्ता ज्ञान बहादुर ने विभाग द्वारा विद्यालयों को प्राप्त कराई गई अधिगम सामग्री एवं शिक्षक डायरी का शत प्रतिशत उपयोग करने का आवाहन  किया | इस अवसर पर  बीईओ चन्द्रभूषण पाण्डेय, हर्षित पाण्डेय, प्रवक्ता सौमित्र सिंह, राम तेज वर्मा, मोहम्मद शरीफ, बीबी सिंह, ओमकार नाथ चौधरी, गणेश कुमार, एसआरजी कमलेश पाण्डेय, विनीता कुशवाहा, केवी लाल, एआरपी संजय कुमार, अशोक मौर्य, जावेद कमर, रखाराम गुप्ता,मोहम्मद अनीस, गंगेश्वर प्रसाद, घनश्याम मौर्य, संजय रहे।



दिवंगत के परिवार को पार्टी ने दी आर्थिक मदद

गोंडा  : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिले का प्रतिनिधि मंडल दिवंगत के घर पहुंच कर सांत्वना दिया।गोण्डा सद...