मारुफ़ मुअल्लिफ़,मुसन्निफ़ इंजीनियर अलहाज बशीरुल हसन ख़ान कस्टुआई की किताब तफ़हीम अल-सहीहीन की शानदार रस्मे इजरा
लखनऊ : उर्दू अदब के शहर लखनऊ में गुज़िशता रोज़ रस्में इजरा की तक़रीब मस्जिद ए ज़हरा हाता मिर्ज़ा अली ख़ान में मुनक़्क़िद हुई । मारुफ़ मुअलिफ़ अलहाज इंजीनियर बशीरुल हसन ख़ान की एक और नई किताब तफ़हीम अल सहीहीन की शानदार रस्मे इजरा इक पुर वेकार तक़रीब में मुनक्किद हुई इस मौके पर उर्दू अदब से वाबस्ता मुख्तलिफ़ इलमी व अदबी शख्सियतों ने शिरकत की और मुअललिफ़ की इल्मी व अदबी ख़िदमात को ख़िराजे तहसीन पेश किया। तक़रीब की सदारत हुज्जतुल इस्लाम मौलाना मन्ज़र सादिक साहब ने की ! जब की मेहमान ए ख़ुसूसी के तौर पर हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैय्यद गुलज़ार हुसैन जाफ़री (तारागढ़) अजमेर। इसके अलावा सलमान अब्बास साहब, और दिगर मुक़ामी मोमिनीन भी तक़रीब में शरीक रहे। तक़रीब का आगाज़ तिलावते कुरान ए पाक और हदीस ए किसा से हुआ जिसके बाद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना सैयद गुलज़ार हुसैन जाफरी साहब ने किताब की अहेमियत और मोअललिफ़ की ख़ुसूसी तारीफ़ की और तख़लीक़ी सलाहियतों पर रौशनी डाली। उन्हों ने कहा अलहाज बशीरुल हसन ख़ान साहब की ये किताब उर्दू अदब में एक ख़ुशशगवार इज़ाफ़ा है। तफ़हीम अल सहीहीन में मुअललिफ़ ने इ...


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