अलीगढ़,15 जून । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय की रैंकिंग में गिरावट का कारण बनी गलती को सुधारने की मांग की है। एएमयू के एक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को शनिवार को लिखे पत्र में आग्रह किया है कि वह नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के डेटा में हुई गलती को ठीक कराएं।
कुलपति ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान पीएचडी आउटकम के मामले में हुई गंभीर अनियमितता की तरफ दिलाते हुए कहा कि इसी वजह से एनआईआरएफ की रैंकिंग में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 31वें स्थान पर पहुंच गया। पिछले साल वह 18वीं पायदान पर था। कुलपति ने पत्र में कहा कि एएमयू में 2911 पूर्णकालिक शोध छात्र हैं जबकि एनआईआरएफ के डेटा में इनकी संख्या मात्र 33 दिखाई गई है। उन्होंने दलील दी कि निर्धारित किए गए 5 मानकों में से चार पर एएमयू ने बेहतर स्कोर किया है। हालांकि ग्रेजुएशन आउटकम के पैमाने पर उसकी रैंकिंग में गिरावट आई है।
प्रोफ़ेसर मंसूर ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से गुजारिश की है कि वह रैंकिंग के काम में हुई इन त्रुटियों में जल्द से जल्द सुधार करा दें क्योंकि रैंकिंग में गिरावट की वजह से एएमयू के छात्रों की करियर की संभावनाएं प्रभावित होंगी। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जारी हुई एनआईआरएफ की रैंकिंग में एएमयू को 31 में स्थान दिया गया है।
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